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Lalitpur News: लोक गायक के खाते से उड़ाए 1.05 लाख रुपये
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ललितपुर। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपनाकर अपना शिकार बना रहे हैं। अब साइबर ठग आम लोगों के व्हाट्सएप पर वाहन के चालान की एपीके फाइल भेजकर मोबाइल फोन का एक्सेस ले रहे हैं। ऐसी ही एक घटना में लोक गायक कलाकार रामप्रकाश तूफानी के व्हाट्सएप पर उसके चार पहिया वाहन के चालान की एपीके फाइल भेजकर साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस लिया और उसके खाते से 1.05 लाख निकाल लिए। ठगी होने का पता चलने पर पीड़ित ने डायल-112 और साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मसौरा कलां निवासी रामप्रकाश कुशवाहा तूफानी पेशे से लोक गायक कलाकार हैं। रामप्रकाश ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसके व्हाट्सएप पर एक चालान की फाइल एक नंबर से आई। इस फाइल को देखकर उसने अपने वाहन के हुए चालान का कागज होना समझा और इसे डाउनलोड कर लिया। इसके बाद वह अपने काम में व्यस्त हो गया था। कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन हैक हो गया और उसके मोबाइल फोन पर बैंक की ओर से रुपये निकाले जाने वाले मैसेज आने लगे। जब उसने मोबाइल फोन को चलाने का प्रयास किया तो वह हैक था। इस बीच साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खाते से अलग-अलग करीब 1 लाख 3 हजार 500 रुपये निकाल चुके थे। यह देखकर उसने एक अन्य मोबाइल से उसने डायल-112 को कॉल किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। तब उसे बताया गया कि वह तत्काल साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। जिसके बाद उसने साइबर हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और उनके द्वारा बताए गए दिशा निर्देशानुसार बैंक में सूचना दी। कोतवाली की साइबर सेल में पहुंचकर शिकायत की। जिसके बाद साइबर सेल जांच करने में जुट गई। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें-
गोल्डन आवर का करें उपयोग
साइबर धोखाधड़ी होने पर पहले एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है। इस समय में साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
ऑनलाइन पोर्टल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर अपराध से बचाव के लिए रहें सतर्क
ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंक खाता विवरण किसी को न दें।
किसी भी अनजान ईमेल, मैसेज और सोशल मीडिया पर आए अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
केवाईसी अपडेट, मुफ्त उपहार के झांसे वाले संदेशों को लेकर सावधान रहें।
सोशल मीडिया और बैंकिंग खातों के लिए अलग-अलग और जटिल पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें।
खातों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मल्टी फैक्टर या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल रखें।
सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई का उपयोग करते समय संवेदनशील या बैंकिंग लेनदेन करने से बचें।
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कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मसौरा कलां निवासी रामप्रकाश कुशवाहा तूफानी पेशे से लोक गायक कलाकार हैं। रामप्रकाश ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसके व्हाट्सएप पर एक चालान की फाइल एक नंबर से आई। इस फाइल को देखकर उसने अपने वाहन के हुए चालान का कागज होना समझा और इसे डाउनलोड कर लिया। इसके बाद वह अपने काम में व्यस्त हो गया था। कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन हैक हो गया और उसके मोबाइल फोन पर बैंक की ओर से रुपये निकाले जाने वाले मैसेज आने लगे। जब उसने मोबाइल फोन को चलाने का प्रयास किया तो वह हैक था। इस बीच साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खाते से अलग-अलग करीब 1 लाख 3 हजार 500 रुपये निकाल चुके थे। यह देखकर उसने एक अन्य मोबाइल से उसने डायल-112 को कॉल किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। तब उसे बताया गया कि वह तत्काल साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। जिसके बाद उसने साइबर हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और उनके द्वारा बताए गए दिशा निर्देशानुसार बैंक में सूचना दी। कोतवाली की साइबर सेल में पहुंचकर शिकायत की। जिसके बाद साइबर सेल जांच करने में जुट गई। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें-
गोल्डन आवर का करें उपयोग
साइबर धोखाधड़ी होने पर पहले एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है। इस समय में साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
ऑनलाइन पोर्टल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर अपराध से बचाव के लिए रहें सतर्क
ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंक खाता विवरण किसी को न दें।
किसी भी अनजान ईमेल, मैसेज और सोशल मीडिया पर आए अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
केवाईसी अपडेट, मुफ्त उपहार के झांसे वाले संदेशों को लेकर सावधान रहें।
सोशल मीडिया और बैंकिंग खातों के लिए अलग-अलग और जटिल पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें।
खातों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मल्टी फैक्टर या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल रखें।
सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई का उपयोग करते समय संवेदनशील या बैंकिंग लेनदेन करने से बचें।