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बिल जमा करने के बाद भी लाखों के बिल
lalitpur
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:35 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। बिजली विभाग में विद्युत उपभोग का भुगतान जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के बिजली के बिल थमाए जा रहे हैं। किसी का बिल एक लाख तो किसी का 67 हजार या फिर किसी को इससे भी अधिक बिल मिलने से उपभोक्ताओं बिजली विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वर्तमान में नई बिलिंग कंपनी आने के बाद भी विद्युत बिलिंग में सुधार नहीं हो पा रहा है, जिससे नई बिलिंग का कार्य शुरुआत में ही सवालों के घेरे में नजर आने लगा है।
विद्युत विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति मुहैया कराता है, इसके लिए विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को विद्युत उपभोग के सापेक्ष बिजली का बिल मुहैया कराता है। लेकिन आए दिन उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले विद्युत बिलों में भारी अनियमितताओं की शिकायत हर समय की जाती रही है। वहीं, मीटर रीडरों की कार्यप्रणाली भी हमेशा से शक के दायरे में रही है। इसके चलते इस माह से बिजली विभाग में विद्युत बिलिंग को पारदर्शी बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है, जिसके अंतर्गत 14 मीटर रीडरों के माध्यम से बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि इनमें चार मशीनें शुरुआत से भी खराब हो गईं, जिस के चलते चार मीटर रीडरों का कार्य ठप पड़ा हुआ है, जिससे शहर के कई मुहल्लों में तो बिल ही नहीं बनाए जा पा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता बिल बनाने के लिए ही विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ऐसे में उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं और विभाग को भी राजस्व हानि हो रही है। नई कंपनी द्वारा बिलिंग कार्य के शुरुआत में ही शिकायतें मिलना शुरू हो गई हैं। लेकिन अब तो यहां शिकायतों का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जो उपभोक्ता अपना विद्युत बिल पिछले माह में भर चुके हैं, अब नई बिलिंग कंपनी द्वारा उन उपभोक्ताओं को हजारों-लाखों के बिल निकालकर थमाए जा रहे हैं। मुहल्ला आजादपुरा निवासी सुखनंदन पुत्र बाबूलाल ने बताया कि उन्होंने 18 हजार 205 रुपये का पुराना बिल 14 मई 2018 को भर दिया था, इसके बाद अब उसे वर्तमान में एक लाख नौ हजार 67 रुपए का बिल थमा दिया है। जबकि वह पूर्व में बिल जमा कर चुका है। इसी प्रकार शिवप्रसाद पटेल ने बताया कि उसने विगत वर्ष 11वें महीने में अपने बिल का भुगतान कर दिया था। इसके बाद भी उसे 12वें महीने ही करीब 47 हजार रुपये का बिल दिया गया था, जिसके बाद अब उसे वर्तमान में करीब दस माह का बिल 67 हजार 887 रुपये दिया गया है। इसी प्रकार इलाइट चौराहा के पास वंशीपुरा निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उसे शुरुआत में तो बिल ही नहीं दिया गया, लेकिन अब उसे एकाएक करीब एक लाख छह हजार 411 रुपये का बिल दे दिया है। जबकि उसकी स्थिति एक साथ इतना अधिक बिल भरने की नहीं है। बिजली के बिलों में इतनी अधिक गड़बड़ियां देख उपभोक्ताओं के होश उड़े हुए हैं। यदि शीघ्र ही बिलिंग प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ जाएगी और विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी उपभोक्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ रही है।
बिल नहीं बनाए जाने से राजस्व वसूली प्रभावित
बड़े उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर बिजली के बिल नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे जब वसूली टीम इन उपभोक्ताओं के द्वार पहुंच रही है तो उपभोक्ताओं द्वारा बिल नहीं बनाए जाने की बात कही जा रही है, जिससे राजस्व वसूली टीम को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। सोमवार को विद्युत वसूली टीम जब उपभोक्ताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंची, जिसमें सेंट्रल बैंक स्टेशन, पंजाब बैंक, संजय कुुमार, परशुुराम, संजीव कुमार, तिजू साहू, आईओबी बैंक, सुभाष चंद्र, अखिलेश कुुमार, रुरिया समैया, मीरा साहू, जाहर खान, अभिशेक सराफ, कैलाश नारायण आदि के बिल नहीं बनाए जाने पर टीम को बिना वसूली के ही वापस लौटना पड़ा।
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पार्टी नेताओं समेत कइयों के बकाएदारी पर काटे कनेक्शन
बिजली विभाग की टीम ने सोमवार को लाखों की विद्युत बकाएदारी होने पर राजनीतिक पार्टी के नेता समेत कई लोगों के विद्युत कनेक्शन काट दिए। सोमवार को विद्युत टीम द्वारा एक पिसनारी निवासी दुर्गा प्रसाद पर एक लाख दो हजार 215 रुपये की बकाएदारी होने पर कनेक्शन काट दिया। वहीं गौरीशंकर पर 90 हजार 659 रुपये, सरोजराय पर एक लाख 26 हजार 472 रुपये, दीपक पर 51 हजार 220 रुपये, सुशीला पर आठ हजार 831 रुपये, रामबाबू पर 51 हजार 443 रुपये, इंद्रभूषण पर 86 हजार बीस रुपये, शकील खां पर 51 हजार 196 रुपये, सुरेश चंद्र पर 41 हजार 756 रुपये, गिरिराज पर 13 हजार 195 रुपये, घनश्याम पर 36 हजार 257 रुपये, रामकली पर 13 हजार 845 रुपये और गौरव कुमार पर 54 हजार 530 रुपये की बकाएदारी होने पर उक्त सभी लोगों के कनेक्शन काट दिए हैं।
नई बिलिंग कंपनी को बिलिंग का कार्य सौंपा गया है, शुरुआत में दिक्कत आ रही है, लेकिन शीघ्र ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा। यदि बिलों में गड़बड़ियां आ रही हैं, तो उपभोक्ता कार्यालय में पहुंचने पर उनका बिल सुधरवाया जाएगा।
पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल।
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विद्युत विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति मुहैया कराता है, इसके लिए विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को विद्युत उपभोग के सापेक्ष बिजली का बिल मुहैया कराता है। लेकिन आए दिन उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले विद्युत बिलों में भारी अनियमितताओं की शिकायत हर समय की जाती रही है। वहीं, मीटर रीडरों की कार्यप्रणाली भी हमेशा से शक के दायरे में रही है। इसके चलते इस माह से बिजली विभाग में विद्युत बिलिंग को पारदर्शी बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है, जिसके अंतर्गत 14 मीटर रीडरों के माध्यम से बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि इनमें चार मशीनें शुरुआत से भी खराब हो गईं, जिस के चलते चार मीटर रीडरों का कार्य ठप पड़ा हुआ है, जिससे शहर के कई मुहल्लों में तो बिल ही नहीं बनाए जा पा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता बिल बनाने के लिए ही विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ऐसे में उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं और विभाग को भी राजस्व हानि हो रही है। नई कंपनी द्वारा बिलिंग कार्य के शुरुआत में ही शिकायतें मिलना शुरू हो गई हैं। लेकिन अब तो यहां शिकायतों का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जो उपभोक्ता अपना विद्युत बिल पिछले माह में भर चुके हैं, अब नई बिलिंग कंपनी द्वारा उन उपभोक्ताओं को हजारों-लाखों के बिल निकालकर थमाए जा रहे हैं। मुहल्ला आजादपुरा निवासी सुखनंदन पुत्र बाबूलाल ने बताया कि उन्होंने 18 हजार 205 रुपये का पुराना बिल 14 मई 2018 को भर दिया था, इसके बाद अब उसे वर्तमान में एक लाख नौ हजार 67 रुपए का बिल थमा दिया है। जबकि वह पूर्व में बिल जमा कर चुका है। इसी प्रकार शिवप्रसाद पटेल ने बताया कि उसने विगत वर्ष 11वें महीने में अपने बिल का भुगतान कर दिया था। इसके बाद भी उसे 12वें महीने ही करीब 47 हजार रुपये का बिल दिया गया था, जिसके बाद अब उसे वर्तमान में करीब दस माह का बिल 67 हजार 887 रुपये दिया गया है। इसी प्रकार इलाइट चौराहा के पास वंशीपुरा निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि उसे शुरुआत में तो बिल ही नहीं दिया गया, लेकिन अब उसे एकाएक करीब एक लाख छह हजार 411 रुपये का बिल दे दिया है। जबकि उसकी स्थिति एक साथ इतना अधिक बिल भरने की नहीं है। बिजली के बिलों में इतनी अधिक गड़बड़ियां देख उपभोक्ताओं के होश उड़े हुए हैं। यदि शीघ्र ही बिलिंग प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ जाएगी और विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी उपभोक्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ रही है।
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बिल नहीं बनाए जाने से राजस्व वसूली प्रभावित
बड़े उपभोक्ताओं के कनेक्शनों पर बिजली के बिल नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे जब वसूली टीम इन उपभोक्ताओं के द्वार पहुंच रही है तो उपभोक्ताओं द्वारा बिल नहीं बनाए जाने की बात कही जा रही है, जिससे राजस्व वसूली टीम को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। सोमवार को विद्युत वसूली टीम जब उपभोक्ताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंची, जिसमें सेंट्रल बैंक स्टेशन, पंजाब बैंक, संजय कुुमार, परशुुराम, संजीव कुमार, तिजू साहू, आईओबी बैंक, सुभाष चंद्र, अखिलेश कुुमार, रुरिया समैया, मीरा साहू, जाहर खान, अभिशेक सराफ, कैलाश नारायण आदि के बिल नहीं बनाए जाने पर टीम को बिना वसूली के ही वापस लौटना पड़ा।
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पार्टी नेताओं समेत कइयों के बकाएदारी पर काटे कनेक्शन
बिजली विभाग की टीम ने सोमवार को लाखों की विद्युत बकाएदारी होने पर राजनीतिक पार्टी के नेता समेत कई लोगों के विद्युत कनेक्शन काट दिए। सोमवार को विद्युत टीम द्वारा एक पिसनारी निवासी दुर्गा प्रसाद पर एक लाख दो हजार 215 रुपये की बकाएदारी होने पर कनेक्शन काट दिया। वहीं गौरीशंकर पर 90 हजार 659 रुपये, सरोजराय पर एक लाख 26 हजार 472 रुपये, दीपक पर 51 हजार 220 रुपये, सुशीला पर आठ हजार 831 रुपये, रामबाबू पर 51 हजार 443 रुपये, इंद्रभूषण पर 86 हजार बीस रुपये, शकील खां पर 51 हजार 196 रुपये, सुरेश चंद्र पर 41 हजार 756 रुपये, गिरिराज पर 13 हजार 195 रुपये, घनश्याम पर 36 हजार 257 रुपये, रामकली पर 13 हजार 845 रुपये और गौरव कुमार पर 54 हजार 530 रुपये की बकाएदारी होने पर उक्त सभी लोगों के कनेक्शन काट दिए हैं।
नई बिलिंग कंपनी को बिलिंग का कार्य सौंपा गया है, शुरुआत में दिक्कत आ रही है, लेकिन शीघ्र ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा। यदि बिलों में गड़बड़ियां आ रही हैं, तो उपभोक्ता कार्यालय में पहुंचने पर उनका बिल सुधरवाया जाएगा।
पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल।