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अब अर्धनग्न प्रदर्शन की घोषणा पर भी यू-टर्न

Sun, 30 Jul 2017 01:00 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sun, 30 Jul 2017 01:00 AM IST
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education mitra
प्रशासन - फोटो : demo pic
ललितपुर।
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 शिक्षामित्रों के नेताओं की संगठन पर से कमान ढीली पड़ती नजर आ रही है। यही कारण है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी शिक्षामित्र एक मत नहीं हो पा रहे हैं। पूर्व में शिक्षामित्रों ने धर्म परिवर्तन की बात पर यू-टर्न ले लिया है, वहीं शनिवार को नेताओं द्वारा सामूहिक रूप से पुरुष शिक्षामित्रों द्वारा मुंडन कराने व अर्धनग्न प्रदर्शन करने की बात कही गई थी, लेकिन अर्धनग्न प्रदर्शन नहीं किया गया और सैकड़ों शिक्षामित्रों में से लगभग 24 शिक्षामित्रों ने ही मुंडन कराया है।


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में शिक्षामित्रों द्वारा संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन विगत बुधवार से शुरू किया गया था, जो निरंतर जारी है। लेकिन इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षामित्र नेताओं की संगठन पर से कमान दिन व दिन ढीली होती जा रही है। विरोध प्रदर्शन को लेकर नेताओं द्वारा की जा रही घोषणाओं पर सभी शिक्षामित्र एक मत नहीं हो पा रहे हैं। विगत रोज शिक्षामित्र के नेताओं ने घोषणा की थी कि शनिवार को समस्त पुरुष शिक्षामित्र तीसरा के रूप में सामूहिक रूप से मुंडन कराकर अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन करेंगे और इस दौरान महिला शिक्षामित्र काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएंगी। शनिवार को समस्त शिक्षामित्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे। इस दौरान सर्वप्रथम संगठन नेताओं ने अपना मुंडन कराना शुरू किया तो अनेकों पुरुष शिक्षामित्र वहां से गायब हो गए। इसके बाद संगठन नेताओं व वक्ताओं ने सार्वजनिक मंच से समस्त पुरुष शिक्षामित्र से मुंडन कराने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस दौरान मात्र दो दर्जन ही शिक्षामित्रों ने मुंडन कराया। इसके अलावा अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन की घोषणा भी हवा-हवाई साबित हुई। कई शिक्षामित्रों ने इस निर्णय का समर्थन नहीं किया, जिससे अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन का निर्णय नेताओं को वापस लेना पड़ा। दोपहर करीब दो बजे तक चले इस धरना-प्रदर्शन के बाद समस्त शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाला। जुलूस घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक होते हुए जैन अटा मंदिर पहुंचा। यहां पर शिक्षामित्रों ने जैन भगवान से अपनी भविष्य के लिए प्रार्थना की। इसके बाद समस्त शिक्षामित्र तालाबपुरा व तुवन चौराहा मार्ग होते हुए भगवान शनि देव के पास अर्जी लगाने के लिए शनि मंदिर पहुंचे। इस दौरान मुख्य रुप से जिलाध्यक्ष भगबत सिंह बैस, बृजेन्द्र तिवारी, राघवेंद्र यादव, बृजेश टोटे, शैलेंद्र राजा, सतेंद्र यादव, बलराम भास्कर, रेखा लिटोरिया, उर्मिला, नीलम, आराधना, हरिदास, मीना, राघवेंद्र चौहान, रचना, वीर दुबे, सूर्यप्रताप सिंह, अंकित जैन, दयाराम विश्वकर्मा समेत सैंकड़ों महिला व पुरुष शिक्षामित्र शामिल रहे। वहीं संगठन रविवार को अपनी अर्जी लगाने के लिए चर्च पहुंचेगा।       
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तमाम संगठनों व नेताओं ने दिया समर्थन व आश्वासन      
विरोध प्रदर्शन व संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों को समर्थन व आश्वासन देने के लिए कई संगठनों व पार्टियों के नेतागण धरना स्थल पर पहुंचे। शनिवार को राज्य सभा सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव धरना स्थल पर पहुंचे, इस दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी मांग को संसद तक पहुंचने के लिए ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में भाजपाईयों को उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी शिक्षामित्रों को आश्वासन दिया और जिलाध्यक्ष नेमीचंद्र मौके पर पहुंचे। इसी क्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन व ग्राम प्रधान संगठन और किसान संगठनों के पदाधिकारी व नेता भी समर्थन देने के लिए पहुंचे। रोजगार सेवक संघ के संरक्षक रवि ववेले, अध्यक्ष संग्राम सिंह बुन्देला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक समेत अन्य नेतागण धरना स्थल पर पहुुंचे और समर्थन दिया।
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