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पढ़ाई को बनाया जा रहा आसान, डिजिटल तरीके से दे रहे ज्ञान

Tue, 29 Mar 2022 12:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 12:16 AM IST
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Education is being made easy, knowledge is being given in a digital way
ललितपुर। कोविड काल में दो साल तक ऑफलाइन क्लास से दूर रहे बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा कई पहल की जा रही हैं। बच्चों को स्मार्ट बोर्ड से पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही राइटिंग सुधारने के लिए राइटिंग और बोलचाल के लिए स्पीकिंग क्लास शुरू कराई गई है। वहीं परीक्षाओं में आसान और छोटे प्रश्न वाले पेपर कराए गए हैं, ताकि वह अगली क्लास में आसानी से पहुंच सकें।
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कोरोना काल के दौरान दो साल तक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया गया। जिसके चलते एसडीपीएस स्कूल में ऑनलाइन वीडियो क्लास करने के लिए वीडियो की भी ऑनलाइन स्क्रीन शेयर कराई गई, ताकि बच्चे पढ़ाई से जुड़े रहे। लेकिन इससे छात्र-छात्राओं में लिखने की आदत खत्म हो गई और उनकी राइटिंग पर भी असर पड़ा।
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अब स्कूलों का संचालन फिर से शुरू हो गया है, तो इसके लिए क्लास में स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था की गई है, साथ ही राइटिंग क्लासेस भी शुरू की गई हैं। डिक्टेशन पेपर भी रखा गया है। छोटे बच्चों को सिस्टम में बैठाने के लिए अलग से आकर्षित करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षाओं में उनके लिए पेपर आसान और शॉर्ट प्रश्न बनाए गए हैं, ताकि बच्चे आसानी से प्रश्नों को हल करके अगली कक्षा में प्रवेश पा सकें। बच्चों को स्कूल में ही अलग से रिवीजन कराया जा रहा है। वहीं कमजोर बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया है, जिसमें वे कोई भी दिक्कत होने पर ग्रुप में शेयर कर सकें। स्कूल खुलने पर बच्चे आनलाइन से आफलाइन पढ़ाई में ज्यादा रुचि ले रहे हैं और उत्साहित भी हैं।
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ऑनलाइन पढ़ाई होने से बच्चों की राइटिंग पर ज्यादा असर पड़ा है। इसके लिए अब स्कूलों में अलग से लेख सुधारने के लिए क्लास लगवाई जा रही है। बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के लिए स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से आकर्षित वीडियो आदि दिखाकर रोचकता लाई जा रही है, ताकि बच्चे पढ़ाई के प्रति रुचि ले सकें।- राशि अरोड़ा, शिक्षिका, एसडीपीएस
स्कूल आने वाले कमजोर बच्चों के लिए अलग से ग्रुप बनाकर उन्हें जोड़ा गया है और उनसे पढ़ाई के कठिन विषय या टॉपिक के बारे में जानकारी लेकर उन्हें उस टॉपिक के बारे में अलग से समझाया जाता है। परीक्षा में भी आसान प्रश्नपत्र दिए जा रहे हैं, ताकि बच्चे आसानी से हल करके अगली कक्षा में पहुंच सके, जो बहुत ही ज्यादा वीक हैं। उनके अभिभावकों को बुलाकर उनसे भी बच्चों को पढ़ाई में मदद करने की बात कही जा रही है। - पूजा जैन, शिक्षिका, एसडीपीएस

स्कूल में बच्चों के लिए स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था की गई है। स्कूलों में आने वाले बच्चों के लिए बसों में ही थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था, तीन अलग-अलग गेटों से प्रवेश की व्यवस्था, गेम्स में भी बच्चों को दूरियों के साथ रहकर गेम्स खेलने के इंतजाम और निगरानी की जा रही है। दूसरे स्कूल से आने वाले कमजोर बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। -प्रवीण चौधरी, प्रबंधक, एसडीपीएस इंटरनेशनल स्कूल
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