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Lalitpur News: एक माह में बांधों के जलस्तर में 40 सेमी से 1.20 मीटर की गिरावट
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भीषण गर्मी से जहां नदी-नाले, तालाब-पोखर सूख रहे हैं, वहीं एक माह के दौरान बांधों का जलस्तर भी 40 सेंटीमीटर से लेकर 1.20 मीटर तक घटा है। कुछ बांधों का जलस्तर अपने न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के करीब हैं। मानसून लेट होने पर लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मानसून आने पर इन बांधों के पुन: पूर्ण स्तर तक भर जाने की उम्मीद जताई है।
जनपद में 14 बांध परियोजनाएं हैं, जिनके माध्यम से लोगों को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। मई में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहा। इस भीषण गर्मी के चलते बांधों के जलस्तर में गिरावट होने लगी। एक मई से एक जून तक के आंकड़ों पर गौर करें तो बांधों का जलस्तर 40 सेंटीमीटर से लेकर 1.20 मीटर तक नीचे गिरा। सबसे ज्यादा जलस्तर राजघाट बांध का 1.20 मीटर तक नीचे गिरा। जामनी, सजनाम, रोहिणी, उटारी, लाेअर रोहिणी, भावनी और बंडई बांध का जलस्तर इनके न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के करीब है।
जून में पड़ने वाली गर्मी में बांधों के जलस्तर में और भी गिरावट होने की संभावना है। इसी प्रकार गर्मी पड़ती रही और मानसून आने में देरी हुई तो लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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ग्यारह बांधों पर हर घर जल नल योजना है संचालित
वर्ष 2020 में हर घर जल नल योजना के तहत 15 पाइप पेयजल योजनाओं का काम शुरू हुआ। इनमें 12 पेयजल परियोजनाएं ऐसी हैं जो 11 बांधों पर संचालित होनी हैं। राजघाट बांध, कचनौंदा बांध, जमरार बांध, लोअर रोहिणी बांध, रोहिणी बांध, भौंरट बांध, शहजाद बांध, जामनी बांध, सजनाम बांध, भावनी बांध, बंडई बांध इसमें शामिल है। जामनी बांध पर दो पाइप पेयजल योजनाएं संचालित हैं।
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मई से जून तक बांधों के जलस्तर का आकलन
बांध का नाम - पूर्ण जलस्तर - न्यूनतम जलस्तर - 1 मई का जलस्तर - 1 जून का जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 357.83 मी. - 360.49 मी. - 360.03 मी.
शहजाद - 321.00 मी. - 310.50 मी. - 318.65 मी. - 318.00 मी.
जामनी - 403.55 मी. - 396.39मी. - 397.64 मी. - 397.21 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 367.20 मी. - 369.58 मी. - 368.94 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 393.00 मी. - 393.50 मी. - 393.10 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 322.80 मी. - 323.10 मी. - 322.65 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 356.62 मी. - 362.80 मी. - 361.60 मी.
माताटीला - 308.40 मी. - 295.66 मी. - 301.97 मी. - 301.45 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 334.75 मी. - 340.80 मी. - 340.40 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 363.35 मी. - 364.40 मी. - 363.60 मी.
जमरार - 368.00 मी. - 363.00 मी. - 366.14 मी. - 365.50 मी.
भावनी - 312.38 मी. - 309.64 मी. - 311.70 मी. - 311.15 मी.
बंडई - 403.50 मी. - 397.00 मी. - 399.20 मी. - 398.55 मी.
भौंरट - 360.90 मी. - 354.55 मी. - 323.00 मी. - 322.00 मी.
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गर्मी के चलते बांधों के जलस्तर में गिरावट होती है। वर्तमान में बांधों में पर्याप्त पानी है और पेयजल का संकट नहीं है। जल्द मानसून आने वाला है। बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ जाएगा।
वीएन वर्मा, लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड
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ललितपुर। भीषण गर्मी से जहां नदी-नाले, तालाब-पोखर सूख रहे हैं, वहीं एक माह के दौरान बांधों का जलस्तर भी 40 सेंटीमीटर से लेकर 1.20 मीटर तक घटा है। कुछ बांधों का जलस्तर अपने न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के करीब हैं। मानसून लेट होने पर लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मानसून आने पर इन बांधों के पुन: पूर्ण स्तर तक भर जाने की उम्मीद जताई है।
जनपद में 14 बांध परियोजनाएं हैं, जिनके माध्यम से लोगों को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। मई में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहा। इस भीषण गर्मी के चलते बांधों के जलस्तर में गिरावट होने लगी। एक मई से एक जून तक के आंकड़ों पर गौर करें तो बांधों का जलस्तर 40 सेंटीमीटर से लेकर 1.20 मीटर तक नीचे गिरा। सबसे ज्यादा जलस्तर राजघाट बांध का 1.20 मीटर तक नीचे गिरा। जामनी, सजनाम, रोहिणी, उटारी, लाेअर रोहिणी, भावनी और बंडई बांध का जलस्तर इनके न्यूनतम स्तर तक पहुंचने के करीब है।
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जून में पड़ने वाली गर्मी में बांधों के जलस्तर में और भी गिरावट होने की संभावना है। इसी प्रकार गर्मी पड़ती रही और मानसून आने में देरी हुई तो लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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ग्यारह बांधों पर हर घर जल नल योजना है संचालित
वर्ष 2020 में हर घर जल नल योजना के तहत 15 पाइप पेयजल योजनाओं का काम शुरू हुआ। इनमें 12 पेयजल परियोजनाएं ऐसी हैं जो 11 बांधों पर संचालित होनी हैं। राजघाट बांध, कचनौंदा बांध, जमरार बांध, लोअर रोहिणी बांध, रोहिणी बांध, भौंरट बांध, शहजाद बांध, जामनी बांध, सजनाम बांध, भावनी बांध, बंडई बांध इसमें शामिल है। जामनी बांध पर दो पाइप पेयजल योजनाएं संचालित हैं।
मई से जून तक बांधों के जलस्तर का आकलन
बांध का नाम - पूर्ण जलस्तर - न्यूनतम जलस्तर - 1 मई का जलस्तर - 1 जून का जलस्तर
गोविंद सागर - 363.93 मी. - 357.83 मी. - 360.49 मी. - 360.03 मी.
शहजाद - 321.00 मी. - 310.50 मी. - 318.65 मी. - 318.00 मी.
जामनी - 403.55 मी. - 396.39मी. - 397.64 मी. - 397.21 मी.
सजनाम - 373.20 मी. - 367.20 मी. - 369.58 मी. - 368.94 मी.
रोहिणी - 396.39 मी. - 393.00 मी. - 393.50 मी. - 393.10 मी.
उटारी - 326.80 मी. - 322.80 मी. - 323.10 मी. - 322.65 मी.
राजघाट - 371.00 मी. - 356.62 मी. - 362.80 मी. - 361.60 मी.
माताटीला - 308.40 मी. - 295.66 मी. - 301.97 मी. - 301.45 मी.
कचनौंदा - 341.70 मी. - 334.75 मी. - 340.80 मी. - 340.40 मी.
लोअर रोहिणी - 368.00 मी. - 363.35 मी. - 364.40 मी. - 363.60 मी.
जमरार - 368.00 मी. - 363.00 मी. - 366.14 मी. - 365.50 मी.
भावनी - 312.38 मी. - 309.64 मी. - 311.70 मी. - 311.15 मी.
बंडई - 403.50 मी. - 397.00 मी. - 399.20 मी. - 398.55 मी.
भौंरट - 360.90 मी. - 354.55 मी. - 323.00 मी. - 322.00 मी.
गर्मी के चलते बांधों के जलस्तर में गिरावट होती है। वर्तमान में बांधों में पर्याप्त पानी है और पेयजल का संकट नहीं है। जल्द मानसून आने वाला है। बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ जाएगा।
वीएन वर्मा, लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई खंड