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Lalitpur News: मांगने पर भी नहीं मिला काम...मजदूरों को भत्ते का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-सिलावन। छह विकास खंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत विगत नौ माह में 2678 मजदूरों ने काम की मांग की थी, किंतु जिम्मेदार मांग के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दे सके। अब मजदूराें को बेरोजगारी भत्ते का इंतजार है।
ग्रामीण मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने व महानगर की ओर पलायन रोकने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना संचालित की जा रही है, इसमें प्रत्येक जॉबकार्ड धारी परिवार को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर काम न दिए जाने की स्थिति में मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। छह विकास खंडों में 1,82,341 जॉबकार्ड धारक हैं, जिसमें 1,45,716 सक्रिय जॉबकार्ड धारक परिवार हैं। एमआईएस फीडिंग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार छह विकास खंडों में वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक 2678 मजदूरों को काम मांगने के बाद भी ग्राम पंचायतें काम नहीं दे सकीं। ऐसी स्थिति में नौ माह बाद मजदूरों को अब बेरोजगारी भत्ते का इंतजार है।
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ब्लॉक स्तर पर एक नजर
विकास खंड बेरोजगारी भत्ता के पात्र मजदूर
बार 198
बिरधा 653
जखौरा 624
मडावरा 346
महरौनी 419
तालबेहट 438
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कुल
2678
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ऐसे किया जाता है बेरोजगार भत्ते की राशि का आकलन
मनरेगा के तहत मजदूर के काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य है। यदि किसी कारणवश 15 दिनों के अंदर रोजगार प्राप्त नहीं होता है तो सरकार द्वारा उसे बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता पहले 30 दिन का एक चौथाई होता है। इसके बाद यह न्यूनतम मजदूरी दर का आधा प्रदान किया जाता है।
-- -- -- -- बोले जिम्मेदार
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ललितपुर-सिलावन। छह विकास खंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत विगत नौ माह में 2678 मजदूरों ने काम की मांग की थी, किंतु जिम्मेदार मांग के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दे सके। अब मजदूराें को बेरोजगारी भत्ते का इंतजार है।
ग्रामीण मजदूरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने व महानगर की ओर पलायन रोकने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना संचालित की जा रही है, इसमें प्रत्येक जॉबकार्ड धारी परिवार को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर काम न दिए जाने की स्थिति में मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। छह विकास खंडों में 1,82,341 जॉबकार्ड धारक हैं, जिसमें 1,45,716 सक्रिय जॉबकार्ड धारक परिवार हैं। एमआईएस फीडिंग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार छह विकास खंडों में वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक 2678 मजदूरों को काम मांगने के बाद भी ग्राम पंचायतें काम नहीं दे सकीं। ऐसी स्थिति में नौ माह बाद मजदूरों को अब बेरोजगारी भत्ते का इंतजार है।
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ब्लॉक स्तर पर एक नजर
विकास खंड बेरोजगारी भत्ता के पात्र मजदूर
बार 198
बिरधा 653
जखौरा 624
मडावरा 346
महरौनी 419
तालबेहट 438
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कुल
2678
ऐसे किया जाता है बेरोजगार भत्ते की राशि का आकलन
मनरेगा के तहत मजदूर के काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य है। यदि किसी कारणवश 15 दिनों के अंदर रोजगार प्राप्त नहीं होता है तो सरकार द्वारा उसे बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता पहले 30 दिन का एक चौथाई होता है। इसके बाद यह न्यूनतम मजदूरी दर का आधा प्रदान किया जाता है।
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