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गेहूं में बालू मिलाने के मामले में कांग्रेस मंडलायुक्त से करेंगी जांच की मांग
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पत्रकार वार्ता करते पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ ने कहा कि नदी में गेहूं होता नहीं है तो गेहूं में बालू कहां से आ गई? गेहूं में बजरी निकली, जिसे एफसीआई द्वारा पकड़ा जा रहा है। दोषी पर कार्रवाई करने की जगह उसे क्लीन चिट दी जा रही है। इसकी दोबारा जांच हो। वह कमिश्नर से मिलकर जांच की मांग करेंगे और झांसी में बड़ा आंदोलन करेंगे।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार चल रहा है, जिसे कांग्रेसजनों ने बेनकाब किया है। किस तरह से एक फर्म द्वारा अन्नदाताओं को ठगने का काम किया गया। गेहूं में बजरी मिलाई गई और उसे गोदाम तक पहुंचाया गया। जब मामला उजागर हो गया, तब प्रशासन की जिम्मेदारी बनती थी कि दोषी को जेल भेजने के बजाए उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एफसीआई ने इस मामले को पकड़ा था। नदी में गेहूं होता नहीं तो गेहूं में बजरी कहां से आ गई? इस मामले की दोबारा जांच होनी चाहिए। यदि इसकी अनदेखी हुई तो वे कमिश्नर से मिलेंगे व झांसी में बड़ा आंदोलन करेंगे। आरोप लगाया कि यह कोई एक मामला नहीं है। प्रशासन की मिलीभगत एवं संरक्षण से यह सब चल रहा है। इस मामले में आखिर सत्ताधारी दल के लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं। इससे उनकी संलिप्तता पुख्ता हो रही है।
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जैन ने कहा कि सौजना में एक विधवा महिला को संरक्षण मिलना चाहिए था, तो आधी रात के समय उसका मकान तोड़ दिया गया। इस मौके पर डा. सुनील तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, हरीबाबू शर्मा, अजय तोमर, बिट्टू राजा, महिला अध्यक्ष रेखा राजा गौर, शिवनारायण संज्ञा, रामगोपाल अहिरवार, समद खां, मो. आसिफ, इंद्रा, नीतू, असलम खान, संजय जाटव, संजीव हुंडैत, जहीर अली रानू पार्षद आदि उपस्थित रहे।
बता दें कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले में तीन दिन का उपवास किया था। आज उपवास का अंतिम दिन था। इसमें पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने हिस्सा लिया था।
डलिया वालों का रोजगार न छीना जाए
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने घंटाघर पर बैठकर डलिया बेचने का कारोबार करने वालों का रोजगार नहीं छीनने को कहा। दरअसल, पूर्व मंत्री के आने के बाद डलिया बेचने वालों को वहां से हटा दिया गया था, ताकि भीड़ इकट्ठी न हो। बाद में पूर्व मंत्री ने उन्हें यथास्थान पर बैठाने में सहयोग किया।
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पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार चल रहा है, जिसे कांग्रेसजनों ने बेनकाब किया है। किस तरह से एक फर्म द्वारा अन्नदाताओं को ठगने का काम किया गया। गेहूं में बजरी मिलाई गई और उसे गोदाम तक पहुंचाया गया। जब मामला उजागर हो गया, तब प्रशासन की जिम्मेदारी बनती थी कि दोषी को जेल भेजने के बजाए उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि एफसीआई ने इस मामले को पकड़ा था। नदी में गेहूं होता नहीं तो गेहूं में बजरी कहां से आ गई? इस मामले की दोबारा जांच होनी चाहिए। यदि इसकी अनदेखी हुई तो वे कमिश्नर से मिलेंगे व झांसी में बड़ा आंदोलन करेंगे। आरोप लगाया कि यह कोई एक मामला नहीं है। प्रशासन की मिलीभगत एवं संरक्षण से यह सब चल रहा है। इस मामले में आखिर सत्ताधारी दल के लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं। इससे उनकी संलिप्तता पुख्ता हो रही है।
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जैन ने कहा कि सौजना में एक विधवा महिला को संरक्षण मिलना चाहिए था, तो आधी रात के समय उसका मकान तोड़ दिया गया। इस मौके पर डा. सुनील तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, हरीबाबू शर्मा, अजय तोमर, बिट्टू राजा, महिला अध्यक्ष रेखा राजा गौर, शिवनारायण संज्ञा, रामगोपाल अहिरवार, समद खां, मो. आसिफ, इंद्रा, नीतू, असलम खान, संजय जाटव, संजीव हुंडैत, जहीर अली रानू पार्षद आदि उपस्थित रहे।
बता दें कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले में तीन दिन का उपवास किया था। आज उपवास का अंतिम दिन था। इसमें पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने हिस्सा लिया था।
डलिया वालों का रोजगार न छीना जाए
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने घंटाघर पर बैठकर डलिया बेचने का कारोबार करने वालों का रोजगार नहीं छीनने को कहा। दरअसल, पूर्व मंत्री के आने के बाद डलिया बेचने वालों को वहां से हटा दिया गया था, ताकि भीड़ इकट्ठी न हो। बाद में पूर्व मंत्री ने उन्हें यथास्थान पर बैठाने में सहयोग किया।