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प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर दी जान
lalitpur
Updated Wed, 04 May 2016 01:04 AM IST
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अात्महत्या
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। सोमवार की रात कोतवाली क्षेत्र के सिलगन गेट से थोड़ी दूर प्रेमी युगल ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों के परिजनों ने एक-दूसरे पर हत्या करके आत्महत्या दर्शाने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार शहर के मुहल्ला बड़ापुरा निवासी उमेश राठौर उर्फ मोनू (22 वर्ष) पुत्र मुकेश राठौर की शादी एक सामूहिक विवाह समारोह में 17 अप्रैल को हुई थी। सोमवार को ही उसकी पत्नी पहली विदा पर अपने मायके गई थी और रात में उसने प्रेमिका के साथ आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे सिलगन गेट से ललितपुर स्टेशन की ओर पटरियों पर युवक का क्षत-विक्षत शव व उससे थोड़ी दूरी पर युवती का शव पड़ा हुआ लोगों ने देखा। इसकी जानकारी रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन को दी। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और बरामद आधार कार्ड से युवक की पहचान हुई। मोनू सोमवार की दोपहर 12 बजे से अपने घर से गायब था। उसकी मोटरसाइकिल टीकमगढ़-सिंगरौली रेलवे लाइन के बगल में खड़ी मिली। युवती की पहचान मुहल्ला घुसयाना जेल चौराहा निवासी राखी (19) के रूप में हुई।
मोनू सोमवार की दोपहर बारह बजे घर से निकला था, जबकि राखी अपनी बुआ के घर मध्य प्रदेश के बीना में थी। बीना जाकर मोनू ने राखी को अपने साथ लिया और रात में सिलगन फाटक के पास दोनों ने आत्महत्या कर ली। हादसे की जानकारी मिलने पर दोनों के घरों में कोहराम मच गया।
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उधर, मृतक मोनू के पिता मुकेश ने आरोप लगाया है कि उसके पुत्र को सोमवार की दोपहर नदीपुरा का एक दोस्त अपने घर खाना खिलाने के नाम पर ले गया था। उसके पुत्र ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसके तीन दोस्तों ने साजिशन उसकी हत्या कर आत्महत्या का रूप दे दिया है। वहीं, मृतका के पिता पप्पू कुशवाहा ने बताया कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। मोनू उसे जबरदस्ती रेलवे लाइन पर ले गया और जबरन ट्रेन के आगे फेंक दिया।
शादी से एक दिन पहले गायब हो गया था युवक
ललितुपर। मोनू व राखी के प्रेम संबंधों की जानकारी दोनों के परिवारों को करीब छह महीने पहले हुई थी। दोनों के परिवार इसके खिलाफ थे। अपने प्रेम संबंध को लेकर मोनू शुरू से ही विद्रोही रूप अपनाए हुए था। उसके रुख को देखते हुए परिवार ने आनन-फानन में उसकी शादी समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में करा दी थी। 17 अप्रैल को आयोजित समारोह से एक दिन पहले ही मोनू घर से गायब हो गया था। उसके गायब होने की सूचना मिलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया था, बड़ी मशक्कत के बाद उसे तलाश कर शादी के लिए तैयार किया गया। राखी के परिजनों को जब जानकारी हुई कि शादी के बाद भी मोनू का उससे मिलना जारी है, तो उन्होंने राखी को बीना में बुआ के घर भेज दिया था। मोनू ने बीना जाकर पिछले हफ्ते राखी के साथ झांसी गेट पर स्थित मंदिर में मुलाकात की थी।
जहां से निकली बारात, वहीं से निकली अर्थी
प्रेमी युगल की आत्महत्या की जानकारी होने पर पूरे मुहल्ले में शोक का माहौल है, जिस घर से 15 दिन पहले ही लड़के को मां ने दूल्हा बनाकर बहू लिवाने भेजा था, 15 दिन के भीतर ही उसी बेटे की अर्थी निकलते देख पूरे परिवार का हाल बेहाल था।
तीन परिवार हुए नष्ट
घटना के बाद मृतक के पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस के बाहर खड़े लोग आपस में तीन परिवारों की बर्बादी की बात करते दिखे। लोगों का कहना था कि प्रेम संबंध को लेकर संजीदा मोनू अगर आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता था, तो उसे परिजनों से शादी के लिए साफ इंकार दूसरी लड़की की जिंदगी बर्बाद होने से बचा लेनी चाहिए थी। उनका कहना था कि मोनू व राखी तो दुनिया से चले गए, लेकिन मोनू से शादी करने वाली युवती का क्या होगा?, यह किसी ने नहीं सोचा।
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पुलिस के अनुसार शहर के मुहल्ला बड़ापुरा निवासी उमेश राठौर उर्फ मोनू (22 वर्ष) पुत्र मुकेश राठौर की शादी एक सामूहिक विवाह समारोह में 17 अप्रैल को हुई थी। सोमवार को ही उसकी पत्नी पहली विदा पर अपने मायके गई थी और रात में उसने प्रेमिका के साथ आत्महत्या कर ली। मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे सिलगन गेट से ललितपुर स्टेशन की ओर पटरियों पर युवक का क्षत-विक्षत शव व उससे थोड़ी दूरी पर युवती का शव पड़ा हुआ लोगों ने देखा। इसकी जानकारी रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन को दी। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और बरामद आधार कार्ड से युवक की पहचान हुई। मोनू सोमवार की दोपहर 12 बजे से अपने घर से गायब था। उसकी मोटरसाइकिल टीकमगढ़-सिंगरौली रेलवे लाइन के बगल में खड़ी मिली। युवती की पहचान मुहल्ला घुसयाना जेल चौराहा निवासी राखी (19) के रूप में हुई।
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मोनू सोमवार की दोपहर बारह बजे घर से निकला था, जबकि राखी अपनी बुआ के घर मध्य प्रदेश के बीना में थी। बीना जाकर मोनू ने राखी को अपने साथ लिया और रात में सिलगन फाटक के पास दोनों ने आत्महत्या कर ली। हादसे की जानकारी मिलने पर दोनों के घरों में कोहराम मच गया।
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उधर, मृतक मोनू के पिता मुकेश ने आरोप लगाया है कि उसके पुत्र को सोमवार की दोपहर नदीपुरा का एक दोस्त अपने घर खाना खिलाने के नाम पर ले गया था। उसके पुत्र ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसके तीन दोस्तों ने साजिशन उसकी हत्या कर आत्महत्या का रूप दे दिया है। वहीं, मृतका के पिता पप्पू कुशवाहा ने बताया कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। मोनू उसे जबरदस्ती रेलवे लाइन पर ले गया और जबरन ट्रेन के आगे फेंक दिया।
शादी से एक दिन पहले गायब हो गया था युवक
ललितुपर। मोनू व राखी के प्रेम संबंधों की जानकारी दोनों के परिवारों को करीब छह महीने पहले हुई थी। दोनों के परिवार इसके खिलाफ थे। अपने प्रेम संबंध को लेकर मोनू शुरू से ही विद्रोही रूप अपनाए हुए था। उसके रुख को देखते हुए परिवार ने आनन-फानन में उसकी शादी समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में करा दी थी। 17 अप्रैल को आयोजित समारोह से एक दिन पहले ही मोनू घर से गायब हो गया था। उसके गायब होने की सूचना मिलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया था, बड़ी मशक्कत के बाद उसे तलाश कर शादी के लिए तैयार किया गया। राखी के परिजनों को जब जानकारी हुई कि शादी के बाद भी मोनू का उससे मिलना जारी है, तो उन्होंने राखी को बीना में बुआ के घर भेज दिया था। मोनू ने बीना जाकर पिछले हफ्ते राखी के साथ झांसी गेट पर स्थित मंदिर में मुलाकात की थी।
जहां से निकली बारात, वहीं से निकली अर्थी
प्रेमी युगल की आत्महत्या की जानकारी होने पर पूरे मुहल्ले में शोक का माहौल है, जिस घर से 15 दिन पहले ही लड़के को मां ने दूल्हा बनाकर बहू लिवाने भेजा था, 15 दिन के भीतर ही उसी बेटे की अर्थी निकलते देख पूरे परिवार का हाल बेहाल था।
तीन परिवार हुए नष्ट
घटना के बाद मृतक के पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस के बाहर खड़े लोग आपस में तीन परिवारों की बर्बादी की बात करते दिखे। लोगों का कहना था कि प्रेम संबंध को लेकर संजीदा मोनू अगर आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता था, तो उसे परिजनों से शादी के लिए साफ इंकार दूसरी लड़की की जिंदगी बर्बाद होने से बचा लेनी चाहिए थी। उनका कहना था कि मोनू व राखी तो दुनिया से चले गए, लेकिन मोनू से शादी करने वाली युवती का क्या होगा?, यह किसी ने नहीं सोचा।