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चोरों की है चंदन के पेड़ों पर नजर
ललितपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2015 12:53 AM IST
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बार (ललितपुर)। जिले का इकलौता चंदन वन सुरक्षा के अभाव में उजड़ता दिख रहा है। अज्ञात चोर एक के बाद एक चंदन के पेड़ काटने में कामयाब हो रहे हैं। मंगलवार को अज्ञात चोरों ने एक पेड़ और काट लिया। सिविल पुलिस व वन विभाग की टीम को अभी तक न तो लकड़ी और न ही चोर हाथ लग सके हैं।
वर्षों पूर्व वन रेंज बार अंतर्गत चंदन वन विकसित किया गया था, जिसमें सैकड़ों चंदन के पेड़ लगाए गए थे। इस वन को देखने के लिए सैलानियों की आवाजाही बनी रहती थी। बदले दौर में वन विभाग इसकी सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। एक के बाद एक पेड़ अज्ञात चोर पेड़ काटने में कामयाब हो रहे हैं। यही वजह है कि चंदन वन में गिनती के ही पेड़ रह गए हैं। पिछले दिनों में सिविल पुलिस व वन पुलिस के समन्वय से कुछ चोरों को लकड़ी सहित पकड़ने में सफलता पाई थी। लेकिन, इससे अवैैध कटान पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। वर्तमान में भी अज्ञात चोर चंदन वन पर नजर गढ़ाए हुए हैं, जिससे उसके अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। पहले नौ जून को अज्ञात चोर चंदन वन में घुसे। उसके बाद छह जुलाई को दो पेड़ काटे गए। उन्नीस जुलाई को चोरों के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। इक्कीस जुलाई को प्रयास किया, जिसमें वह एक पेड़ काटने में सफल हो गए। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष पनप रहा है।
इधर, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर चंदन वन की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शिकायती पत्र में रामकुमार दिवाकर, नीरज रायकवार, रोहित यादव, हेमंत, सोनू, रोहित गुप्ता, धर्मेंद्र पुरोहित, चाली राजा, रामकुमार आदि के हस्ताक्षर बने हैं। इस संबंध में डीएफओ वीके जैन ने दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
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वर्षों पूर्व वन रेंज बार अंतर्गत चंदन वन विकसित किया गया था, जिसमें सैकड़ों चंदन के पेड़ लगाए गए थे। इस वन को देखने के लिए सैलानियों की आवाजाही बनी रहती थी। बदले दौर में वन विभाग इसकी सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। एक के बाद एक पेड़ अज्ञात चोर पेड़ काटने में कामयाब हो रहे हैं। यही वजह है कि चंदन वन में गिनती के ही पेड़ रह गए हैं। पिछले दिनों में सिविल पुलिस व वन पुलिस के समन्वय से कुछ चोरों को लकड़ी सहित पकड़ने में सफलता पाई थी। लेकिन, इससे अवैैध कटान पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है। वर्तमान में भी अज्ञात चोर चंदन वन पर नजर गढ़ाए हुए हैं, जिससे उसके अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। पहले नौ जून को अज्ञात चोर चंदन वन में घुसे। उसके बाद छह जुलाई को दो पेड़ काटे गए। उन्नीस जुलाई को चोरों के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। इक्कीस जुलाई को प्रयास किया, जिसमें वह एक पेड़ काटने में सफल हो गए। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष पनप रहा है।
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इधर, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर चंदन वन की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शिकायती पत्र में रामकुमार दिवाकर, नीरज रायकवार, रोहित यादव, हेमंत, सोनू, रोहित गुप्ता, धर्मेंद्र पुरोहित, चाली राजा, रामकुमार आदि के हस्ताक्षर बने हैं। इस संबंध में डीएफओ वीके जैन ने दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
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