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अंधे हत्याकांड का हो सकेगा खुलासा, शव की हुई शिनाख्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2017 01:34 AM IST
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murder case, lalitpur news
- फोटो : demo
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29 दिसंबर को थाना जखौरा के ग्राम बिनैका माफी के पास स्थित राजघाट नहर में हत्या कर फेंके गए शव की आखिकार छठवे दिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शिनाख्त कर ली।
बताते चले कि 29 दिसंबर की शाम ग्राम बिनैका माफी के पास स्थित नहर में एक युवक का शव उतराता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुचे जखौरा थानाध्यक्ष हाकिम सिंह ने शव को नहर से बाहर निकाल कर मृतक की फोटो खींच कर सीमावर्ती क्षेत्र की पुलिस को भेज दिए थे। मध्यप्रदेश पुलिस से जानकारी मिलते ही मंगलवार को थानाध्यक्ष ने मध्यप्रदेश के थाना चंदेरी के ग्राम बडेरा जा पहुचे जहां मृतक की शिनाख्त गुलाब सिंह यादव पुत्र मेहताब के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक की मां से हत्या की तहरीर देने की बात कही है।
अंधे हत्या कांड में सबसे बड़ी मुश्किल मृतक की शिनाख्त होने की थी। शिनाख्त होने के बाद पुलिस मामला दर्ज करने की तैयारियों में जुट गई है। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान व गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतारने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हो चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शराब के नशे में गुलाब का विवाद हो गया होगा जिसके चलते साथियों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को पानी के तेज बहाव में फेंक दिया था।
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मां ने दी जानकारी
मृतक की मां ने बताया करीब बीस वर्ष पूर्व मेहताब को छोड़कर देवर के साथ रहने लगी थी। इसके बाद मेहताब व उसका पुत्र गांव छोड़ कर चौकी राजघाट के ग्राम रानीपुरा में सड़क किनारे कच्चा मकान बनाकर रहने लगे थे। मृतक शराब का आदी था उसकी आदतों की वजह से पिता परेशान रहता था। बिगत चार माह पूर्व उसके पिता की मौत हो जाने के बाद वह राजघाट क्षेत्र में मजदूरी कर जीवन यापन करता था। जब मृतक के हाथ पर लिखे काजल नाम के बारे में जानकारी की गई तो पता चला यह नाम उसकी भतीजी का था
शिनाख्त करने आये युवक की बातें हैं संदिग्ध
30 दिसंबर को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक गुलाब सिंह का एक रिश्तेदार शिनाख्त करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा था। वहां उसने शव देखने के बाद गुलाब के न होने की बात कही और चला गया। शिनाख्त करने आये रिश्तेदार ने बताया था कि उसका मृतक के घर आना जाना नहीं था। न ही वह उसके घर आता जाता था। पुलिस ने बताया रिश्तेदार का छोटा भाई मृतक के साथ रहता था। रिश्तेदार व परिजनों ने मृतक के शव को पहचानने से मना कर दिया था।
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बताते चले कि 29 दिसंबर की शाम ग्राम बिनैका माफी के पास स्थित नहर में एक युवक का शव उतराता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुचे जखौरा थानाध्यक्ष हाकिम सिंह ने शव को नहर से बाहर निकाल कर मृतक की फोटो खींच कर सीमावर्ती क्षेत्र की पुलिस को भेज दिए थे। मध्यप्रदेश पुलिस से जानकारी मिलते ही मंगलवार को थानाध्यक्ष ने मध्यप्रदेश के थाना चंदेरी के ग्राम बडेरा जा पहुचे जहां मृतक की शिनाख्त गुलाब सिंह यादव पुत्र मेहताब के रूप में हुई। पुलिस ने मृतक की मां से हत्या की तहरीर देने की बात कही है।
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अंधे हत्या कांड में सबसे बड़ी मुश्किल मृतक की शिनाख्त होने की थी। शिनाख्त होने के बाद पुलिस मामला दर्ज करने की तैयारियों में जुट गई है। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान व गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतारने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हो चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शराब के नशे में गुलाब का विवाद हो गया होगा जिसके चलते साथियों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को पानी के तेज बहाव में फेंक दिया था।
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मां ने दी जानकारी
मृतक की मां ने बताया करीब बीस वर्ष पूर्व मेहताब को छोड़कर देवर के साथ रहने लगी थी। इसके बाद मेहताब व उसका पुत्र गांव छोड़ कर चौकी राजघाट के ग्राम रानीपुरा में सड़क किनारे कच्चा मकान बनाकर रहने लगे थे। मृतक शराब का आदी था उसकी आदतों की वजह से पिता परेशान रहता था। बिगत चार माह पूर्व उसके पिता की मौत हो जाने के बाद वह राजघाट क्षेत्र में मजदूरी कर जीवन यापन करता था। जब मृतक के हाथ पर लिखे काजल नाम के बारे में जानकारी की गई तो पता चला यह नाम उसकी भतीजी का था
शिनाख्त करने आये युवक की बातें हैं संदिग्ध
30 दिसंबर को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक गुलाब सिंह का एक रिश्तेदार शिनाख्त करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा था। वहां उसने शव देखने के बाद गुलाब के न होने की बात कही और चला गया। शिनाख्त करने आये रिश्तेदार ने बताया था कि उसका मृतक के घर आना जाना नहीं था। न ही वह उसके घर आता जाता था। पुलिस ने बताया रिश्तेदार का छोटा भाई मृतक के साथ रहता था। रिश्तेदार व परिजनों ने मृतक के शव को पहचानने से मना कर दिया था।