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निरीक्षण: अस्पताल में मिली गंदगी, मशीनें बंद
Updated Wed, 26 Sep 2018 05:32 AM IST
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अस्पताल में मिली गंदगी, मशीनें बंद
डीएम ने किया जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। परिसर में उन्हें तमाम कमियां और गंदगी मिली। निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई मशीनें महीनों पहले जिला अस्पताल में आ चुकी हैं, लेकिन मरीजों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, एसएनसीयू वार्ड में तैनात चिकित्सक अनुपस्थित मिले। अचानक हुए निरीक्षण से परिसर में हड़कंप मच गया और कमियों का छिपाने की भरसक कोशिश की गई।
गौरतलब हो कि जिला अस्पताल की कमियों के संबंध में डीएम को काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेकर मंगलवार की सुबह जिलाधिकारी अपने अमले के साथ जनसुनवाई के बाद जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां भनक लगते ही अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं को ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी दवा वितरण कक्ष पहुंचे जहां दो खिड़कियों से दवाएं वितरित की जा रही थी और इस कारण मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल में दवा वितरण के लिए पांच खिड़कियां खोले जाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत आपातकालीन, वृद्ध वार्ड का निरीक्षण करते हुए वह एसएनसीयू वार्ड जा पहुंचे जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक विकाश जैन अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही वह पुरुष वार्ड वह अन्य वार्डों में भी गए जहां भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सभी वार्डों के शौचालयों में गंदगी का अंबार मिला। वार्डों के शौचालयों में जहां दरवाजे टूटे, फैली गंदगी पर नाराजगी जाहिर की वहीं शौचालय की छतों से टपकते पानी को ठीक करवाने के निर्देश दिए। लगभग सभी वार्डों के शौचालयों की छत से पानी टपकता हुआ मिला। वहीं, कई शौचालयों में निरीक्षण की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में सफाई करवाई गई, लेकिन गंदगी को छिपाया नहीं जा सका। इसके साथ ही महिलाओं सहायता के लिए खोले गए सेंटर पर पहुंचकर जानकारी ली और पत्रावलियों को देखा। इसके उपरांत वह पैथोलॉजी कक्ष जा पहुंचे। जहां एक्सरे बाहर से करवाए जाने की शिकायत पर चिकित्सकों ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन के शुरू न होने के कारण ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों को बाहर से एक्सरे करवाने की सलाह दी जाती है। सामान्य एक्सरे मशीन से चोट स्पष्ट नहीं हो पाती है। इसके उपरांत जानकारी मिली कि जिला अस्पताल को मिली सीटी स्कैन मशीन दो महीने से बंद पड़ी है। जानकारी करने पर बताया कि सेवा प्रदाता कंपनी ने दो महीने पहले मशीन को भेज दिया था और टेक्निशियन को अभी भेजा है, इस कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है। साथ ही कुछ पार्टस अभी आने शेष हैं। कुछ ही दिनों में डिजिटल एक्सरे और सीटी स्कैन की सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी। डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त पाई गई है और जो भी कमियां मिली हैं उनको ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अमित चतुर्वेदी समेत जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के कर्मचारी मौजूद रहे।
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डीएम ने किया जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। परिसर में उन्हें तमाम कमियां और गंदगी मिली। निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई मशीनें महीनों पहले जिला अस्पताल में आ चुकी हैं, लेकिन मरीजों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, एसएनसीयू वार्ड में तैनात चिकित्सक अनुपस्थित मिले। अचानक हुए निरीक्षण से परिसर में हड़कंप मच गया और कमियों का छिपाने की भरसक कोशिश की गई।
गौरतलब हो कि जिला अस्पताल की कमियों के संबंध में डीएम को काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेकर मंगलवार की सुबह जिलाधिकारी अपने अमले के साथ जनसुनवाई के बाद जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां भनक लगते ही अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं को ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी दवा वितरण कक्ष पहुंचे जहां दो खिड़कियों से दवाएं वितरित की जा रही थी और इस कारण मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल में दवा वितरण के लिए पांच खिड़कियां खोले जाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत आपातकालीन, वृद्ध वार्ड का निरीक्षण करते हुए वह एसएनसीयू वार्ड जा पहुंचे जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक विकाश जैन अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही वह पुरुष वार्ड वह अन्य वार्डों में भी गए जहां भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और समस्याओं की जानकारी ली।
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निरीक्षण के दौरान सभी वार्डों के शौचालयों में गंदगी का अंबार मिला। वार्डों के शौचालयों में जहां दरवाजे टूटे, फैली गंदगी पर नाराजगी जाहिर की वहीं शौचालय की छतों से टपकते पानी को ठीक करवाने के निर्देश दिए। लगभग सभी वार्डों के शौचालयों की छत से पानी टपकता हुआ मिला। वहीं, कई शौचालयों में निरीक्षण की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में सफाई करवाई गई, लेकिन गंदगी को छिपाया नहीं जा सका। इसके साथ ही महिलाओं सहायता के लिए खोले गए सेंटर पर पहुंचकर जानकारी ली और पत्रावलियों को देखा। इसके उपरांत वह पैथोलॉजी कक्ष जा पहुंचे। जहां एक्सरे बाहर से करवाए जाने की शिकायत पर चिकित्सकों ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीन के शुरू न होने के कारण ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों को बाहर से एक्सरे करवाने की सलाह दी जाती है। सामान्य एक्सरे मशीन से चोट स्पष्ट नहीं हो पाती है। इसके उपरांत जानकारी मिली कि जिला अस्पताल को मिली सीटी स्कैन मशीन दो महीने से बंद पड़ी है। जानकारी करने पर बताया कि सेवा प्रदाता कंपनी ने दो महीने पहले मशीन को भेज दिया था और टेक्निशियन को अभी भेजा है, इस कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है। साथ ही कुछ पार्टस अभी आने शेष हैं। कुछ ही दिनों में डिजिटल एक्सरे और सीटी स्कैन की सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी। डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त पाई गई है और जो भी कमियां मिली हैं उनको ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अमित चतुर्वेदी समेत जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के कर्मचारी मौजूद रहे।
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