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छात्रा से गैंगरेप में तीन को बीस साल की सजा
Updated Fri, 03 Nov 2017 01:10 AM IST
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छात्रा से गैंगरेप पर तीन को बीस साल की सजा
न्यायालय ने 90 हजार रुपए अर्थदंड लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
दसवीं की छात्रा को ले जाने और गैंगरेप करने के तीन अभियुक्तों को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने 20 वर्ष की सश्रम कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने जानकारी दी है कि चार वर्ष पूर्व थाना तालबेहट अंतर्गत एक गांव निवासिनी महिला ने पुलिस को बताया था कि 30 नवंबर 2013 को उसकी पुत्री जो तालबेहट के एक बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ती थी, को स्कूल से घर वापस लौटते समय घर के पास ही मोड़ पर दोपहर दो बजे ग्राम बिजरौठा के टपरियन निवासी राजाराम ले गया। उसकी पुत्री को ले जाते समय उसके पति और लड़के ने देखा था। लोकलाज के भय से गोपनीय रूप से वह अपने परिजनों के साथ पुत्री की तलाश करती रही। लेकिन जब पता नहीं चला तो वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंची है। पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उक्त छात्रा की तलाश शुष् कर दी। इसके बाद 19 दिसंबर को पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया और मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट को दिए बयानों और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर तहरीर में गैंगरेप की धाराओं और दो अन्य अभियुक्तों बड़ौरा, झांसी निवासी अंगद लोधी और ग्राम बघौरा बबीना निवासी संतराम कुशवाहा के नामों की वृद्धि की गई। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप करने में दोषी पाते हुए कुल बीस-बीस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं तीनों पर 30-30 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से दस हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाने के आदेश भी दिए।
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न्यायालय ने 90 हजार रुपए अर्थदंड लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
दसवीं की छात्रा को ले जाने और गैंगरेप करने के तीन अभियुक्तों को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने 20 वर्ष की सश्रम कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने जानकारी दी है कि चार वर्ष पूर्व थाना तालबेहट अंतर्गत एक गांव निवासिनी महिला ने पुलिस को बताया था कि 30 नवंबर 2013 को उसकी पुत्री जो तालबेहट के एक बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ती थी, को स्कूल से घर वापस लौटते समय घर के पास ही मोड़ पर दोपहर दो बजे ग्राम बिजरौठा के टपरियन निवासी राजाराम ले गया। उसकी पुत्री को ले जाते समय उसके पति और लड़के ने देखा था। लोकलाज के भय से गोपनीय रूप से वह अपने परिजनों के साथ पुत्री की तलाश करती रही। लेकिन जब पता नहीं चला तो वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंची है। पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उक्त छात्रा की तलाश शुष् कर दी। इसके बाद 19 दिसंबर को पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया और मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट को दिए बयानों और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर तहरीर में गैंगरेप की धाराओं और दो अन्य अभियुक्तों बड़ौरा, झांसी निवासी अंगद लोधी और ग्राम बघौरा बबीना निवासी संतराम कुशवाहा के नामों की वृद्धि की गई। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप करने में दोषी पाते हुए कुल बीस-बीस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं तीनों पर 30-30 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से दस हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाने के आदेश भी दिए।
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