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ललितपुर बंद के दौरान गूंजेगा स्वकर का मामला
Updated Fri, 28 Sep 2018 02:09 AM IST
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ललितपुर बंद के दौरान गूंजेगा स्वकर का मामला
व्यापारियों के आह्वान पर आज होगा ललितपुर बंद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा लागू की गई स्वकर प्रणाली उनके लिए गले की हड्डी बन गई है। पालिका द्वारा जारी किए जा रहे भारी भरकम बिलों का विरोध शुरू हो गया है। व्यापार मंडल ने 28 सितंबर को ललितपुर बंद का आह्वान किया है। इसमें नगर पालिका व जल संस्थान को आड़े हाथों लिया गया है।
नगर पालिका परिषद अपनी आय बढ़ाने के लिए गृहकर निर्धारण में स्वकर प्रणाली लागू की है। इसमें भूस्वामी को अपने मकान के आकार का ब्योरा देना होता है। इस आधार पर गृहकर निर्धारित किया जाता है। जिस एजेंसी ने स्वकर का सर्वे किया। उसने सर्वे के दौरान तमाम गड़बड़ी छोड़ दी। इसमें से कुछ का सुधार हो गया लेकिन कई गड़बड़ी आज भी बनी हुई हैं। यह तथ्य तब सामने आए जब इनके बिलों का वितरण शुरू हुआ। इससे पालिका में शिकायतों की बाढ़ आ गई। यही नहीं, जल संस्थान ने पालिका से बगैर संशोधित हुए स्वकर का ब्योरा जुटा लिया। इसी आधार पर जल मूल्य निर्धारित कर बिल भेज दिए। जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बीते दिनों व्यापारियों ने इसके विरोध में पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को ज्ञापन सौपा था। जिस पर अध्यक्ष ने कर निर्धारण अधिकारी सहित दो अन्य से स्पष्टीकरण तलब किए थे। लेकिन इससे व्यापारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। अब उन्होंने इसे ललितपुर बंद की मांगों में शामिल कर लिया। अब पालिका प्रशासन को जवाब देते नहीं बन रहा है। शुक्रवार को इस मामले के गरमाने के आसार हैं।
गृहकर निर्धारण जमकर हुई मनमानी
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, ईओ सहित समूचे प्रशासन ने गृहकर निर्धारण में मनमानी बरती है। जिस वजह से मकानों के कर निर्धारण में गड़बड़ी हुई हैं। इसके बाद भी बिलों को सही नहीं किया जा रहा है। मजबूरन, ललितपुर बंद की मांगों में इसे शामिल करना पड़ा।
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शैलेंद्र सिंघई, जिला संसदीय मंत्री
ये हैं मांगे
ललितपुर बंद के दौरान चौदह सूत्रीय मांगों को जनता के समक्ष रखकर उनका समर्थन हासिल किया जा रहा है। व्यापारियों ने स्वकर के तहत निर्धारित किए गए भवन कर की दरों को कम किया जाए, साथ ही जो बीस वर्ष से अधिक पुराने मकान हैं, उनकी दरें आधी की जाए। वहीं, जल संस्थान के जल मूल्य बिलों को स्थगित करने की मांग की है।
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व्यापारियों के आह्वान पर आज होगा ललितपुर बंद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा लागू की गई स्वकर प्रणाली उनके लिए गले की हड्डी बन गई है। पालिका द्वारा जारी किए जा रहे भारी भरकम बिलों का विरोध शुरू हो गया है। व्यापार मंडल ने 28 सितंबर को ललितपुर बंद का आह्वान किया है। इसमें नगर पालिका व जल संस्थान को आड़े हाथों लिया गया है।
नगर पालिका परिषद अपनी आय बढ़ाने के लिए गृहकर निर्धारण में स्वकर प्रणाली लागू की है। इसमें भूस्वामी को अपने मकान के आकार का ब्योरा देना होता है। इस आधार पर गृहकर निर्धारित किया जाता है। जिस एजेंसी ने स्वकर का सर्वे किया। उसने सर्वे के दौरान तमाम गड़बड़ी छोड़ दी। इसमें से कुछ का सुधार हो गया लेकिन कई गड़बड़ी आज भी बनी हुई हैं। यह तथ्य तब सामने आए जब इनके बिलों का वितरण शुरू हुआ। इससे पालिका में शिकायतों की बाढ़ आ गई। यही नहीं, जल संस्थान ने पालिका से बगैर संशोधित हुए स्वकर का ब्योरा जुटा लिया। इसी आधार पर जल मूल्य निर्धारित कर बिल भेज दिए। जिससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बीते दिनों व्यापारियों ने इसके विरोध में पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को ज्ञापन सौपा था। जिस पर अध्यक्ष ने कर निर्धारण अधिकारी सहित दो अन्य से स्पष्टीकरण तलब किए थे। लेकिन इससे व्यापारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। अब उन्होंने इसे ललितपुर बंद की मांगों में शामिल कर लिया। अब पालिका प्रशासन को जवाब देते नहीं बन रहा है। शुक्रवार को इस मामले के गरमाने के आसार हैं।
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गृहकर निर्धारण जमकर हुई मनमानी
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, ईओ सहित समूचे प्रशासन ने गृहकर निर्धारण में मनमानी बरती है। जिस वजह से मकानों के कर निर्धारण में गड़बड़ी हुई हैं। इसके बाद भी बिलों को सही नहीं किया जा रहा है। मजबूरन, ललितपुर बंद की मांगों में इसे शामिल करना पड़ा।
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शैलेंद्र सिंघई, जिला संसदीय मंत्री
ये हैं मांगे
ललितपुर बंद के दौरान चौदह सूत्रीय मांगों को जनता के समक्ष रखकर उनका समर्थन हासिल किया जा रहा है। व्यापारियों ने स्वकर के तहत निर्धारित किए गए भवन कर की दरों को कम किया जाए, साथ ही जो बीस वर्ष से अधिक पुराने मकान हैं, उनकी दरें आधी की जाए। वहीं, जल संस्थान के जल मूल्य बिलों को स्थगित करने की मांग की है।