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बहला फूसलाकर अपहरण करने में दो सगे भाईयों को सात वर्ष की सजा
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:33 AM IST
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अपहरण में दो सगे भाईयों को सात वर्ष की सजा
दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शहर के थाना कोतवाली अंतर्गत एक मुहल्ला निवासी युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और अपहरण करने के अपराध में दो सगे भाईयों को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सात-सात वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर कुल एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि शहर के एक मुहल्ला निवासी व्यक्ति ने तीन वर्ष पूर्व पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 24 अक्टूबर 2014 को उसकी पुत्री सुबह चार बजे शौच के लिए घर से बाहर गई थी कि उसका पड़ोसी प्रहलाद कुशवाहा उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गया। उसकी पुत्री को ले जाते समय उसने और उसकी पत्नी ने देखा तो वह और उसके परिवार वालों ने उसका काफी पीछा किया, लेकिन वह उनका कहीं कोई पता नहीं चल सका। वह अपनी पुत्री और आरोपी प्रहलाद की काफी तलाश करता रहा, लेकिन नहीं मिल सके तो उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट लिखाकर अपनी पुत्री की खोज की मांग की। पुलिस ने एक नवंबर को पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रहलाद के खिलाफ उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और अपहरण करने के आरोप में मामला पंजीकृत कर आरोपी और उसकी पुत्री की खोजबीन शुरू की। इसके बाद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने अपहृता को दो नवंबर 2014 को मन्नू पेट्रोल पंप से बरामद कर लिया था, जबकि अपहरणकर्ता फरार हो गया, जिसे बाद में पांच नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित महिला के न्यायालय में दिए बयानों के आधार पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी प्रहलाद का भाई रामसिंह को भी 30 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय सुनाते दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए निर्णय सुना दिया।
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दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शहर के थाना कोतवाली अंतर्गत एक मुहल्ला निवासी युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और अपहरण करने के अपराध में दो सगे भाईयों को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सात-सात वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर कुल एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि शहर के एक मुहल्ला निवासी व्यक्ति ने तीन वर्ष पूर्व पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 24 अक्टूबर 2014 को उसकी पुत्री सुबह चार बजे शौच के लिए घर से बाहर गई थी कि उसका पड़ोसी प्रहलाद कुशवाहा उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गया। उसकी पुत्री को ले जाते समय उसने और उसकी पत्नी ने देखा तो वह और उसके परिवार वालों ने उसका काफी पीछा किया, लेकिन वह उनका कहीं कोई पता नहीं चल सका। वह अपनी पुत्री और आरोपी प्रहलाद की काफी तलाश करता रहा, लेकिन नहीं मिल सके तो उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट लिखाकर अपनी पुत्री की खोज की मांग की। पुलिस ने एक नवंबर को पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रहलाद के खिलाफ उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और अपहरण करने के आरोप में मामला पंजीकृत कर आरोपी और उसकी पुत्री की खोजबीन शुरू की। इसके बाद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने अपहृता को दो नवंबर 2014 को मन्नू पेट्रोल पंप से बरामद कर लिया था, जबकि अपहरणकर्ता फरार हो गया, जिसे बाद में पांच नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित महिला के न्यायालय में दिए बयानों के आधार पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी प्रहलाद का भाई रामसिंह को भी 30 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय सुनाते दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए निर्णय सुना दिया।
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