फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   खेत पर लटका मिला किसान का शव, पलिस पर लगाए उत्पीड़न के आरोप

खेत पर लटका मिला किसान का शव, पलिस पर लगाए उत्पीड़न के आरोप

Thu, 30 May 2019 01:49 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2019 01:49 AM IST
विज्ञापन
खेत पर लटका मिला किसान का शव, पलिस पर लगाए उत्पीड़न के आरोप
पेड़ पर लटका मिला किसान का शव
विज्ञापन

बांसी/ललितपुर। थाना जखौरा के अंतर्गत बांसी के मोहल्ला भजयापुरा निवासी किसान का शव बुधवार की सुबह खेत में पेड़ पर रस्सी से लटका मिला। मृतक के परिजनों ने पुलिस की दबिश से परेशान होकर आत्महत्या करने का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और करीब तीन घंटे बाद सीओ द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
बांसी के मोहल्ला भजयापुरा निवासी ओमप्रकाश यादव (48) पुत्र जशरथ 28 मई की रात में अचानक गायब हो गए, देर रात तक नहीं आने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरु की, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। बुधवार की सुबह उनके घर के पीछे कुछ दूरी पर एक अन्य ग्रामीण के खेत में काम करने वाले मजदूर ने ओमप्रकाश का शव अर्रा (सुबबूल) के पेड़ पर रस्सी से लटका देखा। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव में और मृतक के परिजनों को दी। कुछ देर में मौके पर परिजनों के साथ ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई।
विज्ञापन

जानकारी मिलने पर बांसी चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उतारने से मना कर दिया। उन्होंने पुलिस पर पंद्रह दिन पूर्व हुए विवाद में मृतक का उत्पीड़न करने के आरोप लगाए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला शांत होते नहीं देख पुलिस ने इसकी सूचना मुुख्यालय को दी। जबकि, कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल से डीजीपी को सूचना दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारी मुख्यालय स्थित पुलिस अधिकारियों को लगते ही आनन- फानन में क्षेत्राधिकारी सदर राजा सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे कहा कि पुलिस केस खत्म करने के नाम पर बीस हजार रुपये मांग रही थी। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सीओ सिटी के ग्रामीणों को समझाया और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन घंटे बाद सवा दस बजे शव को उतारने दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।

पुलिस अधीक्षक से की कार्रवाई की मांग
कस्बा बांसी के मोहल्ला भजयापुरा निवासी राघवेंद्र यादव उर्फ बन्ना ने अपने पिता ओमप्रकाश के फांसी लगाने के मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर पुलिस द्वारा अवैध वसूली के लिए दबाव में आकर पिता द्वारा आत्महत्या का आरोप लगाया है। शिकायती पत्र में बताया गया कि 14 मई को देवेंद्र यादव का विवाद पड़ोस के मुलू कुशवाहा से हो गया था। इसमें मुलू ने देवेंद्र यादव पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था, जिससे देवेंद्र का सिर फट गया था। सूचना पर बांसी पुलिस तो आई, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने में विलंब करने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने घायल देवेंद्र यादव को उपचार के लिए भेजा और आसपास की पुलिस बुलाकर मुहल्ले में विरोध करने वालों के घर में घुसकर दबिश दी। दूसरे दिन देवेंद्र यादव व सोनू कुशवाहा दोनों से तहरीर लेकर दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोप है कि पुलिस आए दिन घर दबिश देने लगी, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई की धमकी देने लगी। जब उसके पिता जमानत के लिए न्यायालय गए तो वहां पुलिस पकड़ने पहुुंच गई, जिससे वह जमानत नहीं ले सके। चचेरा भाई दीपू यादव तीन दिन पहले पुलिस से मिला तो केस खत्म करने के नाम पर बीस हजार रुपये मांगे गए। पैसे नहीं देने पर पुलिस ने 28 मई की रात में फिर से दबिश दी। इससे तंग आकर उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। पीड़ित पुत्र ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्याय नहीं मिलने पर सपिरवार जल समाधि लेने की चेतावनी दी है।

यह हुआ था मुकदमा दर्ज
पुलिस ने सुनील कुशवाहा की तहरीर पर देंवेंद्र यादव, रत्न यादव, ओमप्रकाश यादव, राघवेंद्र यादव, इंद्रपाल यादव व अनिल यादव के विरुद्ध धारा 147, 452, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसी तरह देवेंद्र यादव की तहरीर पर सुनील कुशवाहा व मुलू कुशवाहा के खिलाफ 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
----------------
बांसी के उक्त प्रकरण में घटना स्थल का मौका- मुआयना किया है। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- राजा सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर।
---------------
15 मई को बलवे का मुकदमा कायम हुआ था। इसमें छह नामजद आरोपी थे, उसमें आत्महत्या करने वाले ओमप्रकाश का नाम भी है। मुकदमा दर्ज करने के बाद मैं छुट्टी चला गया था। मैंने कोई दबिश नहीं दी और न ही कोई पैसा मांगा है। आपसी कलह में आत्महत्या की है।
- कृष्णपाल सरोज, बांसी पुलिस चौकी इंचार्ज
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed