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परिवहन: बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रही काली फिल्म लगी गाड़ियां
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:20 AM IST
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बेरोकटोक दौड़ रही काली फिल्म लगी गाड़ियां
ओवरलोडिंग और हूटर लगे वाहनों पर भी कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में काली फिल्म लगे वाहन बेरोकटोक फर्राटा भर रहे हैं। लेकिन इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
शासन ने वाहनों के लगे शीशे पर काली फिल्म लगाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी तमाम वाहन स्वामी परिवहन नियमों को धता बता कर वाहनों में काली फिल्म लगवा रहे हैं। ऐसे वाहनों से फिल्म उतरवाने के निर्देश हैं। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय अभियान भी चलाया जाता है। इसमें चार पहिया वाहनों के शीशे पर काली फिल्म होने पर चालन कर फिल्म हटवाई जाती है। इसके साथ ही वाहनों की नाम पट्टिका, हूटर व ओवरलोड की वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन जिले में ऐसे निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसका नजारा जिले की अधिकांश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। जहां पर थोड़े ही समय में काली फिल्म के कई वाहन आवाजाही करते नजर आ रहे हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन स्वामियों ने गाड़ियों के शीशे पर काली फिल्म लगाकर चलने का शौक सा बना लिया है। इसके अलावा शहर में भी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। कई नाबालिग स्कूटी व अन्य वाहन सड़कों पर दौड़ा रहे है। टैक्सी चालक भी तय सवारियों से अधिक सवारियों को ढो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली टैक्सियों में ठूंस ठूंसकर सवारियां भरी जा रहीं हैं। स्थानीय नेताओं व रसूखदार व्यक्तियों पर यातायात पुलिस हाथ रखने से भी कतरा रही है। लोग दोपहिया वाहन पर तीन लोग बैठकर यात्रा कर रहे हैं।
वाहनों पर डिजाइन में अंकित नंबर बने परेशानी
कई ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिनके नंबर कई बार देखने के बाद भी स्पष्ट नहीं पढ़े जा सकते हैं। यह वाहन दुर्घटना कर आसानी से बच निकलते हैं। साथ ही इन पर दुर्घटना होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाती है। जिस पर विभाग की अनदेखी बनी हुई है।
जांच कर कार्रवाई की जाएगी
वाहनों के शीशे पर किसी भी प्रकार की फिल्म लगाने की अनुमति नहीं है। कंपनी के द्वारा लगाई गई फिल्म ही मान्य है। इसके बाद भी यदि वाहनों पर काली फिल्म लगी है तो वह अवैध है। ऐसे वाहनों पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी ललितपुर
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ओवरलोडिंग और हूटर लगे वाहनों पर भी कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में काली फिल्म लगे वाहन बेरोकटोक फर्राटा भर रहे हैं। लेकिन इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
शासन ने वाहनों के लगे शीशे पर काली फिल्म लगाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी तमाम वाहन स्वामी परिवहन नियमों को धता बता कर वाहनों में काली फिल्म लगवा रहे हैं। ऐसे वाहनों से फिल्म उतरवाने के निर्देश हैं। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय अभियान भी चलाया जाता है। इसमें चार पहिया वाहनों के शीशे पर काली फिल्म होने पर चालन कर फिल्म हटवाई जाती है। इसके साथ ही वाहनों की नाम पट्टिका, हूटर व ओवरलोड की वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन जिले में ऐसे निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसका नजारा जिले की अधिकांश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। जहां पर थोड़े ही समय में काली फिल्म के कई वाहन आवाजाही करते नजर आ रहे हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन स्वामियों ने गाड़ियों के शीशे पर काली फिल्म लगाकर चलने का शौक सा बना लिया है। इसके अलावा शहर में भी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। कई नाबालिग स्कूटी व अन्य वाहन सड़कों पर दौड़ा रहे है। टैक्सी चालक भी तय सवारियों से अधिक सवारियों को ढो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली टैक्सियों में ठूंस ठूंसकर सवारियां भरी जा रहीं हैं। स्थानीय नेताओं व रसूखदार व्यक्तियों पर यातायात पुलिस हाथ रखने से भी कतरा रही है। लोग दोपहिया वाहन पर तीन लोग बैठकर यात्रा कर रहे हैं।
वाहनों पर डिजाइन में अंकित नंबर बने परेशानी
कई ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिनके नंबर कई बार देखने के बाद भी स्पष्ट नहीं पढ़े जा सकते हैं। यह वाहन दुर्घटना कर आसानी से बच निकलते हैं। साथ ही इन पर दुर्घटना होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाती है। जिस पर विभाग की अनदेखी बनी हुई है।
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जांच कर कार्रवाई की जाएगी
वाहनों के शीशे पर किसी भी प्रकार की फिल्म लगाने की अनुमति नहीं है। कंपनी के द्वारा लगाई गई फिल्म ही मान्य है। इसके बाद भी यदि वाहनों पर काली फिल्म लगी है तो वह अवैध है। ऐसे वाहनों पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी ललितपुर