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Basti News: बेटी की दर्द भरी पुकार सुनकर छलक पड़े लोगों के आंसू
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बेटियों को संभालते परिजन संवाद
बस्ती। पापा कहां हैं...बेटियों की यह दर्द भरी पुकार सुनकर पुलिसकर्मियों की भी आंख से आंसू छलक आए। उनके करुण क्रंदन देख हर कोई गमगीन हो गया। पिता का शव देखकर बेटियां रह-रहकर अचेत हो जा रही थीं।
जैसे ही उन्हें होश आता, उनकी जुबान पर सिर्फ पापा...को बुलाओ, कहां हैं पापा...यही शब्द निकल रहे थे। मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोगों को भी यह शब्द झकझोर कर रख दे रहे थे। उधर एसओ की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। महिला पुलिसकर्मी उन्हें सांत्वना देने में लगी थी। रविवार को पुलिस लाइंस में वाल्टरगंज के दिवंगत एसओ सूर्य प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
वहां भी उनके परिजन की चीख गूंजती रही। बेटी शिखा और आंचल पिता की जुदाई का गम नहीं सह पा रही थीं। छोटी बेटी आंचल होश में आते ही पापा छोड़कर नहीं जा सकते...जैसे शब्द कहती रही। पुलिस लाइंस में रखे पिता का शव देखकर वह उनकी तरफ भागने लग रही थी, महिला पुलिस कर्मी उसे संभालने में लगी थी। बड़ी बेटी शिखा की चीख-पुकार लोगों के दिलों को चीर रही थी। उसे संभालने वाली महिला पुलिस कर्मी की भी आंखें नम हो जा रही थीं। एसओ की पत्नी सुनीता बेसुध थीं। वहीं बेटा संदीप सिंह भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। पिता के जाने के गम में वह भी पूरी तरह से टूट गए थे।
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अंतिम विदाई पर एसपी ने दिया कंधा : दिवंगत एसओ को अंतिम विदाई देने के लिए एसपी डाॅ. यशवीर सिंह मौजूद थे। वह उन्हें कंधा दिए। दिवंगत एसओ का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव आजमगढ़ के अतरौलिया थाना के भीलनपुर छपरा गांव में किया जाएगा।
पुलिस लाइंस में उनके अंतिम दर्शन के लिए पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य लोग भी पहुंचे थे। यह भीड़ कहीं न कहीं उनकी सरलता व अच्छाई से प्रभावित लोगों की थी। उनका इस तरह से जाना उनके जानने वालों के मन भी कई सवाल छोड़ गया। संवाद
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जैसे ही उन्हें होश आता, उनकी जुबान पर सिर्फ पापा...को बुलाओ, कहां हैं पापा...यही शब्द निकल रहे थे। मौजूद पुलिसकर्मी व अन्य लोगों को भी यह शब्द झकझोर कर रख दे रहे थे। उधर एसओ की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। महिला पुलिसकर्मी उन्हें सांत्वना देने में लगी थी। रविवार को पुलिस लाइंस में वाल्टरगंज के दिवंगत एसओ सूर्य प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
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वहां भी उनके परिजन की चीख गूंजती रही। बेटी शिखा और आंचल पिता की जुदाई का गम नहीं सह पा रही थीं। छोटी बेटी आंचल होश में आते ही पापा छोड़कर नहीं जा सकते...जैसे शब्द कहती रही। पुलिस लाइंस में रखे पिता का शव देखकर वह उनकी तरफ भागने लग रही थी, महिला पुलिस कर्मी उसे संभालने में लगी थी। बड़ी बेटी शिखा की चीख-पुकार लोगों के दिलों को चीर रही थी। उसे संभालने वाली महिला पुलिस कर्मी की भी आंखें नम हो जा रही थीं। एसओ की पत्नी सुनीता बेसुध थीं। वहीं बेटा संदीप सिंह भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। पिता के जाने के गम में वह भी पूरी तरह से टूट गए थे।
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अंतिम विदाई पर एसपी ने दिया कंधा : दिवंगत एसओ को अंतिम विदाई देने के लिए एसपी डाॅ. यशवीर सिंह मौजूद थे। वह उन्हें कंधा दिए। दिवंगत एसओ का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव आजमगढ़ के अतरौलिया थाना के भीलनपुर छपरा गांव में किया जाएगा।
पुलिस लाइंस में उनके अंतिम दर्शन के लिए पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य लोग भी पहुंचे थे। यह भीड़ कहीं न कहीं उनकी सरलता व अच्छाई से प्रभावित लोगों की थी। उनका इस तरह से जाना उनके जानने वालों के मन भी कई सवाल छोड़ गया। संवाद