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ललितपुर वन रेंज में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन
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वन रेंज में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन
ललितपुर। वन रेंज ललितपुर अंतर्गत विभिन्न बीटों में धड़ल्ले से पत्थर का अवैध खनन चल रहा है। जहां ग्राम राखपंचमपुर क्षेत्र में क्रशर के लिए पत्थर तोड़ा जा रहा है। वहीं, रमपुरा व धौर्रा क्षेत्र में आसमानी रंग के पत्थर का चोरी छिपे खनन हो रहा है।
जिले में वन विभाग अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। पिछले कई महीनों से डीएफओ का पद खाली चल रहा है। वर्तमान में झांसी के डीएफओ ललितपुर का प्रभार लिए हुए हैं। वह ललितपुर के लिए कम ही समय दे पाते हैं। वहीं, ललितपुर रेंजर भी बीमारी के इलाज के लिए अक्सर अवकाश पर बने रहते हैं। इसका अनुचित फायदा खनन कारोबारी उठा रहे हैं। उन्होंने जंगलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ललितपुर वन रेंज के कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से पत्थर का खनन चल रहा है। जलाऊ लकड़ी का भी कटान हो रहा है। यही नहीं, जड़ी- बूटी कारोबारी भी मालामाल हो रहे हैं। विभागीय कर्मी इन सब गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रहे हैं, जिससे वन संपदा को खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्राम राखपंचमपुर क्षेत्र में क्रशर के लिए उपयोगी पत्थर का खनन हो रहा है। स्थानीय कर्मियों को इसकी जानकारी है, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम रमपुरा व धौर्रा क्षेत्र में देखी जा रही है। यहां आसमानी रंग के पत्थर का चोरी छिपे खनन हो रहा है।
डीएफओ का सीयूजी रहता बंद
डीएफओ का पद रिक्त होने के साथ ही सीयूजी मोबाइल नंबर अक्सर बंद रहने लगा है। इससे लोग वन क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना डीएफओ को नहीं दे पाते हैं। इस बात की जानकारी विभाग के अन्य कर्मियों को है। इसके बाद भी सीयूजी मोबाइल नंबर को सक्रिय नहीं किया जा रहा है। शाम छह बजकर बावन मिनट पर उनके मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
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ललितपुर वन रेंजर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उनसे अभी इसकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे।
- आरएस यादव, एसडीओ
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ललितपुर। वन रेंज ललितपुर अंतर्गत विभिन्न बीटों में धड़ल्ले से पत्थर का अवैध खनन चल रहा है। जहां ग्राम राखपंचमपुर क्षेत्र में क्रशर के लिए पत्थर तोड़ा जा रहा है। वहीं, रमपुरा व धौर्रा क्षेत्र में आसमानी रंग के पत्थर का चोरी छिपे खनन हो रहा है।
जिले में वन विभाग अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। पिछले कई महीनों से डीएफओ का पद खाली चल रहा है। वर्तमान में झांसी के डीएफओ ललितपुर का प्रभार लिए हुए हैं। वह ललितपुर के लिए कम ही समय दे पाते हैं। वहीं, ललितपुर रेंजर भी बीमारी के इलाज के लिए अक्सर अवकाश पर बने रहते हैं। इसका अनुचित फायदा खनन कारोबारी उठा रहे हैं। उन्होंने जंगलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ललितपुर वन रेंज के कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से पत्थर का खनन चल रहा है। जलाऊ लकड़ी का भी कटान हो रहा है। यही नहीं, जड़ी- बूटी कारोबारी भी मालामाल हो रहे हैं। विभागीय कर्मी इन सब गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रहे हैं, जिससे वन संपदा को खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्राम राखपंचमपुर क्षेत्र में क्रशर के लिए उपयोगी पत्थर का खनन हो रहा है। स्थानीय कर्मियों को इसकी जानकारी है, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम रमपुरा व धौर्रा क्षेत्र में देखी जा रही है। यहां आसमानी रंग के पत्थर का चोरी छिपे खनन हो रहा है।
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डीएफओ का सीयूजी रहता बंद
डीएफओ का पद रिक्त होने के साथ ही सीयूजी मोबाइल नंबर अक्सर बंद रहने लगा है। इससे लोग वन क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना डीएफओ को नहीं दे पाते हैं। इस बात की जानकारी विभाग के अन्य कर्मियों को है। इसके बाद भी सीयूजी मोबाइल नंबर को सक्रिय नहीं किया जा रहा है। शाम छह बजकर बावन मिनट पर उनके मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
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ललितपुर वन रेंजर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उनसे अभी इसकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे।
- आरएस यादव, एसडीओ