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प्राइमरी की मान्यता की आड़ में संचालित हो रहे अमान्य विद्यालय
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:52 AM IST
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प्राइमरी की मान्यता की आड़ में संचालित हो रहे अमान्य विद्यालय
डीआईओएस ने निरीक्षण कर पकड़े अमान्य विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुुर। जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद से प्राप्त प्राइमरी विद्यालयों की मान्यता के आड़ में जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक के विद्यालय धड़ल्ले से बेखौफ होकर संचालित किए जा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों में ऐसे कई अमान्य विद्यालय पकड़े जा रहे हैं। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा विभाग शासन के तमाम निर्देशों के बाद भी इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने में लाचार साबित हो रहा है।
मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक राम शंकर ने कस्बा बानपुर में संचालित निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कस्बे में संचालित शिक्षा निकेतन पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इस विद्यालय को बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा 5वीं तक की मान्यता प्राप्त है। इस दौरान केवल 2 कक्षों में ही पांच तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसके अलावा दो अन्य कक्षों में गैर पंजीकृत कोचिंग और शुभ कंप्यूटर सेंटर संचालित मिला। स्कूल में पढ़ा रहे दोनों शिक्षकों ने बताया कि अन्य दो कक्षों में कोचिंग संचालित होती है, जिसमें कक्षा नौवीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है। कोचिंग संचालक का नाम पूछने पर शिक्षकों ने नाम पता नहीं होने की बात की। इस पर डीआईओएस ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम को निर्देशित किया है कि बेसिक शिक्षा के प्राथमिक स्तर की मान्यता की आड़ में स्कूल में गैर पंजीकृत कोचिंग संचालित होने और मानक के विपरीत कम कक्षा-कक्ष में प्राइमरी विद्यालय संचालित होने व विद्यालय के अंदर कंप्यूटर सेंटर संचालित करने पर शिक्षा निकेतन पब्लिक स्कूल बानपुर पर नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। इसके बाद डीआईओएस ने सरस्वती ज्ञान मंदिर जूनियर हाईस्कूल बानपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस विद्यालय को भी बेसिक शिक्षा परिषद से प्राइमरी स्तर तक की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इस पर डीआईओएस ने बीएसए को विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देेशित किया है। इसके बाद उन्होंने विवेकानंद विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल बानपुर का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय को जूनियर तक की मान्यता है, लेकिन वह मान्यता से संबंधित कोई भी अभिलेख पेश नहीं कर सके। इस पर डीआईओएस ने बीएसए को उक्त विद्यालय की मान्यता संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करके आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने डॉ. राममनोहर लोहिया बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बानपुर और जीवन शिल्प इंटर कॉलेज बानपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दोनों ही विद्यालयों में कक्षाएं संचालित मिलीं व छात्रांकन भी संतोषजनक मिला। उन्होंने दोनों की विद्यालयों के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया है विद्यालय की नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए और सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय की यूनिफार्म में ही आए। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में तंबाकू, गुटखा आदि पूर्णरूप से निषेध रखा जाए, यदि कोई अध्यापक या कर्मचारी धूम्रपान करता हुआ पाया जाए तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
शिकायती विद्यालयों से काटा किनारा
बीते शनिवार को कस्बा बानपुर के कुछ स्थानीय अभिभावकों ने जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आठ ऐसे इंटरकॉलेजों की सूची सौंपी थी, जो जिला बेसिक शिक्षा परिषद की प्राइमरी की आड़ में संचालित हो रहे है। मंगलवार को जिला विद्यालय द्वारा किए गए निरीक्षण में उक्त आठ शिकायती विद्यालयों में से केवल एक का ही निरीक्षण किया गया, बकाया सात से किनारा काट लिया। वहीं अभिभावकों द्वारा लिखित रुप में भी दी गई शिकायत व चिह्नित विद्यालयों की सूची सौंपे जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
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डीआईओएस ने निरीक्षण कर पकड़े अमान्य विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुुर। जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद से प्राप्त प्राइमरी विद्यालयों की मान्यता के आड़ में जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक के विद्यालय धड़ल्ले से बेखौफ होकर संचालित किए जा रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों में ऐसे कई अमान्य विद्यालय पकड़े जा रहे हैं। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा विभाग शासन के तमाम निर्देशों के बाद भी इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने में लाचार साबित हो रहा है।
मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक राम शंकर ने कस्बा बानपुर में संचालित निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कस्बे में संचालित शिक्षा निकेतन पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इस विद्यालय को बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा 5वीं तक की मान्यता प्राप्त है। इस दौरान केवल 2 कक्षों में ही पांच तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इसके अलावा दो अन्य कक्षों में गैर पंजीकृत कोचिंग और शुभ कंप्यूटर सेंटर संचालित मिला। स्कूल में पढ़ा रहे दोनों शिक्षकों ने बताया कि अन्य दो कक्षों में कोचिंग संचालित होती है, जिसमें कक्षा नौवीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है। कोचिंग संचालक का नाम पूछने पर शिक्षकों ने नाम पता नहीं होने की बात की। इस पर डीआईओएस ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम को निर्देशित किया है कि बेसिक शिक्षा के प्राथमिक स्तर की मान्यता की आड़ में स्कूल में गैर पंजीकृत कोचिंग संचालित होने और मानक के विपरीत कम कक्षा-कक्ष में प्राइमरी विद्यालय संचालित होने व विद्यालय के अंदर कंप्यूटर सेंटर संचालित करने पर शिक्षा निकेतन पब्लिक स्कूल बानपुर पर नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। इसके बाद डीआईओएस ने सरस्वती ज्ञान मंदिर जूनियर हाईस्कूल बानपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस विद्यालय को भी बेसिक शिक्षा परिषद से प्राइमरी स्तर तक की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। इस पर डीआईओएस ने बीएसए को विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देेशित किया है। इसके बाद उन्होंने विवेकानंद विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल बानपुर का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं। स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यालय को जूनियर तक की मान्यता है, लेकिन वह मान्यता से संबंधित कोई भी अभिलेख पेश नहीं कर सके। इस पर डीआईओएस ने बीएसए को उक्त विद्यालय की मान्यता संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करके आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने डॉ. राममनोहर लोहिया बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बानपुर और जीवन शिल्प इंटर कॉलेज बानपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दोनों ही विद्यालयों में कक्षाएं संचालित मिलीं व छात्रांकन भी संतोषजनक मिला। उन्होंने दोनों की विद्यालयों के प्रधानाचार्य को निर्देशित किया है विद्यालय की नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए और सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय की यूनिफार्म में ही आए। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में तंबाकू, गुटखा आदि पूर्णरूप से निषेध रखा जाए, यदि कोई अध्यापक या कर्मचारी धूम्रपान करता हुआ पाया जाए तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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शिकायती विद्यालयों से काटा किनारा
बीते शनिवार को कस्बा बानपुर के कुछ स्थानीय अभिभावकों ने जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आठ ऐसे इंटरकॉलेजों की सूची सौंपी थी, जो जिला बेसिक शिक्षा परिषद की प्राइमरी की आड़ में संचालित हो रहे है। मंगलवार को जिला विद्यालय द्वारा किए गए निरीक्षण में उक्त आठ शिकायती विद्यालयों में से केवल एक का ही निरीक्षण किया गया, बकाया सात से किनारा काट लिया। वहीं अभिभावकों द्वारा लिखित रुप में भी दी गई शिकायत व चिह्नित विद्यालयों की सूची सौंपे जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
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