ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण व श्रीरुद्रमहायज्ञ आयोजन के तहत गुरुवार को श्रद्धालुओं ने 11 लाख पार्थिव शिवलिंग बनाए गए। वहीं, प्रात:कालीन बेला में श्रीरुद्रमहायज्ञ में पीठ पूजन किया गया। पूजन प्रधान यजमान सरदार वीके सिंह व सह यजमान दिनेश पाठक, शत्रुघ्न यादव, गोल्डी पुरोहित ने किया। अपराह्न में पार्थिव शिवलिंग का पूजन व महारुद्धाभिषेक यज्ञाचार्य पं. बाबूलाल द्विवेदी द्वारा किया गया। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सुनाते हुए चंडीपीठाधीश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि देवी भागवत पुराण से बढ़कर कोई पुराण नहीं है। भागवत कथा पढ़ने व सुनने से कोई भी पदार्थ दुर्लभ नहीं रह सकता है। इनकी कृपा से सभी कष्टों का निवारण शीघ्र हो जाता है। मनुष्य परम अमृत स्वरूप इस कथा को पढ़ता व सुनता है। संसार में भगवती की कृपा से उसके सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। 18 पुराणों में देवी भागवत पुराण उसी प्रकार सर्वोत्तम है जिस प्रकार नदियों में गंगा, देवों में शंकर, काव्यों में रामायण, प्रकाश स्रोतों में सूर्य, शीतलता और आह्लाद में चंद्रमा, क्षमाशीलों में पृथ्वी, गंभीरता में सागर और मंत्रों में गायत्री आदि श्रेष्ठ हैं। यह पुराण श्रवण सब प्रकार के कष्टों का निवारण करके आत्मकल्याण करता है।