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पंद्रह दिनों में कोरोनो से चार चिकित्सकों ने गंवाई जान
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ललितपुर। कोरोना वायरस बीमारी के चलते जिले में बीते पंद्रह दिनों में चार चिकित्सकों की मौत हो चुकी है। इनमें दो सरकारी चिकित्सक एवं दो प्राइवेट चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा कई शिक्षक व एक अधिकारी की मौत हो चुकी है। जबकि कई सरकारी संस्थानों में भी कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं।
कोरोना संक्रमण की बीमारी का खतरा दिन प्रतिदिन जिले में बढ़ता जा रहा है। मरीजों की संख्या हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। तो वहीं जिले में हर दिन नई मौतों की सूचना से कई परिवारों में कहर टूट रहा है। जनपद ने बीते पंद्रह दिनों में कोरोना की वजह से चार प्रमुख चिकित्सकों को खो दिया है जिनमें दो सरकारी अस्पताल के चिकित्सक हैं, तो दो निजी चिकित्सक हैं। बीते दिनों जिला महिला चिकित्सालय में तैनात डा. वीपी इटालिया, निजी चिकित्सक व पूर्व नपाध्यक्ष डा. सतीश सुड़ेले की मौत कोरोना की बीमारी के चलते उपचार के दौरान दिल्ली में हो गई थी। वहीं तीन दिन पहले ही जिला चिकित्सालय में तैनात ईएनटी सर्जन डा. राकेश दत्त की भी कोरोना की बीमारी के चलते उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं अब उक्त डा.राकेश दत्त के भाई डा. भरत दत्त की भी कोरोना बीमारी के उपचार के दौरान बुधवार की रात को मौत हो गई। इससे जिले ने चार महत्वपूूर्ण चिकित्सकों को खो दिया। वहीं जनपद में शिक्षा विभाग में तैनात करीब बीस से अधिक शिक्षिक व शिक्षिकाओं की मौत भी अन्य जनपदों में उपचार के दौरान कोरोना बीमारी के चलते हुई है। इसके अलावा जिले में दो अधिवक्ताओं की मौत भी कोरोना बीमारी के चलते भोपाल में उपचार के दौरान हो गई। इसके अलावा जिले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी मौत की सूचनाएं सोशल मीडिया पर सुनने को मिल रही हैं। यदि सोशल मीडिया व्हाट्सएप, लोकल न्यूज ग्रुप व फेसबुक के आंकड़ों को देखा जाए, तो कोरोना बीमारी के चलते जिले में यह आंकड़ा काफी अधिक है। ऐसे में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कोरोना बीमारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की संदेश देकर अपनी और अपने परिवार के लोगों की जिंदगी बचाने की सलाह भी दी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का आंकड़े के अनुसार इस महीने में कुल 16 मौतें ही दर्शायी जा रही हैं।
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कोरोना संक्रमण की बीमारी का खतरा दिन प्रतिदिन जिले में बढ़ता जा रहा है। मरीजों की संख्या हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। तो वहीं जिले में हर दिन नई मौतों की सूचना से कई परिवारों में कहर टूट रहा है। जनपद ने बीते पंद्रह दिनों में कोरोना की वजह से चार प्रमुख चिकित्सकों को खो दिया है जिनमें दो सरकारी अस्पताल के चिकित्सक हैं, तो दो निजी चिकित्सक हैं। बीते दिनों जिला महिला चिकित्सालय में तैनात डा. वीपी इटालिया, निजी चिकित्सक व पूर्व नपाध्यक्ष डा. सतीश सुड़ेले की मौत कोरोना की बीमारी के चलते उपचार के दौरान दिल्ली में हो गई थी। वहीं तीन दिन पहले ही जिला चिकित्सालय में तैनात ईएनटी सर्जन डा. राकेश दत्त की भी कोरोना की बीमारी के चलते उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं अब उक्त डा.राकेश दत्त के भाई डा. भरत दत्त की भी कोरोना बीमारी के उपचार के दौरान बुधवार की रात को मौत हो गई। इससे जिले ने चार महत्वपूूर्ण चिकित्सकों को खो दिया। वहीं जनपद में शिक्षा विभाग में तैनात करीब बीस से अधिक शिक्षिक व शिक्षिकाओं की मौत भी अन्य जनपदों में उपचार के दौरान कोरोना बीमारी के चलते हुई है। इसके अलावा जिले में दो अधिवक्ताओं की मौत भी कोरोना बीमारी के चलते भोपाल में उपचार के दौरान हो गई। इसके अलावा जिले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी मौत की सूचनाएं सोशल मीडिया पर सुनने को मिल रही हैं। यदि सोशल मीडिया व्हाट्सएप, लोकल न्यूज ग्रुप व फेसबुक के आंकड़ों को देखा जाए, तो कोरोना बीमारी के चलते जिले में यह आंकड़ा काफी अधिक है। ऐसे में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कोरोना बीमारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की संदेश देकर अपनी और अपने परिवार के लोगों की जिंदगी बचाने की सलाह भी दी जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का आंकड़े के अनुसार इस महीने में कुल 16 मौतें ही दर्शायी जा रही हैं।
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