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Lalitpur News: सहकारी कर्मचारियों ने वेतन व बकाया का भुगतान मांगा
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के नाम संबोधित किया गया था।
कर्मचारियों ने वेतन के अभाव में गंभीर आर्थिक संकट का हवाला दिया है। उन्होंने सहायता राशि दिलाने और राज्य कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पैक्स में कई पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कैडर सचिव, नाम कैडर सचिव, आंकिक, लिपिक, सहयोगी और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। चपरासी और चौकीदार भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को परिवार और बच्चों की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतन के साथ बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की। कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारियों की तरह अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने को कहा।
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आंदोलन की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। 22 अक्तूबर को कर्मचारी लखनऊ स्थित आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पहुंचेंगे। वहां वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखेंगे। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगे कदम उठाएंगे।
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आगे की रणनीति और उपस्थिति
कर्मचारियों ने 1 से 5 नवंबर तक समिति के कार्यों से विरत रहने का एलान किया है। उन्होंने तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की भी चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने त्यागपत्र देने तक की बात कही है। इस दौरान संघ के अध्यक्ष कमल किशोर बबेले, महामंत्री पंकज सिंह सहित जाखलौन, पिपरई, नाराहट, सैदपुर, मड़ावरा, बानपुर और महरौनी आदि क्षेत्रों के सचिव व कर्मचारी मौजूद थे।
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कर्मचारियों ने वेतन के अभाव में गंभीर आर्थिक संकट का हवाला दिया है। उन्होंने सहायता राशि दिलाने और राज्य कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पैक्स में कई पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कैडर सचिव, नाम कैडर सचिव, आंकिक, लिपिक, सहयोगी और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। चपरासी और चौकीदार भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को परिवार और बच्चों की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित वेतन के साथ बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की। कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारियों की तरह अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने को कहा।
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आंदोलन की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। 22 अक्तूबर को कर्मचारी लखनऊ स्थित आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पहुंचेंगे। वहां वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखेंगे। यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगे कदम उठाएंगे।
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आगे की रणनीति और उपस्थिति
कर्मचारियों ने 1 से 5 नवंबर तक समिति के कार्यों से विरत रहने का एलान किया है। उन्होंने तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की भी चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने त्यागपत्र देने तक की बात कही है। इस दौरान संघ के अध्यक्ष कमल किशोर बबेले, महामंत्री पंकज सिंह सहित जाखलौन, पिपरई, नाराहट, सैदपुर, मड़ावरा, बानपुर और महरौनी आदि क्षेत्रों के सचिव व कर्मचारी मौजूद थे।