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Lalitpur News: बिगड़ते खान-पान से हो रही कैल्शियम की कमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बिगड़ते खान-पान व सेहत की अनदेखी से लोगों में कैल्शियम की कमी हो रही है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहे करीब 200 मरीजों में 40 फीसदी में कैल्शियम की कमी मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते ध्यान दें, अन्यथा उम्र ढलने पर समस्या बढ़ जाएगी।
अस्थि रोग विभाग के सहायक आचार्य डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि शरीर में हड्डी की मजबूती के लिए कैल्शियम की आवश्यकता अधिक होती है। इसके लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शरीर में कैल्शियम व पोटेशियम जैसे तत्व पर्याप्त होने से मांसपेशियों में खिंचाव व तनाव की समस्या कम होती है। इसके लिए दही, दूध, पालक आदि पोषक तत्वों का सेवन करें। दिन में धूप लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। उन्होंने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं। दिनचर्या बिगड़ गई है। सोने व जागने का समय निश्चित नहीं है।
अस्थि रोग विभाग के सर्जन डॉ. एमसी गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आ रहे 180-200 मरीजों में 40 फीसदी से अधिक लोगों के जोड़ों में दर्द व मांसपेशियों में जकड़न है। कई मरीजों में कैल्शियम की कमी पाई जा रही है। कमर दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों के दर्द की समस्या सबसे ज्यादा है। समय पर उपचार न कराने से कमर में दर्द धीरे-धीरे बढ़ जाता है और बैठने व अन्य कार्य करने में समस्या होती है। इससे बचाव के लिए मरीज खानपान में प्रोटीन व कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ लेने के साथ ही व्यायाम करें।
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कैल्शियम व विटामिन की कमी से बुजुर्गों को ज्यादा समस्या : कैल्शियम व विटामिन की कमी से बजुर्गों व ज्यादातर महिलाओं के जोड़ों में समस्या आ रही है। कारण, जोड़ों के कार्टिलेज घिस जाते हैं। जोड़ों के बीच का लिक्विड कम हो जाता है। यह समस्या अधिक वजन वाले लोगों में ज्यादा पाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में कैल्शियम की जांच की सुविधा उपलब्ध है। मरीज अस्पताल समय में डॉक्टर की सलाह पर इसकी जांच करा सकते हैं।
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इस तरह से करें बचाव
- जोड़ों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
- लंबे समय तक बैठने से बचें।
- धूप अधिक लें।
- समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- खान-पान में संयम बरतें।
- हरी सब्जियों का सेवन करें।
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ललितपुर। बिगड़ते खान-पान व सेहत की अनदेखी से लोगों में कैल्शियम की कमी हो रही है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन आ रहे करीब 200 मरीजों में 40 फीसदी में कैल्शियम की कमी मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते ध्यान दें, अन्यथा उम्र ढलने पर समस्या बढ़ जाएगी।
अस्थि रोग विभाग के सहायक आचार्य डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि शरीर में हड्डी की मजबूती के लिए कैल्शियम की आवश्यकता अधिक होती है। इसके लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शरीर में कैल्शियम व पोटेशियम जैसे तत्व पर्याप्त होने से मांसपेशियों में खिंचाव व तनाव की समस्या कम होती है। इसके लिए दही, दूध, पालक आदि पोषक तत्वों का सेवन करें। दिन में धूप लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। उन्होंने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं। दिनचर्या बिगड़ गई है। सोने व जागने का समय निश्चित नहीं है।
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अस्थि रोग विभाग के सर्जन डॉ. एमसी गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आ रहे 180-200 मरीजों में 40 फीसदी से अधिक लोगों के जोड़ों में दर्द व मांसपेशियों में जकड़न है। कई मरीजों में कैल्शियम की कमी पाई जा रही है। कमर दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों के दर्द की समस्या सबसे ज्यादा है। समय पर उपचार न कराने से कमर में दर्द धीरे-धीरे बढ़ जाता है और बैठने व अन्य कार्य करने में समस्या होती है। इससे बचाव के लिए मरीज खानपान में प्रोटीन व कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ लेने के साथ ही व्यायाम करें।
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कैल्शियम व विटामिन की कमी से बुजुर्गों को ज्यादा समस्या : कैल्शियम व विटामिन की कमी से बजुर्गों व ज्यादातर महिलाओं के जोड़ों में समस्या आ रही है। कारण, जोड़ों के कार्टिलेज घिस जाते हैं। जोड़ों के बीच का लिक्विड कम हो जाता है। यह समस्या अधिक वजन वाले लोगों में ज्यादा पाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में कैल्शियम की जांच की सुविधा उपलब्ध है। मरीज अस्पताल समय में डॉक्टर की सलाह पर इसकी जांच करा सकते हैं।
इस तरह से करें बचाव
- जोड़ों को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
- लंबे समय तक बैठने से बचें।
- धूप अधिक लें।
- समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- खान-पान में संयम बरतें।
- हरी सब्जियों का सेवन करें।