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Lalitpur News: पारौल में ग्रामीण पर भालू का हमला
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नाराहट वन क्षेत्र में तेंदू पत्ता तोड़ने गए ग्रामीण पर भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। ग्रामीणों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। पंद्रह दिन में भालू का यह दूसरा हमला है। इससे पहले मड़ावरा के जंगलों में महुआ बीनने गए ग्रामीण पर हमला किया था।
गौना रेंज अंतर्गत ग्राम पारौल निवासी हल्काई सुबह चार बजे गांव से पांडव वन की ओर तेंदू पत्ता तोड़ने जा रहा था। वह फूलबाग में पहुंचा था कि भालू ने हमला कर दिया। जब वह चीखा तो आसपास के लोग आ गए। उन्होंने किसी तरह भालू को भगाया। हल्काई के सिर, हाथ व पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने सरकारी एंबुलेंस की मदद से उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन अभी हल्काई हमले का दृश्य नहीं भुला पाया है।
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एक पखवाड़े के अंदर यह दूसरा हमला: मड़ावरा में लखंजर के समीप महुआ बीनने गए ग्रामीण पर करीब पखवाड़े भर पहले भालू ने हमला कर दिया था। वहां एक साथ दो भालू थे। इसके बाद यह दूसरा हमला गौना रेंज में हुआ है।
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वन विभाग की चेतावनी पर ग्रामीण नहीं दे रहे ध्यान: मड़ावरा वन क्षेत्र की घटना के बाद प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह व उपप्रभागीय निदेशक ने वन क्षेत्र का भ्रमण किया था। उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर जानकारी दी थी कि वह सूर्य उदय के बाद ही वन क्षेत्र में जाएं, अंधेरे में वन क्षेत्र में जाना खतरनाक हो सकता है। लेकिन, ग्रामीण वन विभाग अफसरों की चेतावनी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। न ही वन क्षेत्र में जाने पर सजगता बरत रहे हैं।
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तीन सौ से अधिक हैं भालू
मड़ावरा, गौना व मदनपुर रेंज में भालुओं की संख्या काफी अधिक है। 2022 में हुई गणना के अनुसार भालू की संख्या तीन से सौ अधिक पाई गई, अब तो उससे कहीं ज्यादा हो गई है। साथ ही जनपद के जंगलों में जो भालू हैं, वह मानव जाति से परिचित नहीं हैं, वह मनुष्य को देखते ही हमलावर हो जाते हैं।
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भालू के हमले से गौना रेंज के जंगलों में एक ग्रामीण घायल हुआ है। वह सुबह चार बजे अंधेरे में ही जंगल में चला गया था, जबकि अंधेरे में जंगल में जाने के लिए ग्रामीणों को मना किया गया है।
शिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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ललितपुर। नाराहट वन क्षेत्र में तेंदू पत्ता तोड़ने गए ग्रामीण पर भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। ग्रामीणों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। पंद्रह दिन में भालू का यह दूसरा हमला है। इससे पहले मड़ावरा के जंगलों में महुआ बीनने गए ग्रामीण पर हमला किया था।
गौना रेंज अंतर्गत ग्राम पारौल निवासी हल्काई सुबह चार बजे गांव से पांडव वन की ओर तेंदू पत्ता तोड़ने जा रहा था। वह फूलबाग में पहुंचा था कि भालू ने हमला कर दिया। जब वह चीखा तो आसपास के लोग आ गए। उन्होंने किसी तरह भालू को भगाया। हल्काई के सिर, हाथ व पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने सरकारी एंबुलेंस की मदद से उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन अभी हल्काई हमले का दृश्य नहीं भुला पाया है।
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एक पखवाड़े के अंदर यह दूसरा हमला: मड़ावरा में लखंजर के समीप महुआ बीनने गए ग्रामीण पर करीब पखवाड़े भर पहले भालू ने हमला कर दिया था। वहां एक साथ दो भालू थे। इसके बाद यह दूसरा हमला गौना रेंज में हुआ है।
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वन विभाग की चेतावनी पर ग्रामीण नहीं दे रहे ध्यान: मड़ावरा वन क्षेत्र की घटना के बाद प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह व उपप्रभागीय निदेशक ने वन क्षेत्र का भ्रमण किया था। उन्होंने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर जानकारी दी थी कि वह सूर्य उदय के बाद ही वन क्षेत्र में जाएं, अंधेरे में वन क्षेत्र में जाना खतरनाक हो सकता है। लेकिन, ग्रामीण वन विभाग अफसरों की चेतावनी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। न ही वन क्षेत्र में जाने पर सजगता बरत रहे हैं।
तीन सौ से अधिक हैं भालू
मड़ावरा, गौना व मदनपुर रेंज में भालुओं की संख्या काफी अधिक है। 2022 में हुई गणना के अनुसार भालू की संख्या तीन से सौ अधिक पाई गई, अब तो उससे कहीं ज्यादा हो गई है। साथ ही जनपद के जंगलों में जो भालू हैं, वह मानव जाति से परिचित नहीं हैं, वह मनुष्य को देखते ही हमलावर हो जाते हैं।
भालू के हमले से गौना रेंज के जंगलों में एक ग्रामीण घायल हुआ है। वह सुबह चार बजे अंधेरे में ही जंगल में चला गया था, जबकि अंधेरे में जंगल में जाने के लिए ग्रामीणों को मना किया गया है।
शिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।