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आध़ुनिक होगा गोवंश आश्रय स्थल
amarujala
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:45 AM IST
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aasry isthal, lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर के करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित कल्यानपुरा में बनाए जा रहे गोवंश आश्रय स्थल का जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण कर इस ड्रीम प्रोजेक्ट की वास्तविकता को परखा। इन्होंने बताया कि इसमें आधुनिक सभी सुविधाएं होगी।
बताते चले कि आश्रय स्थल के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद उमा भारती ने 25 लाख रुपये की धनराशि सांसद निधि से जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही बजाज पावर प्लांट द्वारा भी 25 लाख की धनराशि सीएसआर के माध्यम से दी जाएगी।
डीएम ने बताया कि आश्रय स्थल के संचालन एवं रखरखाव के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें ग्यारह हजार रुपये का सहयोग प्रदान कर आजीवन सदस्यता ले सकते हैं। कुल 59 हेक्टेयर में बनाए जा रहे इस आश्रय स्थल में एक तिहाई भाग पर गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण किया जाना है तथा दो तिहाई भाग पर चारा के लिए विकसित किया जाएगा। अन्ना पशुओं की समस्या के निवारण के उपरांत प्रत्येक ग्राम में गायों की दुग्ध उत्पादन की क्षमता पूर्व की अपेक्षा अधिक विकसित होगी, जिससे गोवंश पालकों को आर्थिक समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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डीएम ने बताया कि इस जगह लगभग 4000 गोवंश के रहने के लिए शेडों का निर्माण किया जाना है, जिसमें से प्रत्येक की लंबाई 66 फीट तथा चैड़ाई 26 फीट होगी। इसमें गोवंश के लिए भूसा रखने के लिए एक भूसा गोदाम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 51 फीट तथा चैड़ाई 22 फीट होगी। शुद्ध पेयजल के लिए एक पंपहाउस, बोरिंग, जेनेरेटर तथा समरसेवल्स भी लगाई जाएगी। साथ ही इस चारागाह से लगी हुई पानी की एक झील है, जिसमें वर्ष में लगभग 10 माह पानी रहता है। इसी झील से लगी चारागाह की भूमि पर तालाब खुदवाकर जल संरक्षण किया जाएगा। इस आश्रय स्थल में नस्ल सुधार का कार्य भी किया जाएगा।
पशुपालन विभाग द्वारा इस चारागाह में उन्नत प्रजाति के साड़ों (जैसे एचएफ, थारपारकर और साहीवाल) को गायों के बीच रखा जाएगा। जिससे पशुओं की नस्लों में सुधार होगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, खंड विकास अधिकारी, विरधा, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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बताते चले कि आश्रय स्थल के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद उमा भारती ने 25 लाख रुपये की धनराशि सांसद निधि से जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही बजाज पावर प्लांट द्वारा भी 25 लाख की धनराशि सीएसआर के माध्यम से दी जाएगी।
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डीएम ने बताया कि आश्रय स्थल के संचालन एवं रखरखाव के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें ग्यारह हजार रुपये का सहयोग प्रदान कर आजीवन सदस्यता ले सकते हैं। कुल 59 हेक्टेयर में बनाए जा रहे इस आश्रय स्थल में एक तिहाई भाग पर गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण किया जाना है तथा दो तिहाई भाग पर चारा के लिए विकसित किया जाएगा। अन्ना पशुओं की समस्या के निवारण के उपरांत प्रत्येक ग्राम में गायों की दुग्ध उत्पादन की क्षमता पूर्व की अपेक्षा अधिक विकसित होगी, जिससे गोवंश पालकों को आर्थिक समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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डीएम ने बताया कि इस जगह लगभग 4000 गोवंश के रहने के लिए शेडों का निर्माण किया जाना है, जिसमें से प्रत्येक की लंबाई 66 फीट तथा चैड़ाई 26 फीट होगी। इसमें गोवंश के लिए भूसा रखने के लिए एक भूसा गोदाम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 51 फीट तथा चैड़ाई 22 फीट होगी। शुद्ध पेयजल के लिए एक पंपहाउस, बोरिंग, जेनेरेटर तथा समरसेवल्स भी लगाई जाएगी। साथ ही इस चारागाह से लगी हुई पानी की एक झील है, जिसमें वर्ष में लगभग 10 माह पानी रहता है। इसी झील से लगी चारागाह की भूमि पर तालाब खुदवाकर जल संरक्षण किया जाएगा। इस आश्रय स्थल में नस्ल सुधार का कार्य भी किया जाएगा।
पशुपालन विभाग द्वारा इस चारागाह में उन्नत प्रजाति के साड़ों (जैसे एचएफ, थारपारकर और साहीवाल) को गायों के बीच रखा जाएगा। जिससे पशुओं की नस्लों में सुधार होगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, खंड विकास अधिकारी, विरधा, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।