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Lalitpur News: विजयादशमी पर 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
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भोपाल में तैयार होते रावण के पुतले
ललितपुर। श्री रामलीला हनुमान समिति विजयादशमी पर्व को भव्य तरीके से मनाएगी। गोविंदनगर स्थित रामलीला मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशालकाय पुतलों के दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं।
समिति ने मौसम को ध्यान में रखते हुए जलरोधी (वाटरप्रूफ)पुतलों का ऑर्डर दिया है। ये पुतले भोपाल में तैयार किए जा रहे हैं। विजयादशमी से एक दिन पहले ये पुतले ललितपुर पहुंचेंगे। पर्व के दिन सेतु बंध रामेश्वरम की स्थापना और पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान राम और लक्ष्मण के स्वरूप श्री रघुनाथ मंदिर से रथ पर निकलेंगे। वे पुल से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगे। वहां मंच से भगवान राम तीर चलाकर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। समिति ने पीस कमेटी की बैठक में रामलीला मैदान की सफाई पर बात रखी है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई है। विजयादशमी पर दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग यहां जुटते हैं। इसलिए समिति ने पुलिस प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
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विजयादशमी पर रावण, कुंभकरण एवं मेघनाद के पुतलों को देखने के लिए शहर सहित ग्रामीण अंचलों से लोग आते हैं। पुतले भोपाल से आ रहे हैं। जो कि वाटरप्रूफ रहेंगे। प्रशासन से मांग है कि रामलीला मैदान की सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग किया जाए।-बृजेश चतुर्वेदी,अध्यक्ष
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रावण का पुतला 50 फिट व कुंभकरण व मेघनाद के पुतले 35-35 होंगे। रामलीला परिसर गंदगी व कीचड़ से भरा हुआ है। नगर पालिका प्रशासन इस ग्राउंड की उचित सफाई व्यवस्था कराए, ताकि कार्यक्रम के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न उठानी पड़े।-हरविंदर सिंह सलूजा
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विजयादशमी पर्व पर पुतलों में गुना मध्यप्रदेश की आतिशबाजी रहेगी। पुतलों के बनने में करीब 2 लाख रुपये की लागत आती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए समिति के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।-अमित तिवारी, महामंत्री
विजयादशमी पर्व पर पुतलों में गुना मध्यप्रदेश की आतिशबाजी रहेगी। पुतलों के बनने में करीब 2 लाख रुपये की लागत आती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए समिति के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।-अमित तिवारी, महामंत्री
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समिति ने मौसम को ध्यान में रखते हुए जलरोधी (वाटरप्रूफ)पुतलों का ऑर्डर दिया है। ये पुतले भोपाल में तैयार किए जा रहे हैं। विजयादशमी से एक दिन पहले ये पुतले ललितपुर पहुंचेंगे। पर्व के दिन सेतु बंध रामेश्वरम की स्थापना और पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान राम और लक्ष्मण के स्वरूप श्री रघुनाथ मंदिर से रथ पर निकलेंगे। वे पुल से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगे। वहां मंच से भगवान राम तीर चलाकर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। समिति ने पीस कमेटी की बैठक में रामलीला मैदान की सफाई पर बात रखी है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई है। विजयादशमी पर दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग यहां जुटते हैं। इसलिए समिति ने पुलिस प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
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विजयादशमी पर रावण, कुंभकरण एवं मेघनाद के पुतलों को देखने के लिए शहर सहित ग्रामीण अंचलों से लोग आते हैं। पुतले भोपाल से आ रहे हैं। जो कि वाटरप्रूफ रहेंगे। प्रशासन से मांग है कि रामलीला मैदान की सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग किया जाए।-बृजेश चतुर्वेदी,अध्यक्ष
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रावण का पुतला 50 फिट व कुंभकरण व मेघनाद के पुतले 35-35 होंगे। रामलीला परिसर गंदगी व कीचड़ से भरा हुआ है। नगर पालिका प्रशासन इस ग्राउंड की उचित सफाई व्यवस्था कराए, ताकि कार्यक्रम के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न उठानी पड़े।-हरविंदर सिंह सलूजा
विजयादशमी पर्व पर पुतलों में गुना मध्यप्रदेश की आतिशबाजी रहेगी। पुतलों के बनने में करीब 2 लाख रुपये की लागत आती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए समिति के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।-अमित तिवारी, महामंत्री
विजयादशमी पर्व पर पुतलों में गुना मध्यप्रदेश की आतिशबाजी रहेगी। पुतलों के बनने में करीब 2 लाख रुपये की लागत आती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए समिति के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।-अमित तिवारी, महामंत्री