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किसानों को मिले पैकेज का लाभ: डा. सामरा
Lalitpur
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत कराए गए कार्यों का लाभ किसानों व गरीब ग्रामीणों को तभी मिल सकेगा जब कार्य ढंग से कराए जाएंगे। यह बात कलेक्ट्रेट प्रांगण में बुंदेलखंड पैकेज की फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद रेनफेड एरिया अथारिटी के सीईओ डा. जे एस सामरा ने कही।
उन्होंने बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत भूमि विकास एवं जल संस्थान के कार्यों की फोटो का अवलोकन करते समय बंधियों का निर्माण, सीड बैंक, कच्ची व पक्की गूल निर्माण को देखा। गूल के आसपास कुछ स्थानों पर पानी दिखाई देने पर लीकेज के संबंध में अफसरों से सवाल जवाब भी किया। कार्य की प्रगति के संबंध में अफसरों ने बताया कि 973 गूलों का निर्माण 470 किलोमीटर लंबाई में किया गया है, जिससे बयालीस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होगी। वन विभाग के कच्चे व पक्के चेकडैमों से किसानों को होने वाले लाभ के संबंध में अफसरों ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी। लोअर राजघाट केनाल व जाखलौन पंप केनाल की लाइनिंग से बचने वाले पानी के संबंध में भी डा. सामरा ने सवाल जवाब किए। लघु सिंचाई के कूपों की फोटो देखकर डा. सामरा ने पानी की क्वालिटी पूछी। इस पर विभागीय अधिकारियों ने अच्छे उत्पादन का हवाला दिया। यह भी बताया गया कि किसानों को सिंचाई के लिए पाइप भी दिए जा रहे हैं, जिससे निश्चित मात्रा में पानी का उपयोग हो रहा है। बकरियों की फोटो देख पशुपालन विभाग के अधिकारियों को अच्छा चारा मुहैया कराने को कहा। बकरियों के प्रजनन पर उन्होंने जवाब तलब किया। अफसर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। डा. सामरा ने चीलिंग प्लांट और जलनिगम के हैंडपंपों का विस्तृत विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि पैकेज के कामों का लाभ किसानों को मिलना चाहिए। इस दौरान जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद, रामगंगा कमांड के अध्यक्ष एवं प्रशासक इष्ट देव प्रसाद राय आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत भूमि विकास एवं जल संस्थान के कार्यों की फोटो का अवलोकन करते समय बंधियों का निर्माण, सीड बैंक, कच्ची व पक्की गूल निर्माण को देखा। गूल के आसपास कुछ स्थानों पर पानी दिखाई देने पर लीकेज के संबंध में अफसरों से सवाल जवाब भी किया। कार्य की प्रगति के संबंध में अफसरों ने बताया कि 973 गूलों का निर्माण 470 किलोमीटर लंबाई में किया गया है, जिससे बयालीस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होगी। वन विभाग के कच्चे व पक्के चेकडैमों से किसानों को होने वाले लाभ के संबंध में अफसरों ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी। लोअर राजघाट केनाल व जाखलौन पंप केनाल की लाइनिंग से बचने वाले पानी के संबंध में भी डा. सामरा ने सवाल जवाब किए। लघु सिंचाई के कूपों की फोटो देखकर डा. सामरा ने पानी की क्वालिटी पूछी। इस पर विभागीय अधिकारियों ने अच्छे उत्पादन का हवाला दिया। यह भी बताया गया कि किसानों को सिंचाई के लिए पाइप भी दिए जा रहे हैं, जिससे निश्चित मात्रा में पानी का उपयोग हो रहा है। बकरियों की फोटो देख पशुपालन विभाग के अधिकारियों को अच्छा चारा मुहैया कराने को कहा। बकरियों के प्रजनन पर उन्होंने जवाब तलब किया। अफसर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। डा. सामरा ने चीलिंग प्लांट और जलनिगम के हैंडपंपों का विस्तृत विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि पैकेज के कामों का लाभ किसानों को मिलना चाहिए। इस दौरान जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद, रामगंगा कमांड के अध्यक्ष एवं प्रशासक इष्ट देव प्रसाद राय आदि मौजूद रहे।
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