{"_id":"25-26914","slug":"Lalitpur-26914-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"शैक्षिक अनुवश्रण की वाट जोह रहा एआरजी ग्रुप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शैक्षिक अनुवश्रण की वाट जोह रहा एआरजी ग्रुप
Lalitpur
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ललितपुर। अकादमिक संसाधन समूह (एआरजी) के शैक्षिक अनुश्रवण प्रारंभ नहीं होने से परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं, न तो शिक्षकों की लेटलतीफी पर अंकुश लग पा रहा है और न ही शिक्षा के स्तर में खास सुधार हो पा रहा है। बीते दिनों जिलाधिकारी के निरीक्षण में पटौराकलां स्कूल का एक छात्र हिंदी के पाठ का वाचन सही तरीके से नहीं कर सका था, इसके बाद भी विभागीय अफसर शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए चेत नहीं रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के मुकाबले तैयार करने को खेल- खेल में शिक्षा सरीखे कार्यक्रमों के अलावा तमाम तरह के प्रशिक्षण आयोजित हो रहे हैं, बावजूद इसके कार्यक्रमों के सार्थक परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। कई कार्यक्रम तो फाइलों में दफन होकर रह गए हैं। ऐसा ही कुछ एआरजी ग्रुप का हो रहा है। शैक्षिक अनुश्रवण के लिए समूह के सदस्य नामित कर लिए गए हैं लेकिन, अभी तक उनका अनुश्रवण कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। इसके चलते विभागीय अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते माह एआरजी ग्रुप का गठन किया गया था, इसमें अध्यक्ष जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य श्रीमती नीना उदैनिया, सदस्य मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक झांसी, उपाध्यक्ष उप प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सदस्य विशेषज्ञ बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा, एनजीओ के अजय श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डा.जनक किशोरी शर्मा, डायट से नामित सदस्य वेदप्रकाश श्रीवास्तव, बीएसए से नामित सदस्य अंग्रह प्रकाश श्रीवास्तव, श्रीमती उमारानी वैद्य, प्राचार्य से नामित सदस्य हाकिम सिंह, महिला प्रधानाध्यापक श्रीमती प्रतिमा साहू, सहायक अध्यापिका अलका अग्रवाल, खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार त्रिपाठी, एनएल शर्मा, श्रीमती वंदना चौकसे, अनीता कुशवाहा, प्रवक्ता ओपी बिरथरे, श्रीमती शकुंतला कुशवाहा, रंजीत सिंह, बालकृष्ण नायक, अहिवरन सिंह, अयोध्या प्रसाद प्रजापति, वीके रिछारिया, कमलेश कुमार, संतोष कुमार सक्सेना, प्रताप सिंह निरंजन, नेहा कटियार सदस्य हैं। ग्रुप के सभी सदस्योें को अनुवश्रण कार्यक्रम मिलने का इंतजार है। वहीं, बीते दिनों जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद के निरीक्षण में शैक्षिक स्तर की कलई खुल गई थी, जब उच्च प्राथमिक विद्यालय का अध्ययनरत कक्षा छह का छात्र हिंदी के पाठ ईदगाह का शुद्ध तरीके से वाचन नहीं कर पाया था।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के मुकाबले तैयार करने को खेल- खेल में शिक्षा सरीखे कार्यक्रमों के अलावा तमाम तरह के प्रशिक्षण आयोजित हो रहे हैं, बावजूद इसके कार्यक्रमों के सार्थक परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। कई कार्यक्रम तो फाइलों में दफन होकर रह गए हैं। ऐसा ही कुछ एआरजी ग्रुप का हो रहा है। शैक्षिक अनुश्रवण के लिए समूह के सदस्य नामित कर लिए गए हैं लेकिन, अभी तक उनका अनुश्रवण कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। इसके चलते विभागीय अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते माह एआरजी ग्रुप का गठन किया गया था, इसमें अध्यक्ष जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य श्रीमती नीना उदैनिया, सदस्य मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक झांसी, उपाध्यक्ष उप प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सदस्य विशेषज्ञ बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा, एनजीओ के अजय श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डा.जनक किशोरी शर्मा, डायट से नामित सदस्य वेदप्रकाश श्रीवास्तव, बीएसए से नामित सदस्य अंग्रह प्रकाश श्रीवास्तव, श्रीमती उमारानी वैद्य, प्राचार्य से नामित सदस्य हाकिम सिंह, महिला प्रधानाध्यापक श्रीमती प्रतिमा साहू, सहायक अध्यापिका अलका अग्रवाल, खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार त्रिपाठी, एनएल शर्मा, श्रीमती वंदना चौकसे, अनीता कुशवाहा, प्रवक्ता ओपी बिरथरे, श्रीमती शकुंतला कुशवाहा, रंजीत सिंह, बालकृष्ण नायक, अहिवरन सिंह, अयोध्या प्रसाद प्रजापति, वीके रिछारिया, कमलेश कुमार, संतोष कुमार सक्सेना, प्रताप सिंह निरंजन, नेहा कटियार सदस्य हैं। ग्रुप के सभी सदस्योें को अनुवश्रण कार्यक्रम मिलने का इंतजार है। वहीं, बीते दिनों जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद के निरीक्षण में शैक्षिक स्तर की कलई खुल गई थी, जब उच्च प्राथमिक विद्यालय का अध्ययनरत कक्षा छह का छात्र हिंदी के पाठ ईदगाह का शुद्ध तरीके से वाचन नहीं कर पाया था।
विज्ञापन