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-ई-आफिस प्रणाली लागू के लिए तैयार नहीं दिख रहे विभाग
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:17 AM IST
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ई-आफिस प्रणाली की आधी अधूरी तैयारी
ललितपुर। पंद्रह अगस्त से जनपद स्तरीय कार्यालयों में लागू होने वाली ई-आफिस प्रणाली की तैयारियां आधी-अधूरी दिखाई दे रही हैं। जहां 72 में से 46 विभागों में मास्टर डाटा मैनेजर चयनित हो पाए हैं, वही, कार्यरत 720 में से 133 के डिटिजल हस्ताक्षर के डोगल प्राप्त हुए हैं तो 545 कर्मियों की ही ईमेल आईडी बन सकी हैं। इतना ही नहीं, कई विभाग अभी भी इंटरनेट कनेक्शन से दूर हैं। इससे विभागीय अफसरों की ई आफिस प्रणाली में ली जा रही रुचि का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकारी कार्यालयों में कागजों के बढ़ते इस्तेमाल से सरकार चिंतित है। कई विभाग तो ऐसे हैं जहां फाइलों को रखने की समस्या बनी हुई है तो कई कार्यालयों में सूचनाओं के समय से आदान-प्रदान में कठिनाइयां आ रही हैं। जिसे ध्यान में रखकर शासन ने पंद्रह अगस्त से कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। जिसके तहत अधिकारियों, कर्मचारियों के हस्ताक्षर डिजिटल कराए जा रहे हैं। वहीं, कार्यालय के दो अधिकारियों में से एक को एम्पलाई मास्टर डाटाबेस मैनेजर नियुक्त करने व नामित अधिकारी को एनआईसी डाट इन या जीओवी डाट इन पर ई मेल आईडी बनाने के निर्देश हैं। यही नहीं, कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों को ई-आफिस प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि कामकाज में किसी प्रकार की परेशानी न आए। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर ई-आफिस प्रणाली को लागू करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर में 72 सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं जिनमें से 46 विभागों में ही मास्टर डाटा मैनेजर ही चयनित हो सकें हैं। वहीं, 720 कर्मियों के डिजिटल हस्ताक्षर बनाए जाने हैं, इनमें से 133 कर्मियों के डोगल प्राप्त हो गए हैं। इसी तरह 720 में से 545 कर्मियों की ईमेल आईडी बन चुकी हैं। ई आफिस प्रणाली के प्रशिक्षण का प्रथम चरण पूरा हो गया है। वर्तमान में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है। इस प्रशिक्षण में 540 अधिकारी, कर्मचारी प्रतिभाग कर रहे हैं। इन आधी-अधूरी तैयारियों में पंद्रह अगस्त से ई आफिस प्रणाली लागू हो पाएगी, यह बड़ा सवाल बनकर उभरा है। बीते दिनों जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने इसकी समीक्षा भी की थी। इसके बाद भी ई आफिस प्रणाली के कार्य में तेजी नहीं आ सकी है। अब सबकी नजरें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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ई आफिस में इनकी पड़ेगी जरूरत
ई आफिस प्रणाली के क्रियान्वयन के लिए कार्यालयों में हार्डवेयर, इंटरनेट कनेक्टविटी, ई आफिस प्रशिक्षण, डिजिटल सिगनेचर, ई मेल आईडी की आवश्यकता होगी।
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इस प्रणाली के ये हैं फायदे
ई आफिस प्रणाली लागू होने के कई फायदे हैं। इससे कार्यालय में कर्मियों को कागजी फाइलों के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जाने वाली सूचनाएं देने में आसानी हो जाएगी। सरकारी कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को कार्यरत कर्मी टरका नहीं पाएंगे। इससे जानबूझकर लेटलतीफी करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा। कार्यालयी कामकाज में तेजी आ जाएगी। इसके अलावा सरकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार कम हो जाएगा।
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ये बन रहे हैंरोड़ा
कई सरकारी कार्यालयों में कुछ बाबू ऐसे हैं, जिन्हें कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं है। कुछेक बाबू तो ऐसे हैं जो उम्रदराज हो गए हैं और अब वह कम्प्यूटर सीखने की स्थिति में नहीं हैं। कुछ सरकारी कार्यालय ऐसे हैं जिन्हें अभी तक कम्प्यूटर से लैस नहीं किया जा सका है। इन्हीं में से एक विधिक माप विज्ञान कार्यालय है। यह अकेला कार्यालय नहीं है, ऐसे जिले में कई कार्यालय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की स्पीड कम रहती है या आए दिन बाधित रहती है। कई बार तो तीन से चार दिन तक भी इंटरनेट बाधित रहता है।
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लागू करने की चल रही तैयारी
ई आफिस की तैयारी के क्रम में 133 कर्मचारियों के डोगल प्राप्त हो गए हैं। वहीं, 46 विभागों ने मास्टर डाटा मैनेजन चयनित कर लिए हैं। अवशेष में कार्रवाई पूरी कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरे चरण का प्रशिक्षण अधिकारी, कर्मचारियों को प्रदान किया जा रहा है।
बृजकिशोर वर्मा
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी