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अफसर बैठे आसमान में, हॉफ जाते सीढी चढ़ने में

Tue, 24 Oct 2017 10:23 PM IST
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:23 PM IST
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अफसर बैठे आसमान में, हॉफ जाते सीढी चढ़ने में
अफसर बैठे आसमान पर, कैसे करें फरियाद
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ललितपुर।
एक ओर योगी सरकार फरियादियों के लिए सरकारी कार्यालयों में पीने का पानी और बैठने के लिए कुर्सियों की सुविधा मुहैया कराने पर जोर दे रही है, वहीं, जनता से जुड़े नगर पालिका परिषद कार्यालय में पहुंचना किसी पहाड़ी पर चढ़ने के जैसा है। तीन मंजिला इमारत की सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते जवान व्यक्ति भी हाफ जाता है तो वृद्ध और दिव्यांगों की स्थिति का अंदाजा तो सहज ही लगाया जा सकता है।
घंटाघर के पास बहुमंजिला डॉ. शादी लाल कामर्शियल कांप्लेक्स बना हुआ है। नीचे के तल पर ही चढ़ने के लिए करीब छह सीढ़ियां बनाई गई हैं। इसी तल पर कामर्शियल बाजार है। इसके बाद द्वितीय तल के लिए बारह से ज्यादा सीढ़ी बनाई गई है। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद कार्यालय तक पहुंचने के लिए करीब छत्तीस सीढ़ियां चढ़ना होती हैं। नगर पालिका कर्मी सुबह आते हैं और शाम को घर लौट जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा असुविधा वृद्ध और दिव्यांग शिकायतकर्ताओं को होती है। कई बार ऐसा होता है, जब शिकायतकर्ता अपनी समस्या लेकर कार्यालय में पहुंचते हैं तो उन्हें यहां कभी संबंधित पटल सहायक नहीं मिलता है तो कभी अधिकारी गैरहाजिर मिलते हैं। इन हालातों में शिकायतकर्ता इतनी हिम्मत भी नहीं कर पाते हैं कि कार्यालय की सीढ़ियां उतरने के बाद घर चले जाए और कुछ घंटे बाद कार्यालय में दोबारा पहुंच जाए। वरिष्ठ नागरिक तो कार्यालय जाने में कई बार सोचते हैं, जबकि दिव्यांगों के लिए कार्यालय की सीढ़ियां किसी पहाड़ पर चढ़ने से कम नहीं हैं। दिव्यांग उन्हीं स्थिति में कार्यालय की सीढ़ियां चढ़ते हैं, जब उन्हें अत्यंत आवश्यक हो जाता है। विडंबना यह है कि दिव्यांगों को आने-जाने के लिए रैंप बनाए जाते हैं, इस कामर्शियल कांप्लेक्स को बनाते समय इसका ध्यान नहीं रखा गया है, जो अब सभी के लिए कष्टदायक हो गया है। इसी माह की शुरुआत में पीडब्ल्यूडी सचिव और जिले के नोडल अधिकारी ने नगर पालिका परिषद का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने फरियादियों को पीने के पानी, बैठने के लिए कुर्सी या बैंच की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा नहीं होने पर आश्चर्य जताते हुए लिफ्ट का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने करीब 17 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया है।
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नपा नहीं पहुंच सकी एलआईसी बिल्डिंग में
तत्कालीन ईओ राकेश कुमार के समय पालिका कार्यालय को पुराने एलआईसी के भवन में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन, इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका। पूर्व नपाध्यक्ष नीलम सिंह वर्मा के कार्यकाल में पालिका कार्यालय पुराने नगर भवन में संचालित हो चुका है। वर्तमान में यह भवन स्टोर बनकर रह गया है।
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फोटो 8
कैप्सन-राजाराम
दो दिन से नहीं मिल रहे बाबूजी
मकान के दस्तावेजों की नकल पाने के लिए दो दिन से संबंधित बाबू की तलाश में कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। यहां जब ऊपर चढ़ जाते हैं तो नीचे जाने की इच्छा नहीं होती है। घंटों कार्यालय में यहां-वहां समय बिताते हैं, लेकिन कोई नकल देने के लिए मिलता ही नहीं है। नगर पालिका की अव्यवस्था से परेशान हो गए हैं।

राजाराम, मुहल्ला गोविंदनगर

फोटो 9
कैप्सन-गुलाब रानी राजपूत
कार्यालय की सीढ़ियां चढ़ते छूट जाता पसीना
मकान की नकल पाने के लिए कार्यालय आए थे, यहां जिन बाबू से मिलना था वह कहीं गए हैं। अब जब तक बाबूजी आ नहीं जाते तब तक यही बैठना पड़ेगा। नगर पालिका के जीना चढ़ते-चढ़ते पसीना छूूट जाता है और सांस भी फूल जाती है।
गुलाबरानी राजपूत, वर्णी कालेज के पीछे

तैयार हो गया लिफ्ट का प्रस्ताव
कार्यालय में आने-जाने की सुविधा के लिए लिफ्ट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसमें धन की कमी आड़े आ रही है। शीघ्र ही इसका समाधान ढूंढ लिया जाएगा।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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