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महिला हेल्पलाइन 1
Updated Thu, 29 Jun 2017 02:15 AM IST
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रेस्क्यू वैन करेगी महिलाओं की सहायता
ललितपुर।
महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा और सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए महिला हेल्पलाइन 181 रेस्क्यू वैन का शुभारंभ बुधवार को डीएम मानवेंद्र सिंह द्वारा किया गया। हेल्पलाइन पर कॉल करने पर तैनात कर्मचारी मौके पर जाकर महिलाओं की मदद करेंगे।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 181-एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, जो 24 घंटे हर सप्ताह कार्य करेगा। इस हेल्प लाइन का केंद्रीयकृत कॉल सेंटर लखनऊ से संचालित है। विषम परिस्थितियों से ग्रस्त महिला द्वारा कॉल करने पर प्रशिक्षित टेली काउन्सलर्स द्वारा महिला को परामर्श दिया जाएगा। इमरजेंसी की स्थिति में वैन तत्काल महिला की सहायता के लिए पहुंचेगी। रैस्क्यू वैन में एक प्रशिक्षित महिला सुगमकर्ता के साथ महिला पुलिस आरक्षी तैनात है। रैस्क्यू वैन का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य महिला सशक्तीकरण मिशन के तहत जिला स्तर पर गठित जिला संचालन समिति के माध्यम से किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष डीएम और समिति के सदस्य सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी हैं, जिनके दिशा निर्देेश पर जिला संचालन समिति की देेखरेख में उक्त वैन संचालित होगी। हिंसा से पीड़ित महिलाओं को केंद्र तक लाने एवं रिपोर्टिंग पुलिस चौकी/संबंधित थाने को सुपुर्द करने के लिए 181 हेल्पलाइन सुगमकर्ता तीन शिफ्ट में तैनात किए जाएंगे। प्राथमिक उपचार/चिकित्सीय विधिक रिपोर्ट (मेडिको लीगल रिपोर्ट) दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-164 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिलाने, बाल कल्याण समितियों के समक्ष प्रस्तुत करने एवं अल्पप्रवास/दीघ्र प्रवास के लिए आच्छादित समस्त रैस्क्यू ऑपरेशन में 181 महिला हेल्पलाइन सुगमकर्ता द्वारा महिला, बच्चों के साथ समस्त प्रक्रियाओं में संबद्ध रहेगी एवं विवरण के पूर्ण आख्या एक रजिस्टर में दर्ज होगी। रैस्क्यू वाहन का आवागमन जीपीएस द्वारा मॉनीटर किया जाएगा, जिसका लॉग मासिक रूप से महिला कल्याण निदेशक एवं संबंधित जिला परिवीक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल, जिला सूचना अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पीयूष चंद्र राय, संरक्षण अधिकारी पंकज कुमार, जयराम, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी खुशबू जायसवाल, सुगमकर्ता रचना सहगल, रुपेश कुमार शर्मा, विनीत कुमार, आंकड़ा विश्लेषक रमाकांत नगाइच, प्रविज्ञ जैन, रवि प्रकाश शर्मा, सुरेंद्र कुमार, सुरेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
ललितपुर।
महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा और सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए महिला हेल्पलाइन 181 रेस्क्यू वैन का शुभारंभ बुधवार को डीएम मानवेंद्र सिंह द्वारा किया गया। हेल्पलाइन पर कॉल करने पर तैनात कर्मचारी मौके पर जाकर महिलाओं की मदद करेंगे।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 181-एक टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, जो 24 घंटे हर सप्ताह कार्य करेगा। इस हेल्प लाइन का केंद्रीयकृत कॉल सेंटर लखनऊ से संचालित है। विषम परिस्थितियों से ग्रस्त महिला द्वारा कॉल करने पर प्रशिक्षित टेली काउन्सलर्स द्वारा महिला को परामर्श दिया जाएगा। इमरजेंसी की स्थिति में वैन तत्काल महिला की सहायता के लिए पहुंचेगी। रैस्क्यू वैन में एक प्रशिक्षित महिला सुगमकर्ता के साथ महिला पुलिस आरक्षी तैनात है। रैस्क्यू वैन का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य महिला सशक्तीकरण मिशन के तहत जिला स्तर पर गठित जिला संचालन समिति के माध्यम से किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष डीएम और समिति के सदस्य सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी हैं, जिनके दिशा निर्देेश पर जिला संचालन समिति की देेखरेख में उक्त वैन संचालित होगी। हिंसा से पीड़ित महिलाओं को केंद्र तक लाने एवं रिपोर्टिंग पुलिस चौकी/संबंधित थाने को सुपुर्द करने के लिए 181 हेल्पलाइन सुगमकर्ता तीन शिफ्ट में तैनात किए जाएंगे। प्राथमिक उपचार/चिकित्सीय विधिक रिपोर्ट (मेडिको लीगल रिपोर्ट) दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-164 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिलाने, बाल कल्याण समितियों के समक्ष प्रस्तुत करने एवं अल्पप्रवास/दीघ्र प्रवास के लिए आच्छादित समस्त रैस्क्यू ऑपरेशन में 181 महिला हेल्पलाइन सुगमकर्ता द्वारा महिला, बच्चों के साथ समस्त प्रक्रियाओं में संबद्ध रहेगी एवं विवरण के पूर्ण आख्या एक रजिस्टर में दर्ज होगी। रैस्क्यू वाहन का आवागमन जीपीएस द्वारा मॉनीटर किया जाएगा, जिसका लॉग मासिक रूप से महिला कल्याण निदेशक एवं संबंधित जिला परिवीक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल, जिला सूचना अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पीयूष चंद्र राय, संरक्षण अधिकारी पंकज कुमार, जयराम, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी खुशबू जायसवाल, सुगमकर्ता रचना सहगल, रुपेश कुमार शर्मा, विनीत कुमार, आंकड़ा विश्लेषक रमाकांत नगाइच, प्रविज्ञ जैन, रवि प्रकाश शर्मा, सुरेंद्र कुमार, सुरेश श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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