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पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिलाने की मांग
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:45 AM IST
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पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिलाने की मांग
ललितपुर। उत्तर प्रदेश सेवा निवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद ने पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनर्स की समस्याओं को लेकर बीएसए को एक ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि विगत तीन महीनों से पेंशन पुनरीक्षण के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि प्रतिनिधियों द्वारा बार-बार अनुरोध भी किया गया। वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनसर को पेंशन पुनरीक्षण से होने वाले लाभ से वह अब भी वंचित हैं। जबकि एक वर्ष पूर्व के शासनादेश के अनुसार 2016 के पूर्व के पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण की कार्यवाही संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा सूचना व आवेदन प्राप्त किए जाने के बिना की जानी थी। यह कार्रवाई विभागाध्यक्षों को तत्काल किए जाने के आदेश हैं। पेंशन पुनरीक्षण के लिपिक को 31 जुलाई 2018 को सेवानिवृत्त होने की जानकारी उनके संज्ञान में थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही दूसरे लिपिक द्वारा उक्त प्रकरण में कार्रवाई करवाई गई। जबकि उक्त कार्य अब तक पूर्ण हो जाना चाहिए था। कल्याण परिषद के सभी सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी पेंशन पुनरीक्षण संबंधी कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे 17 सितंबर से उनके कार्यालय में 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक धरने पर बैठने को विवश होंगे। ज्ञापन पर अध्यक्ष कैलाश नारायण पाठक और संयुक्त मंत्री आदित्य नारायण तिवारी के हस्ताक्षर हैं।
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश सेवा निवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद ने पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनर्स की समस्याओं को लेकर बीएसए को एक ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि विगत तीन महीनों से पेंशन पुनरीक्षण के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि प्रतिनिधियों द्वारा बार-बार अनुरोध भी किया गया। वर्ष 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनसर को पेंशन पुनरीक्षण से होने वाले लाभ से वह अब भी वंचित हैं। जबकि एक वर्ष पूर्व के शासनादेश के अनुसार 2016 के पूर्व के पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण की कार्यवाही संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा सूचना व आवेदन प्राप्त किए जाने के बिना की जानी थी। यह कार्रवाई विभागाध्यक्षों को तत्काल किए जाने के आदेश हैं। पेंशन पुनरीक्षण के लिपिक को 31 जुलाई 2018 को सेवानिवृत्त होने की जानकारी उनके संज्ञान में थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही दूसरे लिपिक द्वारा उक्त प्रकरण में कार्रवाई करवाई गई। जबकि उक्त कार्य अब तक पूर्ण हो जाना चाहिए था। कल्याण परिषद के सभी सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी पेंशन पुनरीक्षण संबंधी कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे 17 सितंबर से उनके कार्यालय में 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक धरने पर बैठने को विवश होंगे। ज्ञापन पर अध्यक्ष कैलाश नारायण पाठक और संयुक्त मंत्री आदित्य नारायण तिवारी के हस्ताक्षर हैं।