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अतिक्रमण के चपेट में महापुरूषों के स्मारक

Mon, 19 Feb 2018 01:48 AM IST
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:48 AM IST
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अतिक्रमण के चपेट में महापुरूषों के स्मारक
अतिक्रमण के चपेट में महापुरुषों के स्मारक
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कहीं होर्डिंग्स में छिपे तो किसी के सामने सजीं दुकानें
ललितपुर।
जिन महापुरुषों ने देशवासियों को खुली सांस में रहना सिखाया। वह आज अतिक्रमण के चंगुल में फंसकर रह गए हैं। कहीं होर्डिग्स में छिप गए हैं तो कहीं लोगों ने उनके आगे ही अपनी दुकानें सजा ली हैं। पिछले दिनों नगर कांग्रेस कमेटी ने सुपर मार्केट में बने स्मारक की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन एसडीएम को दिया था। इसके बाद भी स्मारकों के हॉल जस के तस बने हुए हैं।
महापुरुषों के बलिदान से युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके। जिसे ध्यान में रखकर नगर पालिका ने शहर के चौराहों और बाजारों में महापुरुषों की मूर्ति स्थापित की हैं। इनमें जेल चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, जेल कारागार के सामने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर, पंजाब नेशनल बैंक के पास वीरांगना अवंतीबाई, तुवन चौराहे पर परमानंद मूर्ति स्थल, सावरकर चौक पर वीर सावरकर, महावीर प्याऊ के पास बाबूलाल फूलमाली स्मारक, घंटाघर के पास बृजनंदन किलेदार, सुपर मार्केट में बृजनंदन शर्मा, नझाई बाजार में महाराजा अग्रसेन व स्वामी विवेकानंद की मूर्ति लगाई गई है। इसमें से सबसे ज्यादा अतिक्रमण स्वतंत्रता सेनानी बाबूलाल फूलमाली स्मारक व स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के पास है। वर्तमान में अतिक्रमण से घिरे स्मारकों तक पहुंचना कोई आसान नहीं है। वहीं, बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा होर्डिंग्स में छिप गई है। प्रधान डाकघर के पास सरदार पटेल की प्रतिमा के पीछे होर्डिंग लगा है तो बगल में अघोषित टैक्सी स्टैंड संचालित हो रहा है। सुपर मार्केट में बृजनंदन शर्मा की प्रतिमा पर आए दिन प्लास्टिक के गिलास रख दिए जाते हैं तो उसके बगल में आए दिन डलिया रख दी जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानचंद अलया की प्रतिमा के आसपास शराब पीने में इस्तेमाल हो चुके गिलास फेंक दिए जाते हैं। वहीं, बृजनदंन किलेदार की प्रतिमा के आसपास झूठे बर्तन रख दिए जाते हैं। परमानंद मूर्ति स्थल भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार जानकर अनजान बने हुए हैं। पिछले दिनों नगर कांग्रेस कमेटी के नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने स्मारकों की सुरक्षा को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया था। लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे लोगों में असंतोष पनप रहा है।
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शर्मा जी के नाम से बाजार का हो चुका नामकरण
स्वतंत्रता सेनानी बृजनंदन शर्मा के नाम से बाजार का नामकरण कर दिया गया ह्रै लेकिन मूर्ति की सुरक्षा पर तनिक भी ध्यान नहीं है। आए दिन सिरफिरे उनकी प्रतिमा पर झूठे गिलास रख देते हैं तो उनके बगल में भी अतिक्रमण पसरा रहता है।
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अनूप जैन
दुकानदार

प्रतिमाओं पर दिया जाए ध्यान
महापुरुषों की जगह-जगह प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई हैं। लेकिन, न तो रखरखाव और न ही उनकी सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है। जिससे नगरवासियों में असंतोष व्याप्त है।

नरेंद्र पटैरिया, दवा विक्रेता

कई मर्तबा कर चुके शिकायत
बाबूलाल फूलमाली स्मारक के आसपास पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। यही हाल अन्य स्मारकों का है। जिला प्रशासन एवं नगर पालिका को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
अजय जैन, अध्यक्ष,
बाबूलाल फूलमाली स्मारक समिति

बोर्ड में उठाएंगे स्मारकों की सुरक्षा का मामला
महापुरुषों के स्मारकों की कतई अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। इस मामले को पालिका की बोर्ड बैठक में उठाया जाएगा।
आलोक कुमार जैन मयूर, सभासद
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