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मंदिरों में सजे भगवान के झूले, भक्तों क हाथों से झूले भगवान
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:03 AM IST
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मंदिरों में झूला सजाया, भक्तों ने प्रभु को झुलाया
ललितपुर। सावन माह का तीसरा सोमवार निकलने के बाद शहर के प्रमुख राधा-कृृष्ण मंदिरों के अलावा अन्य मंदिरों व घरों में हरियाली तीज से भगवान ठाकुरजी और राधा-कृष्ण के झूले सजाए गए हैं। मंदिरों में भगवान का विशेष श्रंगार कर आकर्षक झाकिंया सजाईं र्गइं हैं, जिन्हें देेखने को मंदिरों में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सावन की बात आते ही भोलेनाथ, रक्षाबंधन और मंदिरों में झूलों की चर्चा जुड़ी ही रहती है। तीन सोमवार निकलने के बाद हरियाली तीज से मंदिरों में भगवान के झूले सजाए गए हैं। तीन दिन पहले शहर के अधिकांश मंदिरों में भगवान राधा कृष्ण को झूलों में विराजमान किया गया है। श्री जगदीश मंदिर के पुजारी कृष्ण मुरारी पुरोहित ने बताया कि मंदिर में भगवान को विशेष पोशाक धारण कराई गई है। रोजाना भजन कीर्तन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर में भगवान की आकर्षक झांकी सजाई गई है। वह बताते हैं कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीय को श्रावणी तीज होती है और बुंदेलखंड में यह हरियाली तीज के नाम से जानी जाती है। इसी दिन मंदिरों व घरों में भगवान के लिए झूले पड़ते हैं। शास्त्रों के अनुसार मंदिरों में भगवान को झूला झुलाने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पूर्व श्रावण मास की द्वादशी तक मंदिरों में भगवान झूलों में विराजमान रहेंगे। इसी प्रकार शहर के प्रमुख मंदिरों में तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिरा, मदनमोहनजी का मंदिर, श्रीरघुनाथजी का मंदिर, मुरलीधर मंदिर, पतरुआ मंदिर, नृसिंह मंदिर, पुलिस लाइन का मंदिर, छोटीदेवी माता मंदिर, ललितेश्वरी मंदिर आदि पर विशेष साज सज्जा के साथ झूलों में भगवान को विराजमान किया गया है।
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ललितपुर। सावन माह का तीसरा सोमवार निकलने के बाद शहर के प्रमुख राधा-कृृष्ण मंदिरों के अलावा अन्य मंदिरों व घरों में हरियाली तीज से भगवान ठाकुरजी और राधा-कृष्ण के झूले सजाए गए हैं। मंदिरों में भगवान का विशेष श्रंगार कर आकर्षक झाकिंया सजाईं र्गइं हैं, जिन्हें देेखने को मंदिरों में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
सावन की बात आते ही भोलेनाथ, रक्षाबंधन और मंदिरों में झूलों की चर्चा जुड़ी ही रहती है। तीन सोमवार निकलने के बाद हरियाली तीज से मंदिरों में भगवान के झूले सजाए गए हैं। तीन दिन पहले शहर के अधिकांश मंदिरों में भगवान राधा कृष्ण को झूलों में विराजमान किया गया है। श्री जगदीश मंदिर के पुजारी कृष्ण मुरारी पुरोहित ने बताया कि मंदिर में भगवान को विशेष पोशाक धारण कराई गई है। रोजाना भजन कीर्तन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर में भगवान की आकर्षक झांकी सजाई गई है। वह बताते हैं कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीय को श्रावणी तीज होती है और बुंदेलखंड में यह हरियाली तीज के नाम से जानी जाती है। इसी दिन मंदिरों व घरों में भगवान के लिए झूले पड़ते हैं। शास्त्रों के अनुसार मंदिरों में भगवान को झूला झुलाने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पूर्व श्रावण मास की द्वादशी तक मंदिरों में भगवान झूलों में विराजमान रहेंगे। इसी प्रकार शहर के प्रमुख मंदिरों में तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिरा, मदनमोहनजी का मंदिर, श्रीरघुनाथजी का मंदिर, मुरलीधर मंदिर, पतरुआ मंदिर, नृसिंह मंदिर, पुलिस लाइन का मंदिर, छोटीदेवी माता मंदिर, ललितेश्वरी मंदिर आदि पर विशेष साज सज्जा के साथ झूलों में भगवान को विराजमान किया गया है।
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