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महिला चेयरमेन के राज में महिलाओं की उपेक्षा
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महिला चेयरमैन के राज में महिलाओं की उपेक्षा
सर्दी के मौसम में भी लोहे के खोखे का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। महिला नगरपालिका चेयरमैन के राज में भी असहाय महिलाओं के लिए रैन बसेरा नहीं खोला गया है। आज भी महिलाओं को सर्दी से बचने के लिए मंदिर, स्टेशन जैसे स्थलों का सहारा लेना पड़ रहा है। एक महिला तो लोहे के खोखे में रात बिताने को मजबूर है।
नगर पालिका परिषद के इतिहास में पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष पद पर आसीन होने का अवसर मिला है। शहरी महिलाओं ने चुनाव के दौरान बड़ी उम्मीद पालकर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को वोट दिए थे। लेकिन वह महिलाओं की अपेक्षाओं पर अब तक खरी नहीं उतरी हैं। मौजूदा समय में सर्दी से बचाने के लिए निर्धन और असहायों को रैन बसेरा खोले गए हैं। कोतवाली स्थित रैन बसेरा में असहाय महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण निर्धन और असहाय महिलाओं के लिए ठिठुरन भरी सर्दी आफत साबित हो रही है। ऐसी ही समस्या से जूझ रही ब्लाक बिरधा के ग्राम रीछपुरा की निवासिनी मीरा है जो अपने तीन बच्चियों के साथ पिछले छह सालों से ललितपुर में डेरा जमाए हुए हैं। इस समय वह महिला थाने के पास एक लोहे के डिब्बे में रहती है। इस दुखियारी महिला का कहना है कि उसे न तो आसरा आवास और न ही कांशीराम आवास मिला है। बड़ी लड़की राजकुमारी 11 वर्ष की हो गई है, उसे उसकी चिंता सताने लगी है। अब तक रहने का कोई स्थायी इंतजाम नहीं हो पाया है। रैन बसेरा में रहने के लिए जाते हैं तो वहां तैनात कर्मी उसे दुत्कार कर भगा देते हैं। जब ठंड अधिक हो जाती है तो रेलवे स्टेशन बच्चियों को लेकर पहुंच जाते हैं। कहां जाए, यह बिलकुल समझ नहीं आ रहा है?
महिला प्रसाधन की सुविधा बदहाल
पुरानी तहसील के पास महिला प्रसाधन के लिए बनाया गया मूत्रालय बदहाल अवस्था में पड़ा है। इसके बाद भी उसकी सुध नहीं ली जा रही है। इसी मूत्रालय के पास कूड़ा फेंका जाता है।
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महिलाओं को खोले जाएंगे रैन बसेरा
नगर में पुरुषों के लिए रैन बसेरा पहले ही खोल दिया गया है। अब महिलाओं के लिए पृथक से रैन बसेरा की व्यवस्था की जाएगी।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद
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सर्दी के मौसम में भी लोहे के खोखे का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। महिला नगरपालिका चेयरमैन के राज में भी असहाय महिलाओं के लिए रैन बसेरा नहीं खोला गया है। आज भी महिलाओं को सर्दी से बचने के लिए मंदिर, स्टेशन जैसे स्थलों का सहारा लेना पड़ रहा है। एक महिला तो लोहे के खोखे में रात बिताने को मजबूर है।
नगर पालिका परिषद के इतिहास में पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष पद पर आसीन होने का अवसर मिला है। शहरी महिलाओं ने चुनाव के दौरान बड़ी उम्मीद पालकर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को वोट दिए थे। लेकिन वह महिलाओं की अपेक्षाओं पर अब तक खरी नहीं उतरी हैं। मौजूदा समय में सर्दी से बचाने के लिए निर्धन और असहायों को रैन बसेरा खोले गए हैं। कोतवाली स्थित रैन बसेरा में असहाय महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण निर्धन और असहाय महिलाओं के लिए ठिठुरन भरी सर्दी आफत साबित हो रही है। ऐसी ही समस्या से जूझ रही ब्लाक बिरधा के ग्राम रीछपुरा की निवासिनी मीरा है जो अपने तीन बच्चियों के साथ पिछले छह सालों से ललितपुर में डेरा जमाए हुए हैं। इस समय वह महिला थाने के पास एक लोहे के डिब्बे में रहती है। इस दुखियारी महिला का कहना है कि उसे न तो आसरा आवास और न ही कांशीराम आवास मिला है। बड़ी लड़की राजकुमारी 11 वर्ष की हो गई है, उसे उसकी चिंता सताने लगी है। अब तक रहने का कोई स्थायी इंतजाम नहीं हो पाया है। रैन बसेरा में रहने के लिए जाते हैं तो वहां तैनात कर्मी उसे दुत्कार कर भगा देते हैं। जब ठंड अधिक हो जाती है तो रेलवे स्टेशन बच्चियों को लेकर पहुंच जाते हैं। कहां जाए, यह बिलकुल समझ नहीं आ रहा है?
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महिला प्रसाधन की सुविधा बदहाल
पुरानी तहसील के पास महिला प्रसाधन के लिए बनाया गया मूत्रालय बदहाल अवस्था में पड़ा है। इसके बाद भी उसकी सुध नहीं ली जा रही है। इसी मूत्रालय के पास कूड़ा फेंका जाता है।
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महिलाओं को खोले जाएंगे रैन बसेरा
नगर में पुरुषों के लिए रैन बसेरा पहले ही खोल दिया गया है। अब महिलाओं के लिए पृथक से रैन बसेरा की व्यवस्था की जाएगी।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद