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अपर जोन में कम नहीं हो रहा पेयजल संकट
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:53 AM IST
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टैंकर चालकों से कहासुनी पर सप्लाई बंद
- मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नेहरू नगर के लोगों से हुआ विवाद
- आपूर्ति बंद होने से कई मोहल्ले हुए प्रभावित
- शाम को कुछ चालक काम पर लौटे
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को पानी के टैंकर चालकों का मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नेहरूनगर मोहल्ले के लोगों से कहासुनी हो गई। इसके बाद चालकों ने टैंकरों के पहिया जाम कर दिए। इससे नेहरू नगर, देवगढ़ सहित कई मोहल्ले प्रभावित हुए है। हालांकि शाम को कुछ चालक काम पर लौटने को राजी हो गए।
गर्मी की शुरुआत से ही समूचा शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है। इस समस्या को भूगर्भ जल स्तर नीचे की ओर खिसक जाने से और गहरा गया है। वर्तमान में टैंकर जलापूर्ति से समस्याग्रस्त इलाकों के लोगों की प्यास बुझाने का काम किया जा रहा है। बुधवार को नेहरू नगर में करीब 15 से 20 मिनट जलापूर्ति हुई। इससे लोगों को टैंकर जलापूर्ति पर निर्भर होना पड़ा। बुधवार को उस समय विकट हालात हो गए, जब टैंकर चालकों का मोहल्ले के लोगों से मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नोकझोंक हो गई। इससे नाराज होकर चालकों ने टैंकर के पहिये थाम कर आपूर्ति बंद कर दी। दोपहर तक चालकों को समझाने की कोशिश चलती रही। शाम करीब चार बजे कुछ चालक काम पर लौटने के लिए राजी हो गए। इसी तरह मोहल्ला आजादपुरा प्रथम का भी बुरा हाल है। यहां के सभासद स्वयं इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां जल संस्थान की ओर एक ही टैंकर पहुंच रहा है, जबकि सभासद ने आठ टैंकर की मांग की थी। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा से भी इस बारे में बात की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। वहीं, जुगपुरावासियों को पाइप लाइन विस्तार की कमी खल रही है। पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस इसकी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है। आने वाले दिनों में यह मामला गर्माने के आसार हैं। शहर में पानी की समस्या को लेकर केंद्रीय पेयजल मंत्री उमा भारती के उन दावों की पोल खुल गई है, जिसमें उन्होंने जनपद भ्रमण के दौरान कहा था कि पेयजल की दीर्घकालीन योजना बनाई जा रही है। इस बार जनपदवासियों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद भी जिले की पानी की समस्या का अभी तक निदान नहीं हो सका है। इससे परेशान होकर पिछले दिनों नेहरू नगर के लोग सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए नेहरू नगर की पेयजल समस्या पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन प्रशासन की दो दिन की कसरत के बाद भी मोहल्लेवासियों के हाथ सिर्फ परेशानी ही आई।
अधिकारी की मौजूदगी में चले टैंकर
अवर अभियंता प्रशांत त्रिपाठी की मौजूदगी में टैंकर से जलापूर्ति की गई। पिछले दिनोें डीएम मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को अधिकारी की मौजूदगी में टैंकर जलापूर्ति कराने के निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में बुधवार को जलापूर्ति की गई।
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दोपहर तीन बजे से चलने लगे टैंकर
टैंकर चालकों की कुछ मोहल्लेवासियों से बातचीत हो गई थी। जिसे लेकर चालकों में रोष फैल गया था। जिन्हें समझा लिया गया। दोपहर तीन बजे से समस्याग्रस्त इलाकों में फिर से टैंकर जाने लगे।
केपी सिंह, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान ललितपुर।
नहीं मिला टैंकर से पानी
नेहरू नगर में पानी की बड़ी समस्या है। टैंकर तो आते हैं, लेकिन भीड़ में सभी को पानी नहीं मिल पाता है। आज भी ऐसा ही हुआ। जब तक टैंकर पर पानी लेने पहुंचे तब तक लोगों ने अपने-अपने बर्तन जमा कर रख लिए थे। जब हमारी बारी आई तो टैंकर खाली हो चुका था। अब दूसरे टैंकर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
ऊषा
एक महीने से नहीं आए नल
एक माह से नल नहीं आ रहे हैं। जब कभी टुल्लू मशीन से पानी आता है वरना, नल से पानी की जगह हवा निकलती है। पूरा महीना यूं ही बीत गया। इस समय टैंकर से पानी जुटाकर काम चला रहे हैं। टैंकर पर भीड़ देखते ही बनती है। कोई ठेला तो कोई टैक्सी में बर्तन लेकर पानी भरने पहुंचता है।
मोहम्मद समद
हैंडपंप खराब होने से बड़ी समस्या
मालाजी के खेत मेें दो हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनसे लोग अपनी प्यास बुझा रहे थे। लेकिन वह भी तीन चार दिन से खराब पड़े हैं। जल संस्थान के कर्मी सूचना के बाद उसे सुधारने नहीं पहुंच रहे हैं। जो टैंकर आ रहे हैं वह मैन सड़क पर खड़े होते हैं। गलियों में पीने के पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोमल
दो साल से नहीं आए नल
घर में लगे नल में करीब दो साल से पानी नहीं आया है। पहले हैंडपंप से पानी भरते थे, अब उसमें ही पानी कम हो गया है तो मजबूरन, टैंकर से प्यास बुझानी पड़ रही है। जब तक गलियों में टैंकर नहीं पहुंचेंगे तब तक पानी की समस्या कम होने वाली नहीं है। जिस पर किसी का ध्यान तक नहीं है।
शांति
चालकों की हड़ताल से नहीं चले टैंकर
मोहल्ले के लोगों का विवाद टैंकर चालकों से हो गया था। इसके अलावा चालकों की कुछ विभागीय मांगे भी थी। ऐसे में चालकों ने टैंकर नहीं चलाए, जिससे मोहल्ले की जलापूर्ति प्रभावित हुई।
रामबाबू यादव
सभासद
वार्ड नंबर तीन नेहरू नगर
थकहार कर बैठ गए घर
मोहल्ले में पानी की भीषण समस्या है। वह खुद इससे जूझ रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारी से लेकर विधायक तक से कह चुके हैं, लेकिन किसी ने समस्या का अभी तक समाधान नहीं किया है। वर्तमान में थकहार कर घर बैठ गए हैं।
हरिओम कुशवाहा, सभासद
वार्ड नंबर 16, आजादपुरा प्रथम
टोरिया मंदिर तक नहीं पहुंच रहा पानी
जब से पंप हाउस पर टैंकरों में पानी भरा जा रहा है, तब से टोरिया मंदिर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसी तरह टैंकर से काम चलाया जा रहा है।
रामवती रजक, सभासद
वार्ड नंबर 1 सिद्दनपुरा
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- मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नेहरू नगर के लोगों से हुआ विवाद
- आपूर्ति बंद होने से कई मोहल्ले हुए प्रभावित
- शाम को कुछ चालक काम पर लौटे
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को पानी के टैंकर चालकों का मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नेहरूनगर मोहल्ले के लोगों से कहासुनी हो गई। इसके बाद चालकों ने टैंकरों के पहिया जाम कर दिए। इससे नेहरू नगर, देवगढ़ सहित कई मोहल्ले प्रभावित हुए है। हालांकि शाम को कुछ चालक काम पर लौटने को राजी हो गए।
गर्मी की शुरुआत से ही समूचा शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है। इस समस्या को भूगर्भ जल स्तर नीचे की ओर खिसक जाने से और गहरा गया है। वर्तमान में टैंकर जलापूर्ति से समस्याग्रस्त इलाकों के लोगों की प्यास बुझाने का काम किया जा रहा है। बुधवार को नेहरू नगर में करीब 15 से 20 मिनट जलापूर्ति हुई। इससे लोगों को टैंकर जलापूर्ति पर निर्भर होना पड़ा। बुधवार को उस समय विकट हालात हो गए, जब टैंकर चालकों का मोहल्ले के लोगों से मटमैले पानी की आपूर्ति को लेकर नोकझोंक हो गई। इससे नाराज होकर चालकों ने टैंकर के पहिये थाम कर आपूर्ति बंद कर दी। दोपहर तक चालकों को समझाने की कोशिश चलती रही। शाम करीब चार बजे कुछ चालक काम पर लौटने के लिए राजी हो गए। इसी तरह मोहल्ला आजादपुरा प्रथम का भी बुरा हाल है। यहां के सभासद स्वयं इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां जल संस्थान की ओर एक ही टैंकर पहुंच रहा है, जबकि सभासद ने आठ टैंकर की मांग की थी। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा से भी इस बारे में बात की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। वहीं, जुगपुरावासियों को पाइप लाइन विस्तार की कमी खल रही है। पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस इसकी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है। आने वाले दिनों में यह मामला गर्माने के आसार हैं। शहर में पानी की समस्या को लेकर केंद्रीय पेयजल मंत्री उमा भारती के उन दावों की पोल खुल गई है, जिसमें उन्होंने जनपद भ्रमण के दौरान कहा था कि पेयजल की दीर्घकालीन योजना बनाई जा रही है। इस बार जनपदवासियों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद भी जिले की पानी की समस्या का अभी तक निदान नहीं हो सका है। इससे परेशान होकर पिछले दिनों नेहरू नगर के लोग सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए नेहरू नगर की पेयजल समस्या पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन प्रशासन की दो दिन की कसरत के बाद भी मोहल्लेवासियों के हाथ सिर्फ परेशानी ही आई।
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अधिकारी की मौजूदगी में चले टैंकर
अवर अभियंता प्रशांत त्रिपाठी की मौजूदगी में टैंकर से जलापूर्ति की गई। पिछले दिनोें डीएम मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को अधिकारी की मौजूदगी में टैंकर जलापूर्ति कराने के निर्देश दिए थे। जिसके क्रम में बुधवार को जलापूर्ति की गई।
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दोपहर तीन बजे से चलने लगे टैंकर
टैंकर चालकों की कुछ मोहल्लेवासियों से बातचीत हो गई थी। जिसे लेकर चालकों में रोष फैल गया था। जिन्हें समझा लिया गया। दोपहर तीन बजे से समस्याग्रस्त इलाकों में फिर से टैंकर जाने लगे।
केपी सिंह, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान ललितपुर।
नहीं मिला टैंकर से पानी
नेहरू नगर में पानी की बड़ी समस्या है। टैंकर तो आते हैं, लेकिन भीड़ में सभी को पानी नहीं मिल पाता है। आज भी ऐसा ही हुआ। जब तक टैंकर पर पानी लेने पहुंचे तब तक लोगों ने अपने-अपने बर्तन जमा कर रख लिए थे। जब हमारी बारी आई तो टैंकर खाली हो चुका था। अब दूसरे टैंकर के आने का इंतजार कर रहे हैं।
ऊषा
एक महीने से नहीं आए नल
एक माह से नल नहीं आ रहे हैं। जब कभी टुल्लू मशीन से पानी आता है वरना, नल से पानी की जगह हवा निकलती है। पूरा महीना यूं ही बीत गया। इस समय टैंकर से पानी जुटाकर काम चला रहे हैं। टैंकर पर भीड़ देखते ही बनती है। कोई ठेला तो कोई टैक्सी में बर्तन लेकर पानी भरने पहुंचता है।
मोहम्मद समद
हैंडपंप खराब होने से बड़ी समस्या
मालाजी के खेत मेें दो हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनसे लोग अपनी प्यास बुझा रहे थे। लेकिन वह भी तीन चार दिन से खराब पड़े हैं। जल संस्थान के कर्मी सूचना के बाद उसे सुधारने नहीं पहुंच रहे हैं। जो टैंकर आ रहे हैं वह मैन सड़क पर खड़े होते हैं। गलियों में पीने के पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कोमल
दो साल से नहीं आए नल
घर में लगे नल में करीब दो साल से पानी नहीं आया है। पहले हैंडपंप से पानी भरते थे, अब उसमें ही पानी कम हो गया है तो मजबूरन, टैंकर से प्यास बुझानी पड़ रही है। जब तक गलियों में टैंकर नहीं पहुंचेंगे तब तक पानी की समस्या कम होने वाली नहीं है। जिस पर किसी का ध्यान तक नहीं है।
शांति
चालकों की हड़ताल से नहीं चले टैंकर
मोहल्ले के लोगों का विवाद टैंकर चालकों से हो गया था। इसके अलावा चालकों की कुछ विभागीय मांगे भी थी। ऐसे में चालकों ने टैंकर नहीं चलाए, जिससे मोहल्ले की जलापूर्ति प्रभावित हुई।
रामबाबू यादव
सभासद
वार्ड नंबर तीन नेहरू नगर
थकहार कर बैठ गए घर
मोहल्ले में पानी की भीषण समस्या है। वह खुद इससे जूझ रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारी से लेकर विधायक तक से कह चुके हैं, लेकिन किसी ने समस्या का अभी तक समाधान नहीं किया है। वर्तमान में थकहार कर घर बैठ गए हैं।
हरिओम कुशवाहा, सभासद
वार्ड नंबर 16, आजादपुरा प्रथम
टोरिया मंदिर तक नहीं पहुंच रहा पानी
जब से पंप हाउस पर टैंकरों में पानी भरा जा रहा है, तब से टोरिया मंदिर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसी तरह टैंकर से काम चलाया जा रहा है।
रामवती रजक, सभासद
वार्ड नंबर 1 सिद्दनपुरा