फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   शिक्षा: परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों को पछाड़ा

शिक्षा: परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों को पछाड़ा

Wed, 07 Feb 2018 02:05 AM IST
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:05 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा: परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों को पछाड़ा
पढ़ाई में परिषदीय स्कूलों के बच्चे अव्वल
विज्ञापन

ललितपुर।
जिले के सरकारी स्कूल के बच्चों ने सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पीछे छोड़ दिया है। इसका मतलब यह है कि परिषदीय स्कूलों में एडेड स्कूलों से बेहतर पढ़ाई हो रही है। यह खबर चौंकाने वाली है, इसकी पुष्टी नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 की रिपोर्ट में हुई है।

स्थानीय जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में डायट प्राचार्य जेपी राजपूत और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार की उपस्थिति में जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 के परिणामों पर चर्चा की गई व आगामी कार्य योजना के निर्माण के संबंध में समस्त सह समन्वयकों व विषय विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए गए। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 के परिणाम बेसिक शिक्षकों के मन को सुकून पहुंचाने वाले आए हैं। जहां परिषदीय विद्यालयों का परफॉर्मेंस प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया हैं कि कक्षा 08 में भाषा में परिषदीय बच्चों का इस सर्वेक्षण में उपलब्धि प्रतिशत 58.9 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी क्षेत्रों के बच्चों का उपलब्धि प्रतिशत मात्र 46.11 प्रतिशत रहा है। इसी प्रकार कक्षा आठ में गणित में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का सर्वेक्षण में उपलब्धि 45 प्रतिशत रही, जबकि मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों का सर्वेक्षण में प्रतिशत मात्र 28 प्रतिशत रहा है। वहीं अधिकारियों ने कहा कि यह दोनों आंकड़े ऐसे हैं जो पूर्व माध्यमिक स्तर के परिषदीय शिक्षकों के निरंतर प्रयास और कठिन परिश्रम को मंजिल की ओर जाने का इशारा करते हैं, लेकिन वास्तव में यह आंकड़े पूरी तरह सत्य नहीं है । क्योंकि परिषदीय विद्यालय के बच्चों का इस सर्वे में प्रतिनिधित्व ज्यादा था। तुलनात्मक रूप से शहरी व एडेड स्कूलों के बच्चों के तुलनात्मक रुप में प्रतिशत में आंकड़े परिषदीय शिक्षकों को राहत देने के लिए काफी हैं। परिषदीय शिक्षकों को अति आत्मविश्वास से बचते हुए सुधार के प्रयासों को निरंतर जारी रखना होगा। बैठक में नेशनल अचीवमेंट सर्वेक्षण के सह प्रभारी हेमंत कुमार तिवारी ने विषय वार न्यूनतम अधिगम स्तर वाले प्रकरणों पर चर्चा की और विषय विशेषज्ञों से इन प्रकरणों के शिक्षण पर अपनी सुझावात्मक कार्य योजना व गतिविधि पूर्ण शिक्षण की योजना संस्थान में उपलबध कराने के लिए कहा। ताकि समय अंतर्गत सुधार के क्षेत्रों की कार्य योजना को एससीईआरटी से अनुमोदित कराकर आगामी प्रशिक्षणों की कार्य योजना बनाई जा सके। इस अवसर पर क्रियात्मक शोध के प्रस्तुतीकरण के संदर्भ में आलोक श्रीवास्तव ने जानकारी रखी तथा सह समन्वयकों के वर्क परफॉर्मेंस के बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इनमें क्रियात्मक शोध, केस स्टडी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त एससीईआरटी के निर्देश के क्रम में जनपद में पीएलसी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी के गठन के संदर्भ में हेमंत तिवारी ने विस्तार से प्रकाश डाला प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी वास्तव में शिक्षकों का एक ऐसा समुदाय है, जो समय-समय पर शिक्षकों को शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुझाव देकर व अपने स्वयं के विद्यालयों में भी और अधिक गुणवत्तायुक्त कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। पीएलसी में जुड़ने वाले शिक्षक विद्यालय समय के अतिरिक्त समय व श्रम देकर विद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता के सुधार, बहुउपयोगी टीएलएम के निर्माण, समुदाय के उचित सहयोग, लिंगभेद, स्वास्थ्य स्वच्छता, तकनीकी प्रयोग, योग, संगीत, कला जैसे मुद्दों पर प्रभावी शिक्षण के तरीकों का आपसी समझ व परामर्श के साथ प्रयोग कर जनपद को शिक्षा के क्षेत्र में नए शिखर पर स्थापित करने का कार्य करेंगे। इस मौके पर सह समन्वयक सुनील पुरोहित, विकास, संतोष निरंजन, प्रशांत राजपूत, हरि नारायण चौबे, दीपा सिंधी, अशोक श्रीवास, अमित बबेले, महेश वर्मा, संतोष सिद्दीकी, अनिल पटेरिया सहित समस्त सह समन्वयक एवं प्रशिक्षण प्रभारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed