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कुछ दिन में ही ठहर गया शहजाद नदी का सफाई अभियान
Updated Sun, 04 Feb 2018 03:52 AM IST
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कुछ दिन में ही ठहर गया शहजाद नदी का सफाई अभियान
ललितपुर। वार्ड नंबर 22 नदीपुरा से होकर निकली शहजाद नदी का सफाई अभियान कुछ दिन चलने के बाद ठहर गया है। नदी के किनारे मंदिर के पास आज भी कचरा फैला है तो जलकुंभी ने पानी को अपने अंदर ढक लिया है। वहीं, अघोषित टैक्सी स्टैंड यातायात व्यवस्था को चुनौती दे रहा है।
मुहल्ला नदीपुरा को दो भागों में विभाजित किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा वार्ड नंबर 22 में आता है। जिसमें से होकर शहजाद नदी निकली है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सफाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इससे मंदिर भी अछूता नहीं है। यहां हनुमान मंदिर के पास ही कचरे का ढेर लगा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक ने नदी में चढ़ने उतरने के लिए घाटियों का निर्माण कराया था जो अब कचरे के ढेर में समा गई हैं। उसका कुछ ही हिस्सा बाहर दिखाई देता है। बीते दिनों नगर पालिका परिषद ने शहजाद नदी के लिए सफाई अभियान शुरू किया था जो आधी सफाई के बाद ठहर सा गया है। जहां नदी के किनारे अब भी कचरे के ढेर से दबे हुए हैं। वहीं, जलकुंभी ने नदी के पानी ढक रखा है। वार्ड के खाली हिस्से में जहां-तहां टैक्सी खड़ी हो रही है। जिससे यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। रामेश्वर मंदिर में रोशनी की समस्या बनी हुई है। इससे चंद कदमों की दूरी पर मछली की दुकानें लगी हुई हैं जबकि इसी मार्ग से होकर श्रद्धालु ललितेश्वरी मंदिर जाते हैं। इसके बाद भी दुकानों को मंदिर के आसपास से नहीं हटाया जा रहा है।
नदी के किनारे हो साफ सुथरे
शहजाद नदी में लगी कटीली झाड़ियों को हटाया गया है। वहीं, किनारे से कचरा भी हटा है। लेकिन अभी भी कई जगहों पर कचरे के ढेर लगे हैं। जिस स्थान पर कचरा फैला है इससे कुछ कदम की दूरी पर मंदिर बना हुआ है। इसके अलावा खुले में शौच की समस्या अभी भी बनी हुई है।
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संतोष
बस्ती से बाहर बने मछली मार्केट
नदीपुरा की घनी बस्ती में मछली मार्केट संचालित हो रहा है। इससे शाकाहार में विश्वास रखने वाले लोगों को भारी असुविधा होती है। कई लोग तो गली बदलकर मंदिर पहुंचते हैं। यदि मछली मार्केट को बस्ती से बाहर कर दिया जाए तो इससे वार्ड की साफ-सफाई ठीक हो जाएगी। वहीं, श्रद्घालुओं को मंदिर के लिए दूसरा रास्ता नहीं चुनना पड़ेगा।
राजेंद्र कुमार साहू
......
अधूरी होकर रह गई नदी की सफाई
शहजाद नदी की सफाई का कदम जल्दबाजी में उठाया गया है। जिस वजह से सफाई का अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। जब तक नदी से जलकुंभी को नहीं हटाया जाएगा तब तक नदी की सफाई कह देना बेमानी साबित होगा। ललितेश्वरी मंदिर के आसपास भी नदी का बुरा हाल है। जिस पर अभी तक किसी ने गौर नहीं किया है। पालिकाध्यक्ष इस ओर ध्यान देकर नदी की सफाई कराए।
......
नालियों पर गाटर नहीं होने की समस्या
वार्ड में सफाई का कार्य चल रहा है लेकिन नालियों पर गाटर नहीं होने की समस्या बनी हुई है। नदी में बने तीन घाटों की सफाई कराई जा रही है। कई सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव भी दिए हैं।
वाकर अली सभासद
वार्ड नंबर बाइस नदीपुरा
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ललितपुर। वार्ड नंबर 22 नदीपुरा से होकर निकली शहजाद नदी का सफाई अभियान कुछ दिन चलने के बाद ठहर गया है। नदी के किनारे मंदिर के पास आज भी कचरा फैला है तो जलकुंभी ने पानी को अपने अंदर ढक लिया है। वहीं, अघोषित टैक्सी स्टैंड यातायात व्यवस्था को चुनौती दे रहा है।
मुहल्ला नदीपुरा को दो भागों में विभाजित किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा वार्ड नंबर 22 में आता है। जिसमें से होकर शहजाद नदी निकली है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सफाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इससे मंदिर भी अछूता नहीं है। यहां हनुमान मंदिर के पास ही कचरे का ढेर लगा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक ने नदी में चढ़ने उतरने के लिए घाटियों का निर्माण कराया था जो अब कचरे के ढेर में समा गई हैं। उसका कुछ ही हिस्सा बाहर दिखाई देता है। बीते दिनों नगर पालिका परिषद ने शहजाद नदी के लिए सफाई अभियान शुरू किया था जो आधी सफाई के बाद ठहर सा गया है। जहां नदी के किनारे अब भी कचरे के ढेर से दबे हुए हैं। वहीं, जलकुंभी ने नदी के पानी ढक रखा है। वार्ड के खाली हिस्से में जहां-तहां टैक्सी खड़ी हो रही है। जिससे यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। रामेश्वर मंदिर में रोशनी की समस्या बनी हुई है। इससे चंद कदमों की दूरी पर मछली की दुकानें लगी हुई हैं जबकि इसी मार्ग से होकर श्रद्धालु ललितेश्वरी मंदिर जाते हैं। इसके बाद भी दुकानों को मंदिर के आसपास से नहीं हटाया जा रहा है।
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नदी के किनारे हो साफ सुथरे
शहजाद नदी में लगी कटीली झाड़ियों को हटाया गया है। वहीं, किनारे से कचरा भी हटा है। लेकिन अभी भी कई जगहों पर कचरे के ढेर लगे हैं। जिस स्थान पर कचरा फैला है इससे कुछ कदम की दूरी पर मंदिर बना हुआ है। इसके अलावा खुले में शौच की समस्या अभी भी बनी हुई है।
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संतोष
बस्ती से बाहर बने मछली मार्केट
नदीपुरा की घनी बस्ती में मछली मार्केट संचालित हो रहा है। इससे शाकाहार में विश्वास रखने वाले लोगों को भारी असुविधा होती है। कई लोग तो गली बदलकर मंदिर पहुंचते हैं। यदि मछली मार्केट को बस्ती से बाहर कर दिया जाए तो इससे वार्ड की साफ-सफाई ठीक हो जाएगी। वहीं, श्रद्घालुओं को मंदिर के लिए दूसरा रास्ता नहीं चुनना पड़ेगा।
राजेंद्र कुमार साहू
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अधूरी होकर रह गई नदी की सफाई
शहजाद नदी की सफाई का कदम जल्दबाजी में उठाया गया है। जिस वजह से सफाई का अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। जब तक नदी से जलकुंभी को नहीं हटाया जाएगा तब तक नदी की सफाई कह देना बेमानी साबित होगा। ललितेश्वरी मंदिर के आसपास भी नदी का बुरा हाल है। जिस पर अभी तक किसी ने गौर नहीं किया है। पालिकाध्यक्ष इस ओर ध्यान देकर नदी की सफाई कराए।
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नालियों पर गाटर नहीं होने की समस्या
वार्ड में सफाई का कार्य चल रहा है लेकिन नालियों पर गाटर नहीं होने की समस्या बनी हुई है। नदी में बने तीन घाटों की सफाई कराई जा रही है। कई सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव भी दिए हैं।
वाकर अली सभासद
वार्ड नंबर बाइस नदीपुरा