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विश्व धरोहर दिवस पर लिया पुरातत्व विरासत के संरक्षण का संकल्प
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:07 AM IST
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पुरातत्व विरासत के संरक्षण का संकल्प
ललितपुर। विश्व धरोहर सप्ताह के पहले दिन कल्यानपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में इंटेक ललितपुर चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुरातत्व विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया।
विश्व धरोहर दिवस के प्रथम दिन के अवसर पर इंटेक ललितपुर चैप्टर द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में भव्य आयोजन किया गया। इसमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की दीपशिखा महारानी लक्ष्मीबाई एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद करते हुए उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के समाजसेवी मोतीलाल राजपूत ने कहा कि वर्तमान परिवेश में अपनी रीतिरिवाज, परंपराएं, संस्कृति और विरासत को हर हाल में संरक्षित करना है। हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है हमें वैसी की वैसी आने वाली पीढ़ी को सौंपना है। हमारी प्राचीन संस्कृति, विरासत हमारे गौरव की निशानी है और इस गौरव को हम युवा पीढ़ी को जागरूक कर बचाये रख सकते हैं। उन्होंने कहा इंटेक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से इस धरोहर सप्ताह की शुरूआत कर प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने संकल्प लिया की ग्रामीणों को जाग्रत कर अपनी विरासत को बचाने का अभियान शुरू करेंगे। इंटेक संयोजन संतोष कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इंटेक विरासत संरक्षण, धरोहरों के संरक्षण के कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी संस्था है। जिसने पूरे देश में धरोहरों को संजोने और उनके संरक्षण के लिए उच्चस्तरीय प्रयास किए हैं, जिनके सार्थक परिणाम स्वरूप देश की पुरातात्विक धरोहरें हमारे सामने मौजूद है। हमारी प्राचीन विरासत, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, जो हमको हमारे स्वर्णिम अतीत की याद दिलाती है। वर्तमान में मौजूद इन धरोहरों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है। इन धरोहर स्थलों को संरक्षित और विकसित किया जाए, क्योंकि जनपद में पर्यटन विकास की काफी संभावनायें मौजूद हैं। कलाविद्ध ओमप्रकाश बिरथरे ने उपेक्षित विरासत स्थलों के रखरखाव एवं उनके संरक्षण पर बल देते हुए बुंदेलखंड की प्राचीन लोक संस्कृति एवं परंपराओं के उन्नयन पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। इंटेक सदस्य फिरोज इकबाल ने विश्व धरोहर सप्ताह के बारे में बताते हुए कहा 19 से 25 नवंबर तक संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए आगे आने वाली पीढ़ियों के लिये बचाकर रखा जा सके। साथ ही उन्होंने जनपद में खोजे गये नये पर्यटन एवं धरोहर स्थलों की जानकारी दी। विश्व धरोहर सप्ताह पर छात्राओं के लिये धरोहर क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें पिंकी राजपूत प्रथम, प्रियंका वर्मा द्वितीय, कृष्णा पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर गरिमा चौधरी, शाहीन बानो, जिनेंद्र सेन, इंद्रपाल, आशाराम विश्वकर्मा, परशुराम राजपूत उपस्थित रहे।
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ललितपुर। विश्व धरोहर सप्ताह के पहले दिन कल्यानपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में इंटेक ललितपुर चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुरातत्व विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया।
विश्व धरोहर दिवस के प्रथम दिन के अवसर पर इंटेक ललितपुर चैप्टर द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में भव्य आयोजन किया गया। इसमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की दीपशिखा महारानी लक्ष्मीबाई एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद करते हुए उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के समाजसेवी मोतीलाल राजपूत ने कहा कि वर्तमान परिवेश में अपनी रीतिरिवाज, परंपराएं, संस्कृति और विरासत को हर हाल में संरक्षित करना है। हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है हमें वैसी की वैसी आने वाली पीढ़ी को सौंपना है। हमारी प्राचीन संस्कृति, विरासत हमारे गौरव की निशानी है और इस गौरव को हम युवा पीढ़ी को जागरूक कर बचाये रख सकते हैं। उन्होंने कहा इंटेक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से इस धरोहर सप्ताह की शुरूआत कर प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने संकल्प लिया की ग्रामीणों को जाग्रत कर अपनी विरासत को बचाने का अभियान शुरू करेंगे। इंटेक संयोजन संतोष कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इंटेक विरासत संरक्षण, धरोहरों के संरक्षण के कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी संस्था है। जिसने पूरे देश में धरोहरों को संजोने और उनके संरक्षण के लिए उच्चस्तरीय प्रयास किए हैं, जिनके सार्थक परिणाम स्वरूप देश की पुरातात्विक धरोहरें हमारे सामने मौजूद है। हमारी प्राचीन विरासत, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, जो हमको हमारे स्वर्णिम अतीत की याद दिलाती है। वर्तमान में मौजूद इन धरोहरों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है। इन धरोहर स्थलों को संरक्षित और विकसित किया जाए, क्योंकि जनपद में पर्यटन विकास की काफी संभावनायें मौजूद हैं। कलाविद्ध ओमप्रकाश बिरथरे ने उपेक्षित विरासत स्थलों के रखरखाव एवं उनके संरक्षण पर बल देते हुए बुंदेलखंड की प्राचीन लोक संस्कृति एवं परंपराओं के उन्नयन पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। इंटेक सदस्य फिरोज इकबाल ने विश्व धरोहर सप्ताह के बारे में बताते हुए कहा 19 से 25 नवंबर तक संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए आगे आने वाली पीढ़ियों के लिये बचाकर रखा जा सके। साथ ही उन्होंने जनपद में खोजे गये नये पर्यटन एवं धरोहर स्थलों की जानकारी दी। विश्व धरोहर सप्ताह पर छात्राओं के लिये धरोहर क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें पिंकी राजपूत प्रथम, प्रियंका वर्मा द्वितीय, कृष्णा पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस मौके पर गरिमा चौधरी, शाहीन बानो, जिनेंद्र सेन, इंद्रपाल, आशाराम विश्वकर्मा, परशुराम राजपूत उपस्थित रहे।
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