{"_id":"59a1db5a4f1c1bd6208b4b46","slug":"21503779674-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय नहीं बनवाने पर लाभार्थियों को थमाए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय नहीं बनवाने पर लाभार्थियों को थमाए नोटिस
Updated Sun, 27 Aug 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शौचालय नहीं बनवाने पर नोटिस
ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनुदान लेने के बाद भी तमाम लाभार्थी शौचालय बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिस पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने करीब एक हजार लाभार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। जिससे उनमें खलबली मच गई है।
नगर के विभिन्न वार्डों में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय की कमी बनी हुई है। जिससे स्थानीय नागरिक खुले में शौच जाते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी माह वार्ड नंबर 22 व 26 को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरीके से अन्य वार्डों की तिथियां तय की गई हैं। सबसे ज्यादा खुले में शौच की समस्या सिविल लाइन, चौकाबाग, गोविंदनगर, आजादपुरा तृतीय, रामनगर, नेहरू नगर में है। जिन वार्डों को ओडीएफ बनाया जा रहा है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन, तमाम लाभार्थियों द्वारा इसके निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 5676 आवेदन स्वीकृत हुए हैं जिनमें से 1223 शौचालयों का ही निर्माण हो सका है। जिससे वार्डों को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य पिछड़ता दिखाई दे रहा है। जिसे संज्ञान में लेकर अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने उदासीन लाभार्थियों पर शिकंजा कसने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इसमें उन्होंने तीन दिन के अंदर निर्माण की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में भूराजस्व की भांति धनराशि की वसूली की जाएगी।
......
अनुदान लिया तो बनवाएं शौचालय
शौचालय निर्माण के लिए आठ हजार रुपये दो किस्तों में लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। तमाम लाभार्थियों ने अनुदान तो ले लिया लेकिन अब शौचालय निर्माण में हीलाहवाली बरत रहे हैं। पचास घरों को स्वयं जाकर देखा है। कई बार समझाया गया जब नहीं माने तब जाकर उन्हें नोटिस दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त नामित एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
विज्ञापन
ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनुदान लेने के बाद भी तमाम लाभार्थी शौचालय बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिस पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने करीब एक हजार लाभार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। जिससे उनमें खलबली मच गई है।
नगर के विभिन्न वार्डों में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय की कमी बनी हुई है। जिससे स्थानीय नागरिक खुले में शौच जाते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी माह वार्ड नंबर 22 व 26 को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरीके से अन्य वार्डों की तिथियां तय की गई हैं। सबसे ज्यादा खुले में शौच की समस्या सिविल लाइन, चौकाबाग, गोविंदनगर, आजादपुरा तृतीय, रामनगर, नेहरू नगर में है। जिन वार्डों को ओडीएफ बनाया जा रहा है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन, तमाम लाभार्थियों द्वारा इसके निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो 5676 आवेदन स्वीकृत हुए हैं जिनमें से 1223 शौचालयों का ही निर्माण हो सका है। जिससे वार्डों को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य पिछड़ता दिखाई दे रहा है। जिसे संज्ञान में लेकर अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने उदासीन लाभार्थियों पर शिकंजा कसने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इसमें उन्होंने तीन दिन के अंदर निर्माण की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा की स्थिति में भूराजस्व की भांति धनराशि की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
......
अनुदान लिया तो बनवाएं शौचालय
शौचालय निर्माण के लिए आठ हजार रुपये दो किस्तों में लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। तमाम लाभार्थियों ने अनुदान तो ले लिया लेकिन अब शौचालय निर्माण में हीलाहवाली बरत रहे हैं। पचास घरों को स्वयं जाकर देखा है। कई बार समझाया गया जब नहीं माने तब जाकर उन्हें नोटिस दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त नामित एनजीओ के माध्यम से लोगों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।