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कल से गणेशोत्सव, बीस को जलविहार, फिर भी सड़कों में गड़ढे ही गड्ढे
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:45 AM IST
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कल से गणेशोत्सव, बीस को जलविहार, सड़कों में गड्ढे
जलविहार शोभायात्रा मार्ग भी खस्ताहाल, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
सड़कों पर जीरा गिट्टी उखड़ने से वाहन फिसलने का खतरा बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कल से गणेश महोत्सव शुरू हो रहा है, जो दस दिनों तक चलना है और आठ दिन बाद ललितपुर में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा त्योहार जलविहार पर्व मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां चल रही हैं। वहीं, मुहर्रम महीना भी चल रहा है। इसके बाद भी शहर में सड़कों की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। हाल ही में नई सड़कों के निर्माण के बाद भी बारिश में जीरा गिट्टी उखड़ने से पूरे शहर में वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है, जो धार्मिक उत्सवों में अड़चन पैदा कर सकता है।
बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव की तैयारियां शहर में जोरशोर से चल रही हैं। कटरा बाजार में मुंबई के लाल बाग की तर्ज पर स्थापित की जा रही गणेश प्रतिमा इस धार्मिक पर्व के दौरान विशेष आकर्षण रहेगी, तो वहीं शहर में जगह-जगह गणेश महोत्सव समितियों द्वारा गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे पूरे शहर में दर्जनों पांडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। वहीं लोग घरों में भी अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश प्रतिमाएं स्थापित करेंगे। यह गणेश महोत्सव शहर में दस दिनों तक चलेगा। वहीं, बुंदेलखंड का सबसे बड़ा पर्व एकादशी के दिन शहर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें नगर व आसपास के क्षेत्रों में स्थित दर्जनों मंदिरों के भगवान ठाकुरजी अपने-अपने विमानों में विराजमान होंगे, सुम्मेरा तालाब पर जलविहार के लिए निकलेंगे, जिसमें पूरे जनपद से लोग एकत्रित होकर इस धार्मिक उत्सव में शामिल होते हैं। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय का मुहर्रम का महीना भी शुरू हो गया। इसमें मुस्लिम समुदाय द्वारा मुहर्रम की दस तारीख को ताजिये भी निकाले जाते हैं। इस तरह यह महीना पूरी तरह से धार्मिक पर्वों के लिए जाना जाता है। महीने भर विभिन्न धर्मों के धार्मिक पूर्व को लेकर जहां जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं, वहीं शहर की सड़कों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। मुख्य घंटाघर से सावरकर चौक और घंटाघर से पुरानी तहसील तिराहे तक एवं घंटाघर से जेल चौराहा तक सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। यहां गड्ढेें के साथ गिट्टी भी उखड़ गई है, जो वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी दिक्कत दे रही है। वहीं तुवन चौराहा से लेकर मुख्य कचहरी रोड, वर्णी चौराहा से कचहरी चौराहा और इसके बाद सदनशाह क्षेत्र में भी सड़कों की स्थिति काफी खराब है। वहीं कचहरी रोड पर सड़कों में गड्ढे होने के साथ ही यहां सड़कों की जीरा गिट्टी भी उखड़ गई है, जिससे बाइक तेज सरपट फर्राटा भर रहे वाहनों के फिसलने से खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है और आए दिन यहां वाइक सवार तो फिसलने से चुटहिल हो रहे हैं। अब जब धार्मिक उत्सव शुरु हो रहे हैं, तो ऐसे में सड़कों के गड्ढे श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बन गए हैं। वहीं बीस सितंबर को शहर में जलविहार पर्व पर विभिन्न मंदिरों के दर्जनों विमानों की शोभायात्रा एक उत्सव के रुप में मनाई जानी है, लेकिन शोभायात्रा मार्ग में गड्ढे और गिट्टी होने के कारण शोभायात्रा में श्रद्धालुओं को भी दिक्कत हो सकती है। कई संगठनों द्वारा ज्ञापन देकर पूर्व में भी कई बार सड़कों की स्थिति को लेकर मांग कर चुके हैं, लेकिन अब भी सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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जलविहार शोभायात्रा मार्ग भी खस्ताहाल, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
सड़कों पर जीरा गिट्टी उखड़ने से वाहन फिसलने का खतरा बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कल से गणेश महोत्सव शुरू हो रहा है, जो दस दिनों तक चलना है और आठ दिन बाद ललितपुर में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा त्योहार जलविहार पर्व मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां चल रही हैं। वहीं, मुहर्रम महीना भी चल रहा है। इसके बाद भी शहर में सड़कों की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। हाल ही में नई सड़कों के निर्माण के बाद भी बारिश में जीरा गिट्टी उखड़ने से पूरे शहर में वाहन फिसलने का खतरा बढ़ गया है, जो धार्मिक उत्सवों में अड़चन पैदा कर सकता है।
बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव की तैयारियां शहर में जोरशोर से चल रही हैं। कटरा बाजार में मुंबई के लाल बाग की तर्ज पर स्थापित की जा रही गणेश प्रतिमा इस धार्मिक पर्व के दौरान विशेष आकर्षण रहेगी, तो वहीं शहर में जगह-जगह गणेश महोत्सव समितियों द्वारा गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे पूरे शहर में दर्जनों पांडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। वहीं लोग घरों में भी अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश प्रतिमाएं स्थापित करेंगे। यह गणेश महोत्सव शहर में दस दिनों तक चलेगा। वहीं, बुंदेलखंड का सबसे बड़ा पर्व एकादशी के दिन शहर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें नगर व आसपास के क्षेत्रों में स्थित दर्जनों मंदिरों के भगवान ठाकुरजी अपने-अपने विमानों में विराजमान होंगे, सुम्मेरा तालाब पर जलविहार के लिए निकलेंगे, जिसमें पूरे जनपद से लोग एकत्रित होकर इस धार्मिक उत्सव में शामिल होते हैं। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय का मुहर्रम का महीना भी शुरू हो गया। इसमें मुस्लिम समुदाय द्वारा मुहर्रम की दस तारीख को ताजिये भी निकाले जाते हैं। इस तरह यह महीना पूरी तरह से धार्मिक पर्वों के लिए जाना जाता है। महीने भर विभिन्न धर्मों के धार्मिक पूर्व को लेकर जहां जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं, वहीं शहर की सड़कों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। मुख्य घंटाघर से सावरकर चौक और घंटाघर से पुरानी तहसील तिराहे तक एवं घंटाघर से जेल चौराहा तक सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। यहां गड्ढेें के साथ गिट्टी भी उखड़ गई है, जो वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी दिक्कत दे रही है। वहीं तुवन चौराहा से लेकर मुख्य कचहरी रोड, वर्णी चौराहा से कचहरी चौराहा और इसके बाद सदनशाह क्षेत्र में भी सड़कों की स्थिति काफी खराब है। वहीं कचहरी रोड पर सड़कों में गड्ढे होने के साथ ही यहां सड़कों की जीरा गिट्टी भी उखड़ गई है, जिससे बाइक तेज सरपट फर्राटा भर रहे वाहनों के फिसलने से खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है और आए दिन यहां वाइक सवार तो फिसलने से चुटहिल हो रहे हैं। अब जब धार्मिक उत्सव शुरु हो रहे हैं, तो ऐसे में सड़कों के गड्ढे श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बन गए हैं। वहीं बीस सितंबर को शहर में जलविहार पर्व पर विभिन्न मंदिरों के दर्जनों विमानों की शोभायात्रा एक उत्सव के रुप में मनाई जानी है, लेकिन शोभायात्रा मार्ग में गड्ढे और गिट्टी होने के कारण शोभायात्रा में श्रद्धालुओं को भी दिक्कत हो सकती है। कई संगठनों द्वारा ज्ञापन देकर पूर्व में भी कई बार सड़कों की स्थिति को लेकर मांग कर चुके हैं, लेकिन अब भी सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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