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जल संस्थान ने अपने हॉल पर छोड़ी मलिन बस्ती

Wed, 27 Jun 2018 02:44 AM IST
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:44 AM IST
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जल संस्थान ने अपने हॉल पर छोड़ी मलिन बस्ती
जल संस्थान ने अपने हाल पर छोड़ी मलिन बस्ती
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कहीं मटमैला पानी तो कहीं पहुंच ही नहीं रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर क्षेत्र के वार्ड नंबर दो स्थित रैदासपुरा मुहल्लावासी पेयजल की समस्या खत्म नहीं हो रही है। मुहल्ले में कहीं मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है तो कहीं जलापूर्ति अभी भी बाधित बनी हुई है। इससे स्थानीय लोगों को दो सौ से पांच सौ मीटर की दूरी पर लगे हैंडपंपों से पानी जुटाना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि शहर के लोअर जोन में सबसे ज्यादा पेयजल की किल्लत वार्ड नंबर दो रैदासपुरा में बनी है। पूरे गर्मी के सीजन में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची रही। इसके बाद भी दलित बाहुल्य वार्ड की किसी ने सुध नहीं ली। यही वजह है कि यहां के वाशिंदों को आज भी पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। किसी गली में बमुश्किल दो कुप्पा पानी की आपूर्ति हो रही है तो किसी गली में पानी की पाइप लाइनें महीनों से सूखी पड़ी हुई हैं। इससे स्थानीय लोगों को हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यहां की विडंबना यह है कि आमतौर पर यहां हैंडपंप सफल नहीं होते, जिससे चुनिंदा हैंडपंप लगे हुए हैं। जिन पर दबाव बना रहता है। हैंडपंपों पर अत्यधिक भीड़ रहने से कई पुरुष व महिलाएं पुरानी बजरिया में लगे हैंडपंप से पानी जुटा रही हैं तो कुछ लोग मुहल्ला चौबयाना और मुहल्ला खिरकापुरा से पानी से इंतजाम कर रहे हैं। इन सब के बाद भी किसी ने यहां पानी के टैंकर की शक्ल नहीं देखी है। तमाम परिवार तो ऐसे हैं जो जलापूर्ति के इंतजार में रात यूं ही गुजार देते हैं। मुहल्लेवासियों में विभाग के प्रति गहरा असंतोष देखा जा रहा है।
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गलियों में नहीं पहुंचा आपूर्ति का पानी
वार्ड के मेन रोड में चार इंच तो गलियों में दो इंच की पाइप लाइन बिछी हुई है। इससे गलियों में पानी नहीं पहुंचता है। केवल निचले इलाकों में पानी आता है जो लोग ऊपरी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, उनके लिए पेयजल की बड़ी समस्या है।
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राम सिंह

नल के इंतजार में रात होती खराब
सुबह के समय नल में पानी नहीं आता है। कभी कभार रात्रि में पानी पाइप लाइनों में आ जाता है। इसी इंतजार में रात्रि खराब हो जाती है। कई बार पानी मिल जाता है तो कई बार मायूसी हाथ लगती है। यहां की समस्या देखने व सुनने के लिए कोई नहीं आता है।
पार्वती
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मटमैले पानी की हो रही आपूर्ति
मुहल्ले की पाइप लाइनों में लीकेज बने हुए हैं। जिससे मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। पानी को भरने के दौरान इसे कपड़े से छानते हैं तब भी पानी का रंग नहीं जाता है। इसी पानी को पी रहे हैं लेकिन बीमार होने का डर बना रहता है। इसकी शिकायत करने के लिए किससे पास जाए कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।
अनिल

जलापूर्ति के समय बिजली की हो कटौती
सुबह पांच से सात बजे तक जलापूर्ति के दौरान बिजली की कटौती की जाए। इससे सभी लोगों को पानी मिल सके। जलापूर्ति के समय बिजली बने रहने से पानी ऊपरी क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाता है। जो लोग सक्षम हैं वे टुल्लू चलाते हैं, जिससे पूरा पानी खिच जाता है। इस वजह से ऊपरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग पीने के पानी से वंचित रह जाते हैं।
सचिन

पानी मिले या नहीं, बिल जरूर मिलता समय से
रैदासपुरा में पीने के पानी का इंतजाम किया नहीं जा रहा है। लेकिन विभाग हर महीने बिल जरूर भेज देता है। अफसरों को चाहिए कि पहले पानी उपलब्ध कराए और उसके पश्चात बिल तो सभी को अच्छा लगेगा। वर्तमान में दो सौ से पांच सौ मीटर दूरी से पानी जुटाना पड़ रहा है।

अशोक पेंटर

अमृत के कनेक्शन पड़े सूखे
विभाग ने अमृत योजना के तहत जल के कनेक्शन तो दे दिए लेकिन उनमें पानी ही नहीं आ रहा है। इससे निशुल्क कनेक्शन देना का क्या मतलब, पिछले कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। आज मुश्किल से दो कुप्पा पानी मिल पाया। खिरकापुरा से पानी भरकर जरूरत पूरी कर रहे हैं।
सिया

समस्या की हकीकत का लगाएंगे पता
वार्ड नंबर दो में पेयजल की समस्या संज्ञान में आई है। इसका पता लगाकर जलापूर्ति दुरूस्त कराई जाएगी।
रामभुवन राम
अवर अभियंता, जल संस्थान
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