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धूमधाम से मनाया हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव
Updated Wed, 27 Jun 2018 01:48 AM IST
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धूमधाम से मनाया हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव
अखंड हिंदू साम्राज्य के संकल्प पर प्रकाश डाला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद बाल क्रीड़ा स्थल की महावीर शाखा पर हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया गया। नगर कार्यवाह प्रताप गुप्ता ने अतिथियों का परिचय कराया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला प्रचारक कौशल किशोर ने बौद्धिक में शिवाजी की मां जीजाबाई के अखंड हिंदू साम्राज्य के संकल्प पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीजाबाई ने बाल्यकाल में ही हिंदू गौरव को पुनर्स्थापित का संकल्प धारण कर लिया था और अपने विवाह से लेकर अपने पुत्र शिवाजी की परवरिश, सिंहासनरोहण और हिंदू साम्राज्य की स्थापना होने तक अडिग रहीं। साम्राज्य की स्थापना से लेकर उसके सुशासन तक प्रत्येक मामले में शिवाजी अपनी माता से मंत्रणा से ही निर्णय लेते थे।
मुगलों के अत्याचार उस समय चरम पर थे। हिंदू आस्थाओं के प्रतीक मंदिरों-मठों को लूटकर नष्ट कर दिया जाता था और उनका मूल स्वरूप बदलकर मुगलों ने अपने प्रतीकों की स्थापना की और हिंदुत्व को यथासंभव धूल-धूसरित करने का षड्यंत्र रचा, यहां तक कि हिंदुत्व के प्राण उसके तीज-त्योहारों को मनाने पर टैक्स लगा दिया था। मुगल आतंकवाद के विरुद्ध महाराज शिवाजी ने स्वदेशी हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के लिए धीरे-धीरे देसी रियासतों-राज्यों को हिदुत्व के प्रतीक भगवा-ध्वज के नीचे इकट्ठा करना प्रारंभ किया और उनके प्रयासों के कारण ही मुगल साम्राज्य जड़ से उखड़ गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश देवलिया ने कहा कि हिंदू साम्रज्य की नींव महाराज शिवाजी ने रखी थी और इसीलिए उनके जन्मदिवस को हिन्दू साम्राज्य के रूप में मनाने की परंपरा संघ द्वारा रखी गई। शिवाजी ने अपनी बुद्धिमत्ता, रणकौशल और बहादुरी के बल पर हर बार मुगलों को धूल चटाई। शिवाजी से प्रेरणा लेकर ही भारत के अनेक हिस्सों में आजादी के आंदोलन के रणभेरी गूंजने लगी। महाराज शिवाजी ने ही वास्तविक लोकतंत्र के सिद्धांत की स्थापना की और राज्य की शक्ति व्यक्ति की अपेक्षा राज्य के दायित्वधारी पद में निहित बताई और इसी सिद्धांत को देश के संविधान की आत्मा बनाया गया। कार्यक्रम में नगर शारीरिक प्रमुख दीपक बुंदेला ने योग और आसन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में जिला सह-संघचालक रमेश सोनी, जिला कार्यवाह सज्जन शर्मा, नगर प्रचारक प्रीतेश, नगर प्रचार प्रमुख सम्राट सिंह बनाफर के अतिरिक्त सुभाष सर्राफ, आशीष चौबे, महेश मिश्रा, अरविंद सोनी, केएल मालवीय, सोनू राठौर, संग्राम बुंदेला, बृजेंद्र गौर, विवेक राठौर, रामकुमार वर्मा, रामकुमार नामदेव, मुकुल, गोपीलाल, विकास गुप्ता, सोनू यादव, अभिषेक, विवेक बोहरे, शत्रुघन साहू, अवधेश नामदेव, कैलाश, योगेश, दयाराम, सतेंद्र जैन, कपिल दुबे बांसी, मनीष श्रीवास्तव, अनिल अंचल उपस्थित रहे।
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अखंड हिंदू साम्राज्य के संकल्प पर प्रकाश डाला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद बाल क्रीड़ा स्थल की महावीर शाखा पर हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया गया। नगर कार्यवाह प्रताप गुप्ता ने अतिथियों का परिचय कराया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला प्रचारक कौशल किशोर ने बौद्धिक में शिवाजी की मां जीजाबाई के अखंड हिंदू साम्राज्य के संकल्प पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीजाबाई ने बाल्यकाल में ही हिंदू गौरव को पुनर्स्थापित का संकल्प धारण कर लिया था और अपने विवाह से लेकर अपने पुत्र शिवाजी की परवरिश, सिंहासनरोहण और हिंदू साम्राज्य की स्थापना होने तक अडिग रहीं। साम्राज्य की स्थापना से लेकर उसके सुशासन तक प्रत्येक मामले में शिवाजी अपनी माता से मंत्रणा से ही निर्णय लेते थे।
मुगलों के अत्याचार उस समय चरम पर थे। हिंदू आस्थाओं के प्रतीक मंदिरों-मठों को लूटकर नष्ट कर दिया जाता था और उनका मूल स्वरूप बदलकर मुगलों ने अपने प्रतीकों की स्थापना की और हिंदुत्व को यथासंभव धूल-धूसरित करने का षड्यंत्र रचा, यहां तक कि हिंदुत्व के प्राण उसके तीज-त्योहारों को मनाने पर टैक्स लगा दिया था। मुगल आतंकवाद के विरुद्ध महाराज शिवाजी ने स्वदेशी हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के लिए धीरे-धीरे देसी रियासतों-राज्यों को हिदुत्व के प्रतीक भगवा-ध्वज के नीचे इकट्ठा करना प्रारंभ किया और उनके प्रयासों के कारण ही मुगल साम्राज्य जड़ से उखड़ गया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश देवलिया ने कहा कि हिंदू साम्रज्य की नींव महाराज शिवाजी ने रखी थी और इसीलिए उनके जन्मदिवस को हिन्दू साम्राज्य के रूप में मनाने की परंपरा संघ द्वारा रखी गई। शिवाजी ने अपनी बुद्धिमत्ता, रणकौशल और बहादुरी के बल पर हर बार मुगलों को धूल चटाई। शिवाजी से प्रेरणा लेकर ही भारत के अनेक हिस्सों में आजादी के आंदोलन के रणभेरी गूंजने लगी। महाराज शिवाजी ने ही वास्तविक लोकतंत्र के सिद्धांत की स्थापना की और राज्य की शक्ति व्यक्ति की अपेक्षा राज्य के दायित्वधारी पद में निहित बताई और इसी सिद्धांत को देश के संविधान की आत्मा बनाया गया। कार्यक्रम में नगर शारीरिक प्रमुख दीपक बुंदेला ने योग और आसन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में जिला सह-संघचालक रमेश सोनी, जिला कार्यवाह सज्जन शर्मा, नगर प्रचारक प्रीतेश, नगर प्रचार प्रमुख सम्राट सिंह बनाफर के अतिरिक्त सुभाष सर्राफ, आशीष चौबे, महेश मिश्रा, अरविंद सोनी, केएल मालवीय, सोनू राठौर, संग्राम बुंदेला, बृजेंद्र गौर, विवेक राठौर, रामकुमार वर्मा, रामकुमार नामदेव, मुकुल, गोपीलाल, विकास गुप्ता, सोनू यादव, अभिषेक, विवेक बोहरे, शत्रुघन साहू, अवधेश नामदेव, कैलाश, योगेश, दयाराम, सतेंद्र जैन, कपिल दुबे बांसी, मनीष श्रीवास्तव, अनिल अंचल उपस्थित रहे।
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