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बाल क्रीड़ा के नाम पर धन उगाही के मामले की हो जांच
Updated Wed, 24 Oct 2018 01:24 AM IST
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बाल क्रीड़ा के नाम पर धन उगाही के मामले की हो जांच
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के नाम पर की गई धन उगाही के मामले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बीएसए को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने आरोप लगाया कि बगैर किसी लिखित आदेश के सभी विकास खंडों में विद्यालयों से तीन सौ रुपये के हिसाब से धन की उगाही हुई है। इसकी जांच कराना आवश्यक हो गया है। इसी प्रकार शिक्षकों के समायोजन में अनियमितताएं बरती गई हैं। इस प्रक्रिया को निरस्त किया जाए। अंग्रेजी माध्यम से संचालित विद्यालयों में पूर्व से हिंदी माध्यम के अध्यापक डटे हुए हैं, जिन्हें अभी तक हटाया नहीं गया है इससे कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। शासन ने स्वेटर वितरण के लिए तारीख तय कर दी है लेकिन इस मद में अभी तक धनराशि नहीं दी गई है, इसलिए वितरण की तिथि बढ़ाना आवश्यक हो गया है। मध्याह्न भोजन योजना में अप्रैल 18 से कन्वर्जन कास्ट एवं फलों की धनराशि विद्यालयों को नहीं दी गई है। उन्होंने समस्त प्रकार की अस्थाई संबद्घता समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, हरीराम खरे, आलोक स्वामी, विनय रजक, सुषमा साध, अनीता कुशवाहा, जर्नादन शुक्ला, संतोष रजक, महेंद्र निरंजन, प्रदीप राठौर आदि शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता के नाम पर की गई धन उगाही के मामले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने बीएसए को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने आरोप लगाया कि बगैर किसी लिखित आदेश के सभी विकास खंडों में विद्यालयों से तीन सौ रुपये के हिसाब से धन की उगाही हुई है। इसकी जांच कराना आवश्यक हो गया है। इसी प्रकार शिक्षकों के समायोजन में अनियमितताएं बरती गई हैं। इस प्रक्रिया को निरस्त किया जाए। अंग्रेजी माध्यम से संचालित विद्यालयों में पूर्व से हिंदी माध्यम के अध्यापक डटे हुए हैं, जिन्हें अभी तक हटाया नहीं गया है इससे कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। शासन ने स्वेटर वितरण के लिए तारीख तय कर दी है लेकिन इस मद में अभी तक धनराशि नहीं दी गई है, इसलिए वितरण की तिथि बढ़ाना आवश्यक हो गया है। मध्याह्न भोजन योजना में अप्रैल 18 से कन्वर्जन कास्ट एवं फलों की धनराशि विद्यालयों को नहीं दी गई है। उन्होंने समस्त प्रकार की अस्थाई संबद्घता समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, हरीराम खरे, आलोक स्वामी, विनय रजक, सुषमा साध, अनीता कुशवाहा, जर्नादन शुक्ला, संतोष रजक, महेंद्र निरंजन, प्रदीप राठौर आदि शामिल रहे।