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धम्मयात्रा के साथ संगोष्ठी का आयोजन हुआ
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:08 AM IST
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धम्मयात्रा के साथ संगोष्ठी का आयोजन हुआ
रविवार को देवगढ़ रवाना हुई धम्मयात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सुमेध भूमि बुद्ध विहार की ओर से शनिवार की सुबह आठ बजे एक धम्मयात्रा शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर निकाली गई। धम्मयात्रा के बाद अंबेडकर पार्क में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
धम्म यात्रा शनिवार की सुबह शहर के वर्णी चौराहा स्थित लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस के सामने डिप्टी कलेक्टर पद्म सिंह व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रामसूरत ने शुभारंभ किया। धम्मयात्रा वर्णी चौराहा से शुरू होकर तुवन चौराहा, कंपनीबाग, घंटाघर, होते हुए सुबह नौ बजे सुमेध भूमि बुद्ध विहार डॉ. आंबेडकर पार्क पहुंची। आंबेडकर पार्क में एक सभा गोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां बुद्ध एवं बौद्ध धम्म से संबंधित एंसिऐंट बुद्धिस्म वार्षिक पत्रिका के पांचवे अंक का विमोचन श्रीलंका के बौद्घ भिक्खु बाई सीलवंश थेरो ने किया। यहां भंते ने कहा कि बुद्घ धम्म के चार आर्य सत्य एवं आठ आष्टांगिक मार्गों को सरल एवं विस्तार से समझाया। सुबह सत्र में बौद्घ भिक्खुओं ने हिंदी व अंग्रेजी मेें संदेश एवं व्याख्यान प्रस्तुुत किया। शाक्य एवं कोलीय वंश के इतिहास की कविता गोविंद वर्मा ने प्रस्तुत की। विकास के क्रम में एक स्थान से दूसरे स्थान पर निवास माइग्रेशन, मानसिकता संस्कृति, मोरेलिटी, प्रज्ञा के क्रम में जलवायु परिवर्तन पर फैजाबाद के डॉ. राम कल्प तिवारी का शोध लेख महत्वपूर्ण प्रस्तुति रहा। निब्बान की दिशा में मैटाफिजिक्स अर्थात सुल्तान के डा. बजरंगी यादव, पूजा सिंह एवं प्रिया सिंह ने विश्वशांति के लिए बुद्घ की शिक्षा ही सर्वोपरि साधन बताया और आधुुनिक समय में बोधिसत्व भारत रत्न डा.अंबेडकर का दिशा निर्देश मानव मात्र के लिए कलयाणकारी मार्ग है। फूलों के राजकुमार विषय पर नागपुर के मिलिंद जीवन ने ऐंसिएंट बुद्धिस्म वार्षिक पत्रिका के पांचवें अंक में समाहित कराई। धर्म अधर्म और सद्घर्ध पर लखनऊ के जीपी गौतम ने धर्म का उल्लेख किया। शाम पांच बजे विकास भवन के सभागार में प्रमाण पत्र वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम हुआ। शाम छह बजे दीपदान कैंडल मार्च विकास भवन से शुरु होकर सात बजे डॉ. आंबेडकर पार्क पहुंचकर पार्क एवं बुद्घविहार को दीपदान से रोशन किया गया। आठ अप्रैल को धम्म यात्रा डा. आंबेडकर पार्क पर सुबह पूजा वंदना के बाद देवगढ़ के लिए प्रस्थान कर गई।
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रविवार को देवगढ़ रवाना हुई धम्मयात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सुमेध भूमि बुद्ध विहार की ओर से शनिवार की सुबह आठ बजे एक धम्मयात्रा शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर निकाली गई। धम्मयात्रा के बाद अंबेडकर पार्क में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
धम्म यात्रा शनिवार की सुबह शहर के वर्णी चौराहा स्थित लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस के सामने डिप्टी कलेक्टर पद्म सिंह व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रामसूरत ने शुभारंभ किया। धम्मयात्रा वर्णी चौराहा से शुरू होकर तुवन चौराहा, कंपनीबाग, घंटाघर, होते हुए सुबह नौ बजे सुमेध भूमि बुद्ध विहार डॉ. आंबेडकर पार्क पहुंची। आंबेडकर पार्क में एक सभा गोष्ठी का आयोजन किया गया। यहां बुद्ध एवं बौद्ध धम्म से संबंधित एंसिऐंट बुद्धिस्म वार्षिक पत्रिका के पांचवे अंक का विमोचन श्रीलंका के बौद्घ भिक्खु बाई सीलवंश थेरो ने किया। यहां भंते ने कहा कि बुद्घ धम्म के चार आर्य सत्य एवं आठ आष्टांगिक मार्गों को सरल एवं विस्तार से समझाया। सुबह सत्र में बौद्घ भिक्खुओं ने हिंदी व अंग्रेजी मेें संदेश एवं व्याख्यान प्रस्तुुत किया। शाक्य एवं कोलीय वंश के इतिहास की कविता गोविंद वर्मा ने प्रस्तुत की। विकास के क्रम में एक स्थान से दूसरे स्थान पर निवास माइग्रेशन, मानसिकता संस्कृति, मोरेलिटी, प्रज्ञा के क्रम में जलवायु परिवर्तन पर फैजाबाद के डॉ. राम कल्प तिवारी का शोध लेख महत्वपूर्ण प्रस्तुति रहा। निब्बान की दिशा में मैटाफिजिक्स अर्थात सुल्तान के डा. बजरंगी यादव, पूजा सिंह एवं प्रिया सिंह ने विश्वशांति के लिए बुद्घ की शिक्षा ही सर्वोपरि साधन बताया और आधुुनिक समय में बोधिसत्व भारत रत्न डा.अंबेडकर का दिशा निर्देश मानव मात्र के लिए कलयाणकारी मार्ग है। फूलों के राजकुमार विषय पर नागपुर के मिलिंद जीवन ने ऐंसिएंट बुद्धिस्म वार्षिक पत्रिका के पांचवें अंक में समाहित कराई। धर्म अधर्म और सद्घर्ध पर लखनऊ के जीपी गौतम ने धर्म का उल्लेख किया। शाम पांच बजे विकास भवन के सभागार में प्रमाण पत्र वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम हुआ। शाम छह बजे दीपदान कैंडल मार्च विकास भवन से शुरु होकर सात बजे डॉ. आंबेडकर पार्क पहुंचकर पार्क एवं बुद्घविहार को दीपदान से रोशन किया गया। आठ अप्रैल को धम्म यात्रा डा. आंबेडकर पार्क पर सुबह पूजा वंदना के बाद देवगढ़ के लिए प्रस्थान कर गई।
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