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घुंघट की आड़ में किया महिला उम्मीदवारों ने नामांकन
Updated Tue, 07 Nov 2017 01:30 AM IST
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कैप्सन-
घूंघट की ओट में किया महिला उम्मीदवारों ने नामांकन
निकाय चुनाव के महाकुंभ में पतियों का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर निकाय चुनाव में भले ही महिलाओं की नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद पद पर उम्मीदवारी तय की गई हो, लेकिन आज भी महिलाओं को समाज के रूढ़िवादी बंधनों ने जकड़ रखा है। इस बार के चुनाव में भी कुछ को छोड़कर अधिकांश महिला प्रत्याशियों ने घूंघट में रहकर ही अध्यक्ष और पार्षद पद का नामांकन भरा, वहीं, महिला प्रत्याशियों की अपेक्षा उनके पति ही नामांकन जुलूस में सर्वेसर्वा रहे।
नगर निकाय चुनाव में ललितपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए महिला सीट आरक्षित की गई है, जबकि विभिन्न वार्डों में पार्षद पद के लिए अलग-अलग सीटें आरक्षित या फिर अनारक्षित हैं। पालिका अध्यक्ष और कई वार्डों में पार्षद पद के लिए महिला सीट आरक्षित हैं। इसके चलते उन सीटों पर महिला उम्मीदवारों द्वारा नामांकन किया जा रहा है। नामांकन के दौरान महिला उम्मीदवार के सामने ससुर, जेठ या अन्य वरिष्ठ परिजनों के साथ रहने पर उनकी मर्यादा का भी ख्याल रखना मजबूरी रही। इसके चलते अधिकांश महिला उम्मीदवार नामांकन करने के लिए अपने समर्थकों के साथ भारी संख्या में तहसील प्रांगण पहुंचीं, लेकिन यहां उन्हें घूंघट में रहकर ही परचा दाखिल करना पड़ा।
नामांकन दाखिल करने के लिए महिला प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक भारी संख्या में साथ भी रहे, लेकिन यहां भी महिला उम्मीदवारों की अपेक्षा उनके पतियों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था। कई महिला उम्मीदवार तो मीडिया के सवालों का जवाब देने से भी कतराती दिखीं और उन्होंने अपने पतियों या फिर परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने के लिए उनकी ओर इशारा किया। इसका कारण साफ रहा कि वह पहली बार इस प्रकारके किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जनता के सामने रूबरू हुईं। यहां तक कि अधिकांश महिला उम्मीदवारों का राजनीतिक जीवन से दूर-दूर तक नाता नहीं रहा, लेकिन महिला सीट आरक्षित होने की वजह से उनके पतियों के दबाव की वजह से उन्हें चुनाव मैदान में कूदना पड़ा है। हालांकि, कुछ महिला प्रत्याशियों ने पतियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अपने पुराने सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेकर अपना अनुभव बढ़ाया है, जो उन्हें इस निकाय चुनाव के महाकुंभ में काम आ रहा है।
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घूंघट की ओट में किया महिला उम्मीदवारों ने नामांकन
निकाय चुनाव के महाकुंभ में पतियों का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर निकाय चुनाव में भले ही महिलाओं की नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद पद पर उम्मीदवारी तय की गई हो, लेकिन आज भी महिलाओं को समाज के रूढ़िवादी बंधनों ने जकड़ रखा है। इस बार के चुनाव में भी कुछ को छोड़कर अधिकांश महिला प्रत्याशियों ने घूंघट में रहकर ही अध्यक्ष और पार्षद पद का नामांकन भरा, वहीं, महिला प्रत्याशियों की अपेक्षा उनके पति ही नामांकन जुलूस में सर्वेसर्वा रहे।
नगर निकाय चुनाव में ललितपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए महिला सीट आरक्षित की गई है, जबकि विभिन्न वार्डों में पार्षद पद के लिए अलग-अलग सीटें आरक्षित या फिर अनारक्षित हैं। पालिका अध्यक्ष और कई वार्डों में पार्षद पद के लिए महिला सीट आरक्षित हैं। इसके चलते उन सीटों पर महिला उम्मीदवारों द्वारा नामांकन किया जा रहा है। नामांकन के दौरान महिला उम्मीदवार के सामने ससुर, जेठ या अन्य वरिष्ठ परिजनों के साथ रहने पर उनकी मर्यादा का भी ख्याल रखना मजबूरी रही। इसके चलते अधिकांश महिला उम्मीदवार नामांकन करने के लिए अपने समर्थकों के साथ भारी संख्या में तहसील प्रांगण पहुंचीं, लेकिन यहां उन्हें घूंघट में रहकर ही परचा दाखिल करना पड़ा।
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नामांकन दाखिल करने के लिए महिला प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक भारी संख्या में साथ भी रहे, लेकिन यहां भी महिला उम्मीदवारों की अपेक्षा उनके पतियों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था। कई महिला उम्मीदवार तो मीडिया के सवालों का जवाब देने से भी कतराती दिखीं और उन्होंने अपने पतियों या फिर परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने के लिए उनकी ओर इशारा किया। इसका कारण साफ रहा कि वह पहली बार इस प्रकारके किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जनता के सामने रूबरू हुईं। यहां तक कि अधिकांश महिला उम्मीदवारों का राजनीतिक जीवन से दूर-दूर तक नाता नहीं रहा, लेकिन महिला सीट आरक्षित होने की वजह से उनके पतियों के दबाव की वजह से उन्हें चुनाव मैदान में कूदना पड़ा है। हालांकि, कुछ महिला प्रत्याशियों ने पतियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर अपने पुराने सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेकर अपना अनुभव बढ़ाया है, जो उन्हें इस निकाय चुनाव के महाकुंभ में काम आ रहा है।
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