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श्रावण मास में भी दुरूस्त नहीं हो पाए देवालयों के मार्ग
Updated Mon, 30 Jul 2018 03:16 AM IST
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श्रावण मास में भी दुरुस्त नहीं हो पाए देवालयों के मार्ग
ललितपुर। श्रावण मास में देवालयों के मार्ग दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। बलखंडी मंदिर, पंचमुखी मंदिर तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। इस रास्ते पर जगह-जगह छोटे बड़े गड्ढे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है।
श्रावण मास भगवान भोलेशंकर की पूजा-अर्चना का महीना है। पूरे माह देवालयों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। विशेषकर सोमवार को शिवालयों में भोले शंकर की विशेष पूजा-अर्चना व अभिषेक का किया जाता है। लेकिन नगर पालिका परिषद की ओर से साफ-सफाई जैसी तैयारी नजर नहीं आ रही हैं। शिवालयों के आसपास तो साफ-सफाई ठीक है, लेकिन देवालयों के आसपास अभी तक किसी का ध्यान तक नहीं गया है। खिरकापुरा से होकर जाने वाले मार्ग पर बूढ़े बाबा मंदिर, कंचनघाट मंदिर, बलखंडी मंदिर, पंचमुखी मंदिर है। लेकिन बाईपास उतरते ही मार्ग खस्ताहाल नजर आता है। कंचनघाट मंदिर का कच्चा मार्ग है, जिससे यहां बारिश के दिनों में कीचड़ हो जाता है। जबकि पंचमुखी मंदिर के रास्ते में छोटे-बड़े गड्ढे हैं। बलखंडी मंदिर का रास्ता पूरी तरह खराब हो गया है। इसमें सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। विष्णुपुरा में मंदिर के आसपास साफ सफाई की समस्या है। अन्य जगहों पर देवालयों के मार्ग भी ठीक नहीं हैं। इसके बाद भी नगर पालिका ने मार्ग दुरूस्त करने के लिए कदम नहीं उठाए हैं।
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ललितपुर। श्रावण मास में देवालयों के मार्ग दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। बलखंडी मंदिर, पंचमुखी मंदिर तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। इस रास्ते पर जगह-जगह छोटे बड़े गड्ढे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है।
श्रावण मास भगवान भोलेशंकर की पूजा-अर्चना का महीना है। पूरे माह देवालयों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। विशेषकर सोमवार को शिवालयों में भोले शंकर की विशेष पूजा-अर्चना व अभिषेक का किया जाता है। लेकिन नगर पालिका परिषद की ओर से साफ-सफाई जैसी तैयारी नजर नहीं आ रही हैं। शिवालयों के आसपास तो साफ-सफाई ठीक है, लेकिन देवालयों के आसपास अभी तक किसी का ध्यान तक नहीं गया है। खिरकापुरा से होकर जाने वाले मार्ग पर बूढ़े बाबा मंदिर, कंचनघाट मंदिर, बलखंडी मंदिर, पंचमुखी मंदिर है। लेकिन बाईपास उतरते ही मार्ग खस्ताहाल नजर आता है। कंचनघाट मंदिर का कच्चा मार्ग है, जिससे यहां बारिश के दिनों में कीचड़ हो जाता है। जबकि पंचमुखी मंदिर के रास्ते में छोटे-बड़े गड्ढे हैं। बलखंडी मंदिर का रास्ता पूरी तरह खराब हो गया है। इसमें सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। विष्णुपुरा में मंदिर के आसपास साफ सफाई की समस्या है। अन्य जगहों पर देवालयों के मार्ग भी ठीक नहीं हैं। इसके बाद भी नगर पालिका ने मार्ग दुरूस्त करने के लिए कदम नहीं उठाए हैं।
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