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कस्तूरबा गांधी आवसीय विद्यालय में स्टाफ को महिनों से नहीं मिल रहा वेतन
Updated Thu, 14 Dec 2017 01:13 AM IST
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बजट का अभाव
ललितपुर। सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्रामीण गरीब परिवार की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जनपद के समस्त ब्लॉक में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बजट के अभाव में इन विद्यालयों में संविदा पर तैनात कर्मियों व स्टाफ को विगत तीन महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी खड़ी हो रही है।
जनपद में समस्त छह ब्लॉकों में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। विकासखंड बार का कस्बा बानपुर में, जखौरा ब्लॉक का ग्राम मिर्चवारा में, बिरधा ब्लॉक का ग्राम कल्याणपुरा में, तालबेहट ब्लॉक का ग्राम तरगुवां में, मड़ावरा ब्लॉक का ग्राम गौना में, महरौनी ब्लॉक का ग्राम मलईपुरा में बना हुआ है। इन आवासीय विद्यालयों में 100-100 बालिकाएं शिक्षा प्राप्त कर रहीं हैं। प्रत्येक आवासीय विद्यालय में लगभग 14 लोगों का स्टाफ है, जो संविदा पर तैनात हैं। इसमें करीब आधा स्टाफ चौबीस घंटे की नौकरी करता है। बीते तीन माह से स्टाफ को मानदेय नहीं मिला है। इसके पीछे की वजह विभागीय अधिकारी बजट का अभाव बता रहे हैं। बजट के लिए भी विभाग के द्वारा शासन को लगातार पत्र भेजा जा रहा है। मानदेय नहीं मिलने के कारण स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तो गनीमत है कि इन आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों के खाद्य पदार्थों व आवश्यक सामग्री की आपूर्ति वार्षिक ठेके पर चलती है, इस वजह से समस्या पैदा नहीं हो पा रही है।
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ललितपुर। सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्रामीण गरीब परिवार की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जनपद के समस्त ब्लॉक में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बजट के अभाव में इन विद्यालयों में संविदा पर तैनात कर्मियों व स्टाफ को विगत तीन महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी खड़ी हो रही है।
जनपद में समस्त छह ब्लॉकों में एक-एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। विकासखंड बार का कस्बा बानपुर में, जखौरा ब्लॉक का ग्राम मिर्चवारा में, बिरधा ब्लॉक का ग्राम कल्याणपुरा में, तालबेहट ब्लॉक का ग्राम तरगुवां में, मड़ावरा ब्लॉक का ग्राम गौना में, महरौनी ब्लॉक का ग्राम मलईपुरा में बना हुआ है। इन आवासीय विद्यालयों में 100-100 बालिकाएं शिक्षा प्राप्त कर रहीं हैं। प्रत्येक आवासीय विद्यालय में लगभग 14 लोगों का स्टाफ है, जो संविदा पर तैनात हैं। इसमें करीब आधा स्टाफ चौबीस घंटे की नौकरी करता है। बीते तीन माह से स्टाफ को मानदेय नहीं मिला है। इसके पीछे की वजह विभागीय अधिकारी बजट का अभाव बता रहे हैं। बजट के लिए भी विभाग के द्वारा शासन को लगातार पत्र भेजा जा रहा है। मानदेय नहीं मिलने के कारण स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तो गनीमत है कि इन आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों के खाद्य पदार्थों व आवश्यक सामग्री की आपूर्ति वार्षिक ठेके पर चलती है, इस वजह से समस्या पैदा नहीं हो पा रही है।
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