फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   जलकुंभी नहीं हटाई तो बारिश में ढह सकता नदी पुल

जलकुंभी नहीं हटाई तो बारिश में ढह सकता नदी पुल

Mon, 17 Jun 2019 12:37 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jun 2019 12:37 AM IST
विज्ञापन
जलकुंभी नहीं हटाई तो बारिश में ढह सकता नदी पुल
जलकुंभी से नदी के पुल पर मंडरा रहा खतरा
विज्ञापन

ललितपुर। नगर पालिका और सिंचाई विभाग के अफसर पिछली बारिश में ढह चुके शहजाद नदी के पुराने पुल से तनिक भी सबक नहीं ले रहे हैं। शहर के बीचोंबीच से निकली शहजाद नदी के पानी को जलकुंभी ने ढक लिया है, यदि इसे समय रहते साफ नहीं किया गया तो बारिश के दौरान यही जलकुंभी द्वारियों में फंसकर पुल बहा ले जाएगी और हम देखते रह जाएंगे। यह हम नहीं, बल्कि शहर के विभिन्न संगठनों की मांग है।
शहजाद नदी पर गोविंद सागर बांध बना है। यह नदी शहर से होकर निकली है। नदी पर दो पुल बने हुए हैं। एक पुल नदीपुरा में तो दूसरा पुराना रजवारा रोड स्थित पंचमुखी मंदिर के पास है। पिछली बारिश में बांध के गेट खुलने पर जलकुंभी सिमटकर पुराने पुल की द्वारियों में फंस गई थी, जिससे नदी का पुल ढह गया था, ऐसे में पंचमुखी मंदिर जाने वाले दर्शनार्थियों को आने-जाने में असुविधा उत्पन्न हो गई थी। बारिश के उपरांत नगर पालिका ने इस पुल पर आवागमन बहाल करने के लिए मिट्टी डलवा दी थी, तब से लेकर मिट्टी के सहारे आवागमन चल रहा है। यदि बारिश से पहले इस पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो बारिश में संपर्क मार्ग पुन: कट जाएगा।
विज्ञापन

विडंबना यह है कि पुल के ढहने के बाद भी नगर पालिका व सिंचाई विभाग के अधिकारी बेफिक्र बने हुए हैं। मानसून आने में चंद दिन शेष रह गए हैं, लेकिन इसके बाद भी बारिश के पूर्व की तैयारी नजर नहीं आ रही हैं। शहजाद नदी में जलकुंभी के कारण पानी कम ही दिखता है। कुछ जलकुंभी तो पुल की द्वारियों में भी पहुंच चुकी है। ऐसे में जब गोविंद सागर बांध के गेट खुलेंगे तो जलकुंभी सिमटकर पुल की द्वारियों में पहुंच जाएगी। यदि जलकुंभी द्वारियों से नहीं निकली गई तो पुल पानी का दवाब नहीं झेल पाएगा और इस स्थिति में नदीपुरा का पुल ढह जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, इसको लेकर सामाजिक संगठन पहले ही चिंता जता चुके हैं। बुंदेलखंड विकास सेना ने प्रदर्शन कर नगर पालिका का ध्यान इस ओर खींचा था। विकास सेना पदाधिकारियों का कहना है कि नदीपुरा का पुल भी वर्षों पुराना हो गया है। इसकी जगह नया पुल बनाने की जरूरत है। जब तक नया पुल नहीं बन जाता, तब तक पुल की देखरेख जरूरी है।

शहजाद नदी का आकार पहले के मुकाबले सिकुड़ गया है। इस कारण बारिश के दिनों में नदी में पानी का दबाव ज्यादा बन जाता है और इसका पानी आसपास की बस्ती में घुसने लगता है। पिछली बारिश में जलकुंभी शहजाद नदी के दोनों पुलों की द्वारियों में फंस गई थी। जब नदीपुरा के पुल की द्वारियों से जलकुंभी निकली तो पानी का बहाव और तेज हो गया जो आगे का पुल झेल नहीं पाया, जिससे वह धराशायी हो गया।
- अमित तिवारी, अध्यक्ष, स्वच्छ ललितपुर सुंदर ललितपुर जागरूकता अभियान

गोविंद सागर बांध से निकली शहजाद नदी में जलकुंभी बड़े पैमाने पर फैली है। इसे तत्काल हटाने की जरूरत है, क्योंकि केरल में मानसून पहुंच चुका है और इसके आगे बढ़ते ही समूचे देश में मानसून सक्रिय हो जाएगा। इसलिए बारिश का इंतजार किए बगैर इसकी साफ-सफाई जरूरी है। यदि जलकुंभी पुल की द्वारियों में फंसेगी तो इससे अवरुद्ध होकर आसपास के मुहल्ले में जल भराव की स्थिति बन सकती है।
- अखिलेश कुमार, सचिव, ललितपुर जागरूकता अभियान

शहजाद नदी के पुल से प्रशासनिक अधिकारी और प्रदेश के मंत्री गुजरते हैं, इसके बाद भी नदी में गंदगी पसरी है। नगर पालिका भी उदासीन बनी हुई है। यहां गंदगी साफ करने की जगह डंप की जा रही है। कई द्वारियां बंद भी हो चुकी हैं। इसके अलावा नदी के खाली इलाके में झाड़- झंक्कड़ खड़े हुए हैं। यदि इन्हें हटाया नहीं गया तो बारिश में पुल को नुकसान पहुंच सकता है।
- हरीश कपूर टीटू, प्रमुख, बुंदेलखंड विकास सेना

शहजाद नदी की सफाई की कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। इसमें नालियों से नदी में पहुंच रहे सॉलिड वेस्ट को रोकने पर फोकस है। शासन से मंजूरी मिलने पर कार्य कराया जाएगा।

- डॉ. संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद

शहजाद नदी के पुल की द्वारियों के बंद होने की सूचना मिली है, इसकी वास्तविकता जानने के लिए मौके का निरीक्षण किया जाएगा। इसके उपरांत नदी की सफाई कराई जाएगी।
- रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed