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उपकरणों के अभाव में सुदृढ़ नहीं हो पा रही सफाई व्यवस्था
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:39 AM IST
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उपकरण हैं नहीं, कैसे हो सफाई
ललितपुर।
शहर की सफाई व्यवस्था उपकरणों के अभाव में सुदृढ़ नहीं हो पा रही है। पहले उपकरणों की खरीद जीएसटी के फेर में फंसी और अब अध्यक्ष व ईओ के मध्य उपजे मतभेदों के चलते अटककर रह गई है। इसका खामियाजा सफाई कर्मियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर को साफ सुथरा बनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है। इसमें ई रिक्शा, चार प्रकार के डस्टबिन, डीपी कंटेनर, डाटा कंटेनर, रिफ्यूज कंटेनर, सीवर मशीन शामिल हैं। बीते माहों में इसकी खरीद का टेंडर हो चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर जीएसटी लागू हो गई। ठेकेदार को तय रेटों पर उपकरणों की आपूर्ति करने में समस्या खड़ी हो गई। अंतत: पालिका द्वारा टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से उपकरणों की खरीद किसी न किसी कारण से लटकती रही है। अब जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है। जिससे इसकी खरीद के प्रयास दोबारा शुरू हो गए हैं। लेकिन इसमें अध्यक्ष और ईओ के बीच उपजे मतभेदों ने खरीद को खटाई में डाल दिया है। सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इस खरीद को ई टेंडरिंग के माध्यम से कराने की इच्छुक हैं। वहीं, अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार इसकी खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से कराना चाह रहे हैं। बीते दिनों नगर पालिका ईओ ने प्रमुख सचिव नगर विकास से मार्गदर्शन मांगा है, जिससे ई टेंडरिंग की उम्मीदों को झटका लग गया है। बता दें कि अध्यक्ष रजनी साहू ने ईओ से नौ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगते हुए बोर्ड की बैठक बुला ली थी। लेकिन पार्षदों के बीच सहमति नहीं बनी। ऐसी स्थिति में अध्यक्ष ने कार्रवाई अगली बैठक तक टाल दी। उधर, आउट सोर्सिग कर्मचारियों के ठेका को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि जल्द ही इसका ठेका नहीं हुआ तो सफाई कर्मियों की कमी भी पड़ना तय माना जा रहा है।
ये लिखा ईओ ने सचिव को पत्र
जेम पोर्टल पर निकाय द्वारा पंजीकरण किया जा चुका है। लेकिन तकनीकी कारणों से जेम पोर्टल के माध्यम से उपकरणों की आपूर्ति लिया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। पोर्टल पर प्रदर्शित टोल फ्री नंबरों पर कई बार कई संपर्क किया जा चुका है, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका है। 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से डीएम की स्वीकृति उपरांत लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि से सफाई उपकरण क्रय किए जाने हैं। इस स्थिति में उन्होंने ई टेंडर की कार्रवाई करने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास से स्वीकृति मांगी है।
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आरोपों को सिरे से किया खारिज
उपकरणों की खरीद के टेंडर को लेकर कोई आपसी विवाद नहीं है। लेकिन सफाई के लिए उपकरणों की जरूरत पालिका को जरूर है। उन्होंने खरीद को लेकर लगाए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
समझौते के चल रहे प्रयास
अध्यक्ष और ईओ के बीच में तनातनी बढ़ने से कइयों को नुकसान नजर आ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। इसके लिए कई लोग आगे आए हैं। कर्मचारी से लेकर पार्षद मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि 31 मार्च से पहले समझौता होने के आसार हैं।
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ललितपुर।
शहर की सफाई व्यवस्था उपकरणों के अभाव में सुदृढ़ नहीं हो पा रही है। पहले उपकरणों की खरीद जीएसटी के फेर में फंसी और अब अध्यक्ष व ईओ के मध्य उपजे मतभेदों के चलते अटककर रह गई है। इसका खामियाजा सफाई कर्मियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर को साफ सुथरा बनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है। इसमें ई रिक्शा, चार प्रकार के डस्टबिन, डीपी कंटेनर, डाटा कंटेनर, रिफ्यूज कंटेनर, सीवर मशीन शामिल हैं। बीते माहों में इसकी खरीद का टेंडर हो चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर जीएसटी लागू हो गई। ठेकेदार को तय रेटों पर उपकरणों की आपूर्ति करने में समस्या खड़ी हो गई। अंतत: पालिका द्वारा टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से उपकरणों की खरीद किसी न किसी कारण से लटकती रही है। अब जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है। जिससे इसकी खरीद के प्रयास दोबारा शुरू हो गए हैं। लेकिन इसमें अध्यक्ष और ईओ के बीच उपजे मतभेदों ने खरीद को खटाई में डाल दिया है। सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इस खरीद को ई टेंडरिंग के माध्यम से कराने की इच्छुक हैं। वहीं, अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार इसकी खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से कराना चाह रहे हैं। बीते दिनों नगर पालिका ईओ ने प्रमुख सचिव नगर विकास से मार्गदर्शन मांगा है, जिससे ई टेंडरिंग की उम्मीदों को झटका लग गया है। बता दें कि अध्यक्ष रजनी साहू ने ईओ से नौ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगते हुए बोर्ड की बैठक बुला ली थी। लेकिन पार्षदों के बीच सहमति नहीं बनी। ऐसी स्थिति में अध्यक्ष ने कार्रवाई अगली बैठक तक टाल दी। उधर, आउट सोर्सिग कर्मचारियों के ठेका को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि जल्द ही इसका ठेका नहीं हुआ तो सफाई कर्मियों की कमी भी पड़ना तय माना जा रहा है।
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ये लिखा ईओ ने सचिव को पत्र
जेम पोर्टल पर निकाय द्वारा पंजीकरण किया जा चुका है। लेकिन तकनीकी कारणों से जेम पोर्टल के माध्यम से उपकरणों की आपूर्ति लिया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। पोर्टल पर प्रदर्शित टोल फ्री नंबरों पर कई बार कई संपर्क किया जा चुका है, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका है। 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से डीएम की स्वीकृति उपरांत लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि से सफाई उपकरण क्रय किए जाने हैं। इस स्थिति में उन्होंने ई टेंडर की कार्रवाई करने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास से स्वीकृति मांगी है।
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आरोपों को सिरे से किया खारिज
उपकरणों की खरीद के टेंडर को लेकर कोई आपसी विवाद नहीं है। लेकिन सफाई के लिए उपकरणों की जरूरत पालिका को जरूर है। उन्होंने खरीद को लेकर लगाए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
समझौते के चल रहे प्रयास
अध्यक्ष और ईओ के बीच में तनातनी बढ़ने से कइयों को नुकसान नजर आ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। इसके लिए कई लोग आगे आए हैं। कर्मचारी से लेकर पार्षद मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि 31 मार्च से पहले समझौता होने के आसार हैं।